क्या आपकी गलत आदतें सिरदर्द का असली कारण हैं? आयुर्वेद से जानें उपाय

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क्या आपकी गलत आदतें सिरदर्द का असली कारण हैं? आयुर्वेद से जानें उपाय

सारांश

क्या आपकी रोजमर्रा की आदतें सिरदर्द को बढ़ा रही हैं? जानिए आयुर्वेद के सरल उपायों के जरिए कैसे पाएं राहत। तनाव, नींद की कमी और गलत खान-पान से सिरदर्द का सामना कर रहे हैं? ये घरेलू उपाय आपके लिए बेहद सहायक हो सकते हैं।

Key Takeaways

  • घी की मालिश सिरदर्द को कम करने में मददगार है।
  • अदरक की भाप माइग्रेन लक्षणों में राहत देती है।
  • खराब आदतें जैसे नींद की कमी सिरदर्द को बढ़ा सकती हैं।
  • आयुर्वेदिक उपाय जैसे नस्य विधि सहायक होते हैं।
  • संतुलित आहार सिरदर्द को रोकने में महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 20 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। आज की तेज़ रफ़्तार जिंदगी में वात का बढ़ना, तनाव, नींद की कमी और ज्यादा स्क्रीन टाइम जैसी समस्याएँ आम हो गई हैं, जो सिरदर्द का कारण बनती हैं। यह आपके पूरे दिन को प्रभावित कर सकता है। इससे राहत पाने के लिए कुछ घरेलू उपाय काफी प्रभावी साबित होते हैं।

सबसे सरल उपाय है घी से माथे की मालिश करना। हल्का गर्म गाय का घी लेकर माथे और कनपटियों पर 2-3 मिनट तक धीरे-धीरे मालिश करें। इससे तनाव में कमी आती है और खिंचाव तुरंत कम होता है। इसके साथ ही लौंग का लेप भी प्रभावी होता है। कुछ लौंग को पानी में घिसकर पतला लेप बनाएं और माथे पर लगाएं। यह हल्की गर्माहट देता है, जिससे भारीपन और दबाव की अनुभूति कम होती है।

अगर सिर भारी लग रहा हो, तो अदरक की भाप राहत दिला सकती है। अदरक को पानी में उबालकर 5 मिनट तक भाप लें। इससे कई लोगों को माइग्रेन के लक्षणों से पहले ही राहत मिल जाती है। बार-बार सिरदर्द होने पर आयुर्वेद में नस्य विधि को प्रभावी माना गया है। सुबह खाली पेट अणु तेल या षडबिन्दु तेल की 1-2 बूंदें नथुनों में डालने से साइनस की जकड़न, नसों का तनाव और सूखापन कम होता है, लेकिन यह विधि किसी जानकार वैद्य की सलाह से ही अपनाएं।

आपकी कई खराब आदतें सिरदर्द को बढ़ा सकती हैं, जैसे ठंडी हवा में देर तक रहना, देर रात जागना, खाली पेट रहना, बहुत तेज रोशनी या लगातार मोबाइल का उपयोग करना। इसलिए प्रयास करें कि नींद पूरी लें और स्क्रीन टाइम को थोड़ा कम करें।

आपकी खुराक भी सिरदर्द पर बड़ा असर डालती है। इसलिए हमेशा हल्का, ताजा और संतुलित भोजन करें। मूंग दाल, घी, गुनगुना दूध, फल और बादाम का सेवन भी लाभकारी होता है। बहुत ठंडा पानी, तला भोजन, ज्यादा चाय-कॉफी और खाली पेट रहना सिरदर्द को और बढ़ा देता है, लेकिन इन्हें लेने से पहले विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

अगर रोशनी से दर्द बढ़ता है, उलटी जैसा लगता है, आवाजें परेशान करती हैं या चक्कर महसूस होता है, तो यह माइग्रेन का संकेत हो सकता है। वहीं, रोजाना सिरदर्द होना आयरन की कमी, साइनस, बीपी या सर्वाइकल की वजह से भी हो सकता है। ऐसे में जांच कराना जरूरी है।

Point of View

यह जरूरी है कि हम अपनी जीवनशैली के उन पहलुओं पर ध्यान दें जो स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। सिरदर्द केवल एक लक्षण नहीं है, बल्कि यह जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाला एक गंभीर मुद्दा है। आज की तेज़ दुनिया में, हमारे स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना अत्यंत आवश्यक है।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

सिरदर्द के घरेलू उपाय क्या हैं?
सिरदर्द के घरेलू उपायों में घी की मालिश, अदरक की भाप और लौंग का लेप शामिल हैं।
क्या आयुर्वेद सिरदर्द में मदद करता है?
जी हाँ, आयुर्वेद में नस्य विधि और अन्य उपाय सिरदर्द में राहत देने में सहायक होते हैं।
सिरदर्द के कारण क्या हो सकते हैं?
सिरदर्द के कारणों में तनाव, नींद की कमी, गलत खान-पान और शारीरिक थकान शामिल हैं।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर सिरदर्द लगातार हो रहा है या अन्य लक्षण जैसे उलटी और चक्कर महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
क्या खानपान का सिरदर्द पर असर होता है?
हाँ, अस्वस्थ खानपान और ठंडा पानी पीने से सिरदर्द बढ़ सकता है।
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