PM मोदी के 25 साल: दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने एक्स पर दी हार्दिक बधाई
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने 7 अक्टूबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक विशेष संदेश साझा कर मोदी को हार्दिक बधाई दी। राष्ट्रपति ली ने इस अवसर को गर्व का विषय बताते हुए भारत के प्रति मोदी की अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की।
राष्ट्रपति ली का संदेश
अपने एक्स पोस्ट में राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने लिखा, 'आज से 25 वर्ष पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभालने के बाद से आपने भारत के लोगों के बेहतर जीवन के निर्माण के लिए स्वयं को समर्पित किया है। आपकी इस अटूट समर्पण को मैं सलाम करता हूं और इस महत्वपूर्ण अवसर पर आपको हार्दिक बधाई देता हूं।' उन्होंने आगे कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने विनिर्माण क्षेत्र के विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार के माध्यम से निरंतर प्रगति की है तथा विभिन्न चुनौतियों के बीच भी अपनी दृढ़ता का प्रदर्शन किया है।
भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों पर जोर
राष्ट्रपति ली ने अपने संदेश में दोनों देशों की विशेष रणनीतिक साझेदारी को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'विशेष रणनीतिक साझेदारों के रूप में, कोरिया गणराज्य और भारत मिलकर विकास और नवाचार के भविष्य का निर्माण कर रहे हैं। हम दोनों देशों में व्यवसायों और युवाओं की आकांक्षाओं तथा विकास को समर्थन देना जारी रखेंगे।' उन्होंने अप्रैल 2026 में नई दिल्ली में निर्धारित साझा दृष्टिकोण को साकार करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
सोल में पुनः मुलाकात की उम्मीद
अपने संदेश के अंत में राष्ट्रपति ली ने लिखा, 'मैं इस बार सोल में आपका फिर से स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं। मैं आपके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं और भारत की जनता के प्रति कोरिया गणराज्य की जनता की गहरी मित्रता व्यक्त करता हूं।' यह संकेत आगामी द्विपक्षीय यात्राओं की संभावना को उजागर करता है।
मोदी के 25 साल का सफर
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और इस प्रकार बुधवार को उनके सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष पूरे हुए। वे मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और इसके बाद से लगातार तीन कार्यकाल देश के प्रधानमंत्री के रूप में पूरे कर चुके हैं। इस उपलक्ष्य में विश्व के अनेक राष्ट्राध्यक्षों और नेताओं ने उन्हें बधाई संदेश दिए। यह अवसर भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक साख को भी दर्शाता है।