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क्या एसआईआर के दूसरे चरण के लिए 50.97 करोड़ से अधिक ईपीएफ तैयार हैं, अब तक 97.52 प्रतिशत पर्चियां बांटी गईं?

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क्या एसआईआर के दूसरे चरण के लिए 50.97 करोड़ से अधिक ईपीएफ तैयार हैं, अब तक 97.52 प्रतिशत पर्चियां बांटी गईं?

सारांश

भारत निर्वाचन आयोग ने एसआईआर के दूसरे चरण की स्थिति पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। छपाई में सभी राज्य सफल रहे हैं, लेकिन वितरण में कुछ कमी देखने को मिली है। जानें किस राज्य ने कितनी पर्चियां वितरित की हैं।

मुख्य बातें

50.97 करोड़ से अधिक मतदाता पर्चियां छापी गईं।
97.52 प्रतिशत पर्चियां वितरित की गईं।
राजस्थान को छोड़कर सभी राज्यों ने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया।
बीएलए नियुक्ति से निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता।
मतदाता पर्ची में नाम, फोटो, और पोलिंग बूथ की जानकारी।

नई दिल्ली, 16 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण के तहत मतदाता पर्चियों (ईपीएफ) की छपाई और वितरण की स्थिति पर रविवार को अपडेट जारी किया। छपाई में राजस्थान को छोड़कर सभी राज्यों ने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया, जबकि वितरण में गोवा और लक्षद्वीप ने शत-प्रतिशत सफलता पाई। सबसे कम वितरण केरल (93.72 प्रतिशत) और पुडुचेरी (94.10 प्रतिशत) में रहा।

चुनाव आयोग ने रविवार दोपहर 3 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 50 करोड़ 99 लाख 72 हजार 687 मतदाताओं के लिए 50 करोड़ 97 लाख 43 हजार 180 पर्चियां (99.95 प्रतिशत) छप चुकी हैं, जबकि 49 करोड़ 73 लाख 39 हजार 480 पर्चियां (97.52 प्रतिशत) मतदाताओं तक वितरित की जा चुकी हैं।

यह प्रक्रिया 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगी, जिसमें मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन और ईपीएफ वितरण शामिल है। आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने का अनुरोध किया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

अंडमान-निकोबार में 3 लाख 10 हजार 404 पर्चियां (100 प्रतिशत) छपीं और 3 लाख 10 हजार 204 (99.94 प्रतिशत) वितरित हुईं। छत्तीसगढ़ में 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 पर्चियां पूरी छपीं, जिनमें से 2 करोड़ 5 लाख 8 हजार 57 (96.60 प्रतिशत) पहुंचाई गईं। गोवा में 11 लाख 85 हजार 34 पर्चियां (100 प्रतिशत) छपीं और सभी वितरित हुईं।

गुजरात में 5 करोड़ 8 लाख 43 हजार 436 में से 5 करोड़ 4 लाख 15 हजार 497 (99.16 प्रतिशत) वितरित हुईं। केरल में 2 करोड़ 78 लाख 50 हजार 855 में से 2 करोड़ 61 लाख 1 हजार 675 (93.72 प्रतिशत) पर्चियां पहुंचीं। लक्षद्वीप में सभी 57 हजार 813 पर्चियां छपीं और पूरी वितरित हुईं।

मध्य प्रदेश में 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 में से 5 करोड़ 70 लाख 89 हजार 80 (99.45 प्रतिशत) पर्चियां वितरित हुईं।

राजस्थान में 5 करोड़ 46 लाख 56 हजार 215 (99.58 प्रतिशत) छपीं और 5 करोड़ 38 लाख 69 हजार 336 (98.15 प्रतिशत) पर्चियां वितरित हुईं। तमिलनाडु में 6 करोड़ 41 लाख 14 हजार 583 छपीं और 6 करोड़ 54 हजार 300 (93.67 प्रतिशत) पर्चियां वितरित हुईं।

उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 में से 15 करोड़ 7 लाख 92 हजार 212 (97.64 प्रतिशत) पर्चियां पहुंचीं। पश्चिम बंगाल में 7 करोड़ 66 लाख 36 हजार 294 में से 7 करोड़ 59 लाख 94 हजार 997 (99.16 प्रतिशत) वितरित हुईं।

आयोग ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) की मंजूरी से बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) नियुक्त करते हैं। आयोग के अनुसार कुल 5 लाख 33 हजार 93 बीएलओ और 10 लाख 41 हजार 291 बीएलए कार्यरत हैं।

निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि 4 दिसंबर तक शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करें। मतदाता पर्ची में नाम, फोटो, पता और पोलिंग बूथ की जानकारी होती है, जो मतदान में सहायक है।

राजनीतिक दलों से अपील की गई है कि अधिक से अधिक बीएलए नियुक्त करें ताकि किसी भी अनियमितता पर नजर रखी जा सके। यह प्रक्रिया लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आयोग ने मतदाताओं से अपील की कि अपनी पर्ची जांचें और यदि नहीं मिली तो निकटतम बीएलओ से संपर्क करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे चुनाव में भागीदारी बढ़ सके। यह प्रक्रिया लोकतंत्र के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मतदाता पर्चियों का वितरण कब समाप्त होगा?
मतदाता पर्चियों का वितरण 4 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगा।
कौन से राज्य ने सबसे कम पर्चियां वितरित की हैं?
केरल और पुडुचेरी ने सबसे कम पर्चियां वितरित की हैं।
निर्वाचन आयोग ने बीएलए नियुक्त करने का अनुरोध क्यों किया है?
ताकि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी अनियमितता पर नजर रखी जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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