सोपोर पुलिस का बड़ा प्रहार: दो नशा तस्कर दबोचे, चरस और प्रतिबंधित कैप्सूल जब्त
सारांश
Key Takeaways
- सोपोर पुलिस ने 25 अप्रैल 2025 को नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया।
- पहले आरोपी जुबैर अहमद मल्ला को चिंकीपोरा पब्लिक पार्क के पास से प्रतिबंधित स्पैस्मोप्रॉक्सीवॉन कैप्सूल के साथ पकड़ा गया।
- दूसरे आरोपी शौकत अहमद शाह को शिवा क्रॉसिंग नाके पर चरस के साथ गिरफ्तार किया गया।
- दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 और 8/21 के तहत अलग-अलग थानों में प्राथमिकी दर्ज।
- पुलिस दोनों मामलों में नशा आपूर्ति नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए जांच जारी रखे हुए है।
- सोपोर पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति दोहराई और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखने का संकल्प लिया।
सोपोर, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के अंतर्गत चलाई जा रही सघन मुहिम में सोपोर पुलिस ने शुक्रवार, 25 अप्रैल को दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से चरस और स्पैस्मोप्रॉक्सीवॉन कैप्सूल जैसे प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किए गए। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं।
पहली गिरफ्तारी: चिंकीपोरा पब्लिक पार्क के पास संदिग्ध पकड़ाया
सोपोर के चिंकीपोरा स्थित पब्लिक पार्क के निकट नियमित गश्त के दौरान पुलिस दल को एक संदिग्ध व्यक्ति की हरकत संदेहास्पद लगी। जब पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली तो उसके पास से स्पैस्मोप्रॉक्सीवॉन कैप्सूल की एक बड़ी मात्रा बरामद हुई, जो एक नशीला और प्रतिबंधित पदार्थ है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जुबैर अहमद मल्ला के रूप में की गई। उसके विरुद्ध बोमाई थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की।
दूसरी गिरफ्तारी: शिवा क्रॉसिंग नाके पर चरस के साथ पकड़ाया
शिवा क्रॉसिंग पर नाका चेकिंग के दौरान पुलिस थाना बोमाई की टीम ने एक अन्य संदिग्ध को रोका। उसकी तलाशी लेने पर उसके कब्जे से चरस जैसा प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद हुआ।
इस आरोपी की पहचान शौकत अहमद शाह के रूप में हुई। उसके खिलाफ पुलिस थाना सोपोर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
जांच जारी: नशा नेटवर्क की जड़ें तलाशने की कोशिश
पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों मामलों में नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला और इसके पीछे सक्रिय व्यापक नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है। अधिकारियों का मानना है कि इन तस्करों के तार किसी बड़े गिरोह से जुड़े हो सकते हैं।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में हाल के महीनों में नशा तस्करी की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई है। सोपोर और बारामूला जिला विशेष रूप से नशा माफिया के निशाने पर रहा है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अब तक उत्तरी कश्मीर में दर्जनों नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सोपोर पुलिस की 'जीरो टॉलरेंस' नीति
सोपोर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करी के खिलाफ उनकी 'जीरो टॉलरेंस' नीति में कोई ढील नहीं आएगी। नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत लक्षित छापेमारी, नाका चेकिंग और सूचना-आधारित कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे नशा तस्करी से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। अधिकारियों ने कहा कि समाज को नशे के इस दीमक से बचाने के लिए जन सहयोग अनिवार्य है।
आने वाले दिनों में इन दोनों मामलों में पूछताछ के आधार पर और गिरफ्तारियां हो सकती हैं और नशा आपूर्ति नेटवर्क के बड़े सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश तेज की जाएगी।