उपचुनाव नतीजों पर स्मृति ईरानी बोलीं — 'लोकतंत्र ने भीड़तंत्र को जवाब दिया'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राष्ट्रीय प्रवक्ता स्मृति ईरानी ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को कहा कि असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में हाल ही में सम्पन्न उपचुनावों में BJP को मिले जनादेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत के मज़बूत लोकतंत्र ने 'भीड़तंत्र' (मोबोक्रेसी) को करारा जवाब दिया है। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ईरानी ने पार्टी की इस बहुआयामी जीत को सुशासन की स्वीकृति बताया।
मुख्य बयान और जीत का विवरण
ईरानी ने कहा, 'आज लोकतंत्र ने भीड़तंत्र को जवाब दिया है।' उन्होंने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए BJP उम्मीदवारों के निर्वाचन, पुडुचेरी में NDA उम्मीदवार की जीत और पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम व रेजीनगर विधानसभा सीटों पर पार्टी के प्रदर्शन का विशेष उल्लेख किया।
नंदीग्राम के बारे में बोलते हुए ईरानी ने कहा, 'नंदीग्राम वामपंथी विचारधारा और जनता के खिलाफ हिंसा का गढ़ था — आज BJP को मिला जनादेश सुशासन की जीत को दर्शाता है।' उन्होंने रेजीनगर का भी उल्लेख किया, जहाँ कथित तौर पर लगभग 71 प्रतिशत मतदाता अल्पसंख्यक समुदाय से हैं और जहाँ BJP जीत की दिशा में आगे बढ़ रही थी।
कांग्रेस पर तीखा प्रहार
ईरानी ने कांग्रेस की तथाकथित 'सड़क की राजनीति' की कड़ी आलोचना की और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 15 जनवरी 2025 के एक बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि वे 'BJP के खिलाफ नहीं, बल्कि भारतीय राज्य के खिलाफ लड़ रहे हैं।'
ईरानी ने कहा, 'भारत के इतिहास में कभी भी किसी चुने हुए नेता ने देश के संवैधानिक ढाँचे को नुकसान पहुँचाने का रास्ता नहीं चुना।' उनके अनुसार, यह बयान संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमले का संकेत है।
महिला सुरक्षा पर कांग्रेस को घेरा
BJP प्रवक्ता ने राहुल गांधी की 'पितृसत्ता खत्म करने' की अपील पर भी सवाल उठाए। उन्होंने एक कांग्रेस सांसद और राष्ट्रीय राजधानी के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के प्रोफेसर का उदाहरण देते हुए कहा कि महिला छात्रों ने उन पर अच्छे अंक देने के बदले यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
ईरानी ने कहा, 'विश्वविद्यालय की जाँच रिपोर्ट में उसी प्रोफेसर को महिला छात्रों को परेशान करने का दोषी पाया गया है। मैं कांग्रेस नेतृत्व से पूछती हूँ कि उन्होंने आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ कोई राजनीतिक कार्रवाई क्यों नहीं की?' उन्होंने बिना नाम लिए जंतर-मंतर पर हुए हालिया विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी के साथ कथित दुर्व्यवहार का भी ज़िक्र किया।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी गठबंधन कई राज्यों में BJP को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है। गौरतलब है कि उपचुनाव के ये नतीजे भविष्य की विधानसभा और लोकसभा रणनीतियों के लिहाज़ से दोनों पक्षों के लिए महत्त्वपूर्ण संकेत माने जाएँगे। BJP इन जीतों को अपने सुशासन के एजेंडे की पुष्टि बताएगी, जबकि विपक्ष इन नतीजों की अपनी व्याख्या पेश करेगा।