क्या मध्य प्रदेश के सिंगरौली में मिट्टी की खदान ढहने से तीन लोगों की मौत हुई?
सारांश
Key Takeaways
- सुरक्षा उपायों की कमी ने तीन महिलाओं की जान ले ली।
- घटनास्थल की जांच की जा रही है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में अनौपचारिक खनन की गतिविधियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
- पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुँचाया है।
- जिला प्रशासन ने निगरानी अभियान शुरू करने का आश्वासन दिया है।
सिंगरौली, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के जियावां पुलिस थाना क्षेत्र में कुड़वार पुलिस चौकी के इलाके में रविवार को एक भयानक घटना हुई। यहाँ मिट्टी का टीला ढहने से तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं।
यह घटना उस समय घटित हुई, जब पाँच महिलाएँ एक अनौपचारिक मिट्टी की खदान में स्थानीय रूप से “छुई” के नाम से जानी जाने वाली सफेद मिट्टी निकालने गई थीं।
पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, सभी पीड़ित पास के परसोहर और हरहा गांवों की निवासी थीं। महिलाएँ नरम सफेद मिट्टी की खुदाई कर रही थीं, जो आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू और पारंपरिक कार्यों के लिए उपयोग की जाती है। इसी बीच, खदान की अस्थिर दीवारें अचानक ढह गईं और पाँचों महिलाएँ मिट्टी के नीचे दब गईं।
घटना के बाद महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस एवं प्रशासन को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस दल और स्थानीय बचावकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। कड़ी मेहनत के बाद सभी को मिट्टी के नीचे से निकाला गया, लेकिन दम घुटने और दबने के कारण तीन की मौके पर मौत हो गई।
मृतकों की पहचान प्रीति सिंह (१० वर्ष), बसंती (१६ वर्ष) और फूलमती यादव (५० वर्ष) के रूप में की गई है। वहीं, इस हादसे में घायल हुई दो महिलाओं कौशल्या सिंह (५० वर्ष) और सकमुनी सिंह (४५ वर्ष) को गंभीर चोटों के साथ बाहर निकाला गया और इलाज के लिए देवसर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन उनकी निगरानी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाएँ निजी और घरेलू उपयोग के लिए मिट्टी इकट्ठा करने गई थीं। प्रारंभिक जांच में यह संदेह जताया जा रहा है कि यह स्थल एक अनियमित या परित्यक्त खदान हो सकता है। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही अनौपचारिक खनन गतिविधियों में सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि घटना के समय वहाँ कोई और व्यक्ति था या नहीं।
घटना के बाद जिला प्रशासन ने मौके का निरीक्षण किया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक जांच एवं निगरानी अभियान शुरू करने की बात कही है।