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भारत-कोरिया के बीच स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स में सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

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भारत-कोरिया के बीच स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स में सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का स्वागत किया और द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने के लिए महत्वपूर्ण बातों पर चर्चा की। इस मुलाकात से भारत-कोरिया के बीच स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे।

मुख्य बातें

भारत-कोरिया द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।
स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स में सहयोग के नए अवसर।
संविधानिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए 'भारत-कोरिया संसदीय मैत्री समूह' का गठन।
द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी समझौते पर चर्चा।
दोनों देशों के बीच कौशल और तकनीकी सहयोग की संभावना।

नई दिल्ली, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 अप्रैल को राष्ट्रपति भवन में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का स्वागत किया और उनके सम्मान में एक भोज का आयोजन किया। राष्ट्रपति भवन ने मंगलवार सुबह एक वीडियो साझा किया, जिसमें इस मुलाकात की झलकियाँ शामिल हैं।

राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रपति म्युंग का स्वागत करते हुए भारत-कोरिया द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने के लिए उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि म्युंग की यह यात्रा उनके कार्यकाल के पहले वर्ष में ही हो रही है, जो हमारे संबंधों को महत्व देती है।

राष्ट्रपति ने बताया कि भारत और कोरिया दोनों जीवंत लोकतंत्र हैं जो समान मूल्यों को साझा करते हैं। उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि हाल ही में 'भारत-कोरिया संसदीय मैत्री समूह' का गठन किया गया है, जिससे दोनों संसदों के बीच संवाद बढ़ेगा।

उन्होंने कहा, "दोनों देशों ने जहाज निर्माण, बंदरगाह विकास, डिजिटल सहयोग, लघु और मध्यम उद्यम, इस्पात, शिक्षा, अनुसंधान, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क जैसे कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के लिए महत्वाकांक्षी कार्यक्रम निर्धारित किए हैं।"

राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि दोनों पक्षों ने 'व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते' (सीईपीए) पर वार्ता फिर से शुरू करने के लिए एक संयुक्त घोषणा को अपनाया है। उन्होंने कहा कि भारत, कोरिया के साथ एआई, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, सेवाओं और पर्यटन के क्षेत्रों में सहयोग को मज़बूत करने के लिए तत्पर है।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के पास कौशल और संभावनाएँ हैं, जबकि कोरिया के पास उच्च तकनीक निर्माण में विशेषज्ञता है। मिलकर हम अपने युवाओं के लिए कई अवसर सृजित कर सकते हैं। भारत और कोरिया को हरित और स्वच्छ ऊर्जा के साथ अन्य जलवायु प्रौद्योगिकियों में सहयोग के अवसरों की तलाश करनी चाहिए।

दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि भारत और कोरिया के बीच घनिष्ठ सहयोग हमारे लोगों के लिए अपार लाभ ला सकता है। पर्यावरण, नवाचार, शिक्षा, कौशल विकास और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करके हम सभी को लाभ पहुँचा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और कोरिया के बीच किस प्रकार के सहयोग की चर्चा हुई?
भारत और कोरिया के बीच जहाज निर्माण, बंदरगाह विकास, डिजिटल सहयोग, स्वच्छ ऊर्जा, और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की चर्चा हुई।
क्या 'भारत-कोरिया संसदीय मैत्री समूह' का गठन हुआ है?
'भारत-कोरिया संसदीय मैत्री समूह' का हाल ही में गठन किया गया है, जो दोनों देशों के बीच संवाद को बढ़ावा देगा।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति की भारत यात्रा का महत्व क्या है?
यह यात्रा भारत-कोरिया संबंधों को मज़बूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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