25 जुलाई 2026
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डॉ. जयशंकर की राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से मुलाकात, भारत-कोरिया संबंधों की नई दिशा

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डॉ. जयशंकर की राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से मुलाकात, भारत-कोरिया संबंधों की नई दिशा

सारांश

भारत-कोरिया संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर और राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के बीच महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। इस चर्चा में दोनों देशों के भविष्य के सहयोग की संभावनाएं उजागर हुईं।

मुख्य बातें

भारत-कोरिया संबंधों में नई ऊर्जा का संचार कोरियाई राष्ट्रपति की भारत यात्रा साझेदारी को मजबूत करने का संकल्प भविष्य के सहयोग की संभावनाएँ औद्योगिक सहयोग में वृद्धि

नई द‍िल्‍ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से मुलाकात को भारत-कोरिया संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर एक पोस्ट में लिखा, "रिपब्लिक ऑफ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से मिलकर मुझे अत्यधिक सम्मानित महसूस हो रहा है, क्योंकि वे भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। मैं विभिन्न क्षेत्रों में भारत-कोरिया संबंधों को और गहरा करने के उनके प्रयासों की सराहना करता हूं।"

उन्होंने आगे कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बातचीत हमारी 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' को और अधिक मजबूत करेगी।"

राष्ट्रपति ली जे-म्युंग सोमवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत करने के लिए आएंगे। योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह उनकी तीसरी आमने-सामने की बैठक होगी, जो पिछले साल जी7 और जी20 शिखर सम्मेलनों के दौरान हुई बातचीत के बाद हो रही है।

कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक पॉलिसी (केआईईपी) में भारत और दक्षिण एशिया टीम के प्रमुख क्यूंगहून किम ने बताया कि पिछले 10 महीनों में भारत और दक्षिण कोरिया ने आपसी जुड़ाव को कैसे और गहरा किया है।

क्यूंगहून किम ने सोशल मीडिया पर बताया, "दोनों देशों के बीच औद्योगिक क्षेत्र में भी संबंध मजबूत हुए हैं। भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शिपबिल्डिंग पर चर्चा के लिए दक्षिण कोरिया (नवंबर 2025) का दौरा किया, जबकि दक्षिण कोरिया के साइंस और आईसीटी मंत्री ने एआई पर चर्चा के लिए भारत (फरवरी 2026) का दौरा किया। व्यापार मंत्री भी मिले (मार्च 2026)। इसके बाद, सॉफ्ट पावर के तहत, जनवरी 2026 में शिक्षा मंत्री ने विदेश में रहने वाले कोरियाई लोगों का समर्थन करने और शिक्षा में सहयोग बढ़ाने के लिए दिल्ली में एक कोरियन एजुकेशन सेंटर खोला। यह कोरियन भाषा की शिक्षा को बढ़ावा देने और भारतीय छात्रों को आकर्षित करने के लिए भी योजनाएँ बना रहा है।"

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग भारत के दौरे पर आए हैं। भारत के बाद वे शिखर वार्ता के लिए वियतनाम भी जाएंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. एस. जयशंकर और राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की मुलाकात का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य भारत-कोरिया संबंधों को और मजबूत करना और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है।
राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की भारत यात्रा के दौरान क्या महत्वपूर्ण चर्चा हुई?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बातचीत में विशेष रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।
भारत और दक्षिण कोरिया के बीच सहयोग के कौन से क्षेत्र महत्वपूर्ण हैं?
उद्योग, शिक्षा और विज्ञान व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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