क्या दालचीनी सिर्फ मसाला है या सेहत के लिए वरदान?

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क्या दालचीनी सिर्फ मसाला है या सेहत के लिए वरदान?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि दालचीनी केवल एक मसाला नहीं है? यह एक प्राकृतिक औषधि है जो आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हो सकती है। जानिए इसके आयुर्वेदिक फायदे और कैसे यह विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं में मदद कर सकती है।

Key Takeaways

  • दालचीनी एक प्राकृतिक औषधि है।
  • यह पाचन में सुधार करती है।
  • सर्दी और खांसी में कारगर है।
  • महिलाओं के पीरियड्स में सहायक है।
  • शुगर कंट्रोल में मददगार।

नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दालचीनी, जिसे हम आमतौर पर अपने भोजन में मसाले के रूप में प्रयोग करते हैं, केवल स्वाद को बढ़ाने के लिए नहीं है। आयुर्वेद में इसे एक प्राकृतिक औषधि माना गया है। यदि इसे सही मात्रा में लिया जाए, तो दालचीनी हमारी सेहत के लिए एक वरदान बन जाती है। चाहे पाचन संबंधी समस्याएं हों, खांसी या सर्दी, शुगर को नियंत्रित करने, रक्त संचार को सुधारने या महिलाओं के मासिक चक्र से जुड़ी परेशानियों में, दालचीनी हर जगह सहायक होती है।

सबसे पहले, हम पाचन तंत्र की बात करते हैं। आयुर्वेद में दालचीनी को 'अग्निदीपक' कहा गया है, जिसका अर्थ है पाचन अग्नि को बढ़ाना। यदि आपको अक्सर भारी पेट, गैस, अपच या भूख न लगने जैसी समस्याएं होती हैं, तो दालचीनी इन सब समस्याओं में लाभकारी हो सकती है। चरक संहिता में इसे पाचन बढ़ाने वाले द्रव्यों में शामिल किया गया है।

सर्दी और खांसी में भी दालचीनी बहुत प्रभावी है। इसके कफ नाशक गुण बलगम, गले में खराश और जकड़न को कम करने में मदद करते हैं। भावप्रकाश निघंटु में इसे विशेष रूप से कफ नाशक के रूप में बताया गया है। ठंड के मौसम में सुबह या रात को दालचीनी वाली चाय पीना जुकाम और बलगम को कम करने में सहायक हो सकता है।

शुगर कंट्रोल करने के लिए भी आयुर्वेद में इसे मधुमेह (प्रमेह) के लिए उपयोगी माना गया है। दालचीनी शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाती है और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है।

रक्त संचार को बेहतर बनाना भी दालचीनी की एक विशेषता है। यह शरीर में हल्का गर्मी उत्पन्न करती है, जिससे हाथ-पैर के ठंडे रहने, सुस्ती और रक्त प्रवाह की कमी जैसी समस्याओं में आराम मिलता है।

दालचीनी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण भी होते हैं। इसका उपयोग हल्के संक्रमण, मुंह की बदबू या त्वचा के छोटे-मोटे संक्रमण में भी लाभकारी माना गया है।

महिलाओं के लिए यह और भी फायदेमंद है। पीरियड्स के दर्द, मासिक चक्र की अनियमितता और ऐंठन में दालचीनी सहायक होती है क्योंकि यह रक्त संचार को बढ़ाती है। आयुर्वेदिक ग्रंथ भावप्रकाश निघंटु में इसका स्त्री रोगों में उपयोग बताया गया है।

Point of View

दालचीनी को एक महत्वपूर्ण औषधि के रूप में देखा गया है। यह न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि इसके आयुर्वेदिक गुण इसे सेहत के लिए भी लाभकारी बनाते हैं। इसे विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं में उपयोग किया जा सकता है, जो इसे हमारे दैनिक आहार में शामिल करना अनिवार्य बनाता है।
NationPress
02/01/2026

Frequently Asked Questions

दालचीनी के क्या फायदे हैं?
दालचीनी के कई फायदे हैं, जैसे कि यह पाचन में सुधार करती है, खांसी और सर्दी में राहत देती है, शुगर को नियंत्रित करती है और रक्त संचार को बढ़ाती है।
क्या दालचीनी का सेवन रोजाना किया जा सकता है?
हाँ, दालचीनी का सेवन रोजाना किया जा सकता है, लेकिन इसे सीमित मात्रा में लेना चाहिए।
महिलाओं के लिए दालचीनी कितनी फायदेमंद है?
दालचीनी महिलाओं के पीरियड्स के दर्द और मासिक चक्र की अनियमितता में सहायक होती है।
दालचीनी का सेवन कैसे किया जा सकता है?
दालचीनी का सेवन चाय में, दूध में या सीधे पाउडर के रूप में किया जा सकता है।
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