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दक्षिण 24 परगना: झुग्गी बस्ती में भीषण आग से रेलवे ओवरहेड तार जले, बज-बज–सियालदह ट्रेन सेवाएं ठप

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दक्षिण 24 परगना: झुग्गी बस्ती में भीषण आग से रेलवे ओवरहेड तार जले, बज-बज–सियालदह ट्रेन सेवाएं ठप

सारांश

दक्षिण 24 परगना के अकरा-संतोषपुर में 16 बीघे की झुग्गी बस्ती में शनिवार दोपहर भीषण आग से 40 झोपड़ियां जलीं। रेलवे ओवरहेड तार क्षतिग्रस्त होने से बज-बज–सियालदह ट्रेन सेवाएं ठप। शॉर्ट सर्किट संभावित कारण, मरम्मत कार्य जारी।

मुख्य बातें

25 अप्रैल 2025 को दोपहर 1:30 बजे दक्षिण 24 परगना के अकरा-संतोषपुर में 16 बीघे की झुग्गी बस्ती में भीषण आग लगी।
आग में लगभग 40 झोपड़ियां जलकर राख हो गईं और सैकड़ों परिवार बेघर हो गए।
रेलवे के ओवरहेड इलेक्ट्रिक तार (OHE) क्षतिग्रस्त होने से बज-बज–सियालदह ट्रेन सेवाएं पूरी तरह निलंबित कर दी गईं।
आग बुझाने के लिए चार दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं; शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण माना जा रहा है।
पूर्वोत्तर रेलवे सीपीआरओ शिवराम माझी ने रेल सेवाएं जल्द बहाल करने का आश्वासन दिया।
यह क्षेत्र महेशतला विधानसभा में आता है जहां 29 अप्रैल को मतदान है; TMC उम्मीदवार सुभाशीष दास घटनास्थल पर पहुंचे।

कोलकाता, 25 अप्रैल 2025पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के अकरा-संतोषपुर इलाके में शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक विशाल झुग्गी बस्ती में भीषण आग भड़क उठी। 16 बीघे में फैली इस बस्ती की आग ने पास से गुजरने वाले दक्षिण उपनगरीय रेलवे सेक्शन के ओवरहेड तारों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे बज-बज–सियालदह दक्षिण उपनगरीय रेल सेक्शन पर ट्रेन सेवाएं पूरी तरह निलंबित करनी पड़ीं।

मुख्य घटनाक्रम

आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते लगभग 40 झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का संभावित कारण माना जा रहा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। बस्ती में मौजूद ज्वलनशील सामग्री ने आग को और भड़काने का काम किया, जिससे यह तेजी से रेलवे लाइन की ओर फैल गई।

स्थानीय निवासियों ने सबसे पहले खुद ही आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग की विकरालता को देखते हुए उन्हें दमकल विभाग को सूचित करना पड़ा। चार दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और अतिरिक्त गाड़ियां भी रवाना की गईं।

रेल सेवाओं पर असर

झुग्गी बस्ती रेलवे लाइन के बिल्कुल करीब होने के कारण आग की लपटें ओवरहेड इलेक्ट्रिक तारों (OHE) तक पहुंच गईं और उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचाया। इसके चलते बज-बज–सियालदह खंड पर लोकल ट्रेन सेवाएं तत्काल प्रभाव से रोकनी पड़ीं। हजारों यात्री स्टेशनों पर फंस गए और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) शिवराम माझी ने बताया कि रेलवे की विशेषज्ञ टीम पहले ही घटनास्थल का दौरा कर चुकी है और क्षतिग्रस्त ओवरहेड तारों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द सामान्य रेल सेवाएं बहाल की जाएंगी।

पीड़ितों की दर्दनाक स्थिति

आग की लपटों को अपनी झोपड़ियों की ओर बढ़ते देख कई निवासी फूट-फूटकर रोने लगे। कुछ लोग घबराहट में अपने छोटे बच्चों को गोद में उठाए रेलवे पटरियों के किनारे खड़े हो गए। इस घटना ने बस्ती के सैकड़ों परिवारों को बेघर कर दिया।

राजनीतिक संदर्भ और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

यह क्षेत्र महेशतला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां 29 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मतदान होना है। आग की सूचना मिलते ही इस सीट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार सुभाशीष दास घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ितों से मुलाकात की।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में घनी आबादी वाली झुग्गी बस्तियों में आग की घटनाएं बार-बार सामने आती रही हैं। रेलवे लाइनों के किनारे अवैध बस्तियों का बसना न केवल निवासियों की जान के लिए खतरनाक है, बल्कि रेल परिचालन को भी बाधित करता है। यह घटना उस व्यापक समस्या की ओर इशारा करती है जहां शहरीकरण की दौड़ में गरीब तबके को असुरक्षित और अनधिकृत जगहों पर रहने को मजबूर होना पड़ता है।

चुनावी माहौल में इस आग ने प्रशासन की तैयारी और झुग्गी बस्तियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। आने वाले दिनों में राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया तथा रेल सेवाओं की बहाली पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि शहरी नियोजन की उस विफलता का प्रतीक है जहां रेलवे पटरियों के किनारे दशकों से अवैध बस्तियां बसती रही हैं और प्रशासन आंखें मूंदे रहा। चुनाव से ठीक चार दिन पहले महेशतला में यह हादसा इस सवाल को और पैना कर देता है कि वोट मांगने आने वाले नेताओं ने इन बस्तियों को सुरक्षित बनाने के लिए क्या किया। रेल सेवाएं ठप होना दिखाता है कि अनधिकृत बस्तियां सिर्फ उनके निवासियों के लिए नहीं, बल्कि पूरे शहर के लिए जोखिम हैं। जब तक पुनर्वास नीति जमीन पर नहीं उतरती, ऐसी त्रासदियां दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण 24 परगना की झुग्गी बस्ती में आग कब और कहां लगी?
शनिवार, 25 अप्रैल 2025 को दोपहर करीब 1:30 बजे दक्षिण 24 परगना जिले के अकरा-संतोषपुर इलाके में 16 बीघे में फैली झुग्गी बस्ती में आग लगी। इस आग में लगभग 40 झोपड़ियां जलकर राख हो गईं।
झुग्गी बस्ती की आग से ट्रेन सेवाएं क्यों बंद हुईं?
झुग्गी बस्ती दक्षिण उपनगरीय रेलवे लाइन के बिल्कुल करीब स्थित थी, जिससे आग रेलवे के ओवरहेड इलेक्ट्रिक तारों (OHE) तक फैल गई और उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके चलते बज-बज–सियालदह दक्षिण उपनगरीय सेक्शन पर ट्रेन सेवाएं निलंबित करनी पड़ीं।
आग लगने का क्या कारण बताया जा रहा है?
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का संभावित कारण माना जा रहा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। बस्ती में मौजूद ज्वलनशील सामग्री ने आग को तेजी से फैलाने में मदद की।
रेलवे सेवाएं कब तक बहाल होंगी?
पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ शिवराम माझी ने बताया कि विशेषज्ञ टीम मरम्मत कार्य में जुटी है और जल्द से जल्द सेवाएं बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बहाली की सटीक समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
क्या इस इलाके में चुनाव होने वाले हैं?
हां, यह क्षेत्र महेशतला विधानसभा सीट के अंतर्गत आता है जहां 29 अप्रैल 2025 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मतदान होना है। घटना की सूचना मिलने पर TMC उम्मीदवार सुभाशीष दास मौके पर पहुंचे।
राष्ट्र प्रेस
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