तमिलनाडु-पुडुचेरी में 5 से 10 जुलाई तक बारिश का अनुमान, IMD ने जारी किया अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 5 जुलाई 2025 को जारी अपने ताज़े मौसम बुलेटिन में बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन (गहरे अवदाब) के प्रभाव से तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 जुलाई से 10 जुलाई तक मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली के कारण राज्य के कई जिलों में नमी का प्रवाह बढ़ेगा, जिससे रुक-रुककर बारिश के हालात बनेंगे।
मौसम प्रणाली की वर्तमान स्थिति
IMD के अनुसार, यह गहरा अवदाब फिलहाल उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के ऊपर केंद्रित है। अगले तीन दिनों में यह प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगी और इसके बाद उत्तर ओडिशा तथा उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ते हुए भीतरी इलाकों में प्रवेश करेगी।
हालाँकि यह मौसम प्रणाली तमिलनाडु से काफी उत्तर में स्थित है, तथापि इसके परिसंचरण (सर्कुलेशन) के कारण दक्षिणी राज्य में नमी का प्रवाह बढ़ेगा — जिससे कई जिलों में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनेंगी।
बारिश का पूर्वानुमान और प्रभावित क्षेत्र
IMD ने स्पष्ट किया है कि 5 जुलाई से 10 जुलाई के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग स्थानों पर मध्यम बारिश हो सकती है। फिलहाल व्यापक स्तर पर भारी बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन रुक-रुककर होने वाली बारिश से पिछले कुछ दिनों से जारी गर्म और उमस भरे मौसम से राहत मिलने की उम्मीद है।
चेन्नई के लिए विभाग ने आंशिक रूप से बादल छाए रहने और शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। दिन के दौरान बीच-बीच में हल्की बारिश हो सकती है, हालाँकि लंबे समय तक लगातार बारिश की संभावना नहीं है। बारिश के बावजूद शहर में अधिकतम तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है और आर्द्रता का स्तर भी ऊँचा बना रहेगा।
प्रशासन की तैयारी और सतर्कता
IMD ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम से जुड़े ताज़े अपडेट पर नज़र बनाए रखें — खासकर उन जिलों में जहाँ लगातार बारिश के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। स्थानीय प्रशासन को भी स्थिति पर निरंतर निगरानी रखने और मौसम से संबंधित किसी भी संभावित व्यवधान से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
आगे क्या होगा
IMD के अनुसार, पूर्वी भारत की ओर बढ़ रहे इस गहरे अवदाब की गति और तीव्रता के आधार पर मौसम की स्थिति में बदलाव संभव है। विभाग ने कहा है कि जैसे-जैसे यह प्रणाली आगे बढ़ेगी, उसी के अनुसार मौसम पूर्वानुमान के अपडेट जारी किए जाएंगे। विभाग ने लोगों को बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने और समय-समय पर जारी आधिकारिक मौसम सलाह का पालन करने की हिदायत दी है।