क्या टीवी की ताकत आज भी बरकरार है? अपरा मेहता ने छोटे पर्दे की लोकप्रियता पर अपने विचार साझा किए
सारांश
Key Takeaways
- टीवी की लोकप्रियता आज भी बरकरार है।
- अपरा मेहता का मानना है कि टीवी सकारात्मक संदेश देता है।
- टीवी अब पहले जैसा नहीं रहा, लेकिन इसका प्रभाव कम नहीं हुआ है।
- भारतीय टीवी की पहुँच दुनिया भर में है।
- टीवी समाज में बदलाव लाने का मजबूत जरिया है।
मुंबई, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आज के इस डिजिटल युग में, जब हर चीज़ मोबाइल और इंटरनेट पर उपलब्ध है, टीवी की लोकप्रियता फिर भी बरकरार है। छोटे शहरों से लेकर बड़े शहरों तक, लाखों लोग हर दिन अपने पसंदीदा शो का आनंद लेते हैं। इस संदर्भ में, वरिष्ठ अभिनेत्री अपरा मेहता ने छोटे पर्दे की ताकत पर अपने विचार साझा किए।
वह वर्तमान में सन नियो के शो 'प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी' में राजश्री का किरदार निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि टीवी न केवल मनोरंजन का एक साधन है, बल्कि यह समाज को जागरूक करने और सही संदेश पहुँचाने का एक प्रभावशाली माध्यम भी है।
अपरा मेहता ने कहा, "मैंने टीवी में बदलाव होते देखा है और इस बदलाव का हिस्सा बनने पर मुझे गर्व है। मेरा मानना है कि जब कोई शो सही और सकारात्मक संदेश देता है, तो वह दर्शकों को सीधे जोड़ता है।"
उन्होंने आगे कहा, "टीवी अब पहले जैसा नहीं रहा, लेकिन इसका असर खत्म नहीं हुआ है। इसकी पहुंच बहुत बड़ी है, और आज भी लाखों दर्शक नियमित रूप से टीवी देखते हैं। यही वजह है कि टीवी समाज में बदलाव लाने और सही संदेश फैलाने का एक मजबूत जरिया बना हुआ है।"
अपरा मेहता ने कहा, "भारतीय टीवी की पहुंच अब पूरी दुनिया में है। विदेशों में रहने वाले भारतीय भी टीवी के जरिए अपने देश और उसकी कहानियों से जुड़े रहते हैं। शायद वे हर फिल्म नहीं देखते, लेकिन टीवी शोज जरूर देखते हैं। इसलिए, आज की सच्चाई को अपनी कहानी के जरिए दिखाना हमारे लिए और भी ज़रूरी हो जाता है।"
अपने वर्तमान शो 'प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी' के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "इसमें मैं एक ऐसी सामाजिक सोच को पेश कर रही हूं, जो आज भी कई जगहों पर मौजूद है। मेरे किरदार का मानना है कि लड़कियों को पढ़ाई की जरूरत नहीं है। लेकिन, कहानी और मुख्य किरदारों के माध्यम से यह शो दर्शकों को एक मजबूत संदेश देता है कि लड़कियों की शिक्षा बेहद आवश्यक है।"
शो की कहानी राजस्थान के एक गांव की लड़की घेवर के इर्द-गिर्द घूमती है। घेवर की जिंदगी तब बदल जाती है, जब उसके परिवार में एक नवजात बच्चा आता है। यह बच्चा दो अलग-अलग दुनिया और दो जिंदगियों को एक साथ जोड़ता है। घेवर अपने हौसले, हिम्मत और समझदारी से परिवार और अपने सपनों की रक्षा करती है। कहानी में प्यार, त्याग और रहस्य का मिश्रण है, जो दर्शकों को हर पल स्क्रीन से जोड़े रखता है।
'प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी' हर रोज रात 9 बजे सन नियो पर प्रसारित होता है।