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क्या श्रीनगर में भारी बर्फबारी के बाद जम्मू हाईवे पर रास्ते खुल गए हैं?

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क्या श्रीनगर में भारी बर्फबारी के बाद जम्मू हाईवे पर रास्ते खुल गए हैं?

सारांश

जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया गया है। भारी बर्फबारी के कारण हाईवे बंद हो गया था, लेकिन अब हालात सुधर रहे हैं। एयरपोर्ट से बर्फ हटाई जा रही है और फ्लाइट ऑपरेशन सामान्य हो गया है। क्या यह बर्फबारी किसानों और स्थानीय लोगों के लिए राहत लाएगी?

मुख्य बातें

श्रीनगर-जम्मू हाईवे अब यातायात के लिए खुला है।
एयरपोर्ट से बर्फ हटाई जा रही है।
किसानों को २८ जनवरी तक खेती का काम बंद करने की सलाह।
मौसम विभाग ने बर्फबारी का अनुमान लगाया है।
उच्च क्षेत्रों में यात्रा न करने की सलाह।

श्रीनगर, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया गया है और वहां फंसे वाहनों को पहले निकाला जा रहा है। साथ ही, एयरपोर्ट से बर्फ हटाई जा रही है।

आपको बता दें कि २३ जनवरी को नवयुग टनल के दोनों तरफ भारी बर्फबारी के कारण श्रीनगर-जम्मू हाईवे को बंद कर दिया गया था।

एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन फिर से शुरू हो गया है। दिल्ली में विमान चालकों के कारण कैंसिल हुई तीन फ्लाइट्स को छोड़कर, रविवार को एयरपोर्ट पर सामान्य ऑपरेशन फिर से चालू हो गया है।

ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर-लेह हाईवे, मुगल रोड और सिंथन एवं रजदान पास से गुजरने वाली सड़कें अभी भी बंद हैं। यात्रा करने वाले लोगों को ट्रैफिक विभाग कंट्रोल रूम से संपर्क किए बिना इन सड़कों पर यात्रा नहीं करनी चाहिए।

मौसम विभाग ने २६ जनवरी से २७ जनवरी तक केंद्र शासित प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी, और कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश/बर्फबारी का अनुमान लगाया है।

किसानों को २८ जनवरी तक खेती के काम को बंद करने की सलाह दी गई है। आमतौर पर, बर्फ से ढके ऊंचे इलाकों में रहने वाले लोगों को ढलान वाले और हिमस्खलन वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है।

श्रीनगर शहर में न्यूनतम तापमान माइनस १.६ डिग्री सेल्सियस, गुलमर्ग में माइनस १०.२ और पहलगाम में माइनस ६.२ डिग्री सेल्सियस रहा। जम्मू शहर में न्यूनतम तापमान ७.१ डिग्री सेल्सियस, कटरा में ६.२, बटोटे में माइनस ०.१, बनिहाल में माइनस २ और भद्रवाह में माइनस ४ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

लंबे समय तक सूखे के बाद हाल ही में हुई बर्फबारी ने किसानों, बागवानों और आम लोगों की चिंताओं को दूर कर दिया है, क्योंकि पहाड़ों पर भारी बर्फबारी से गर्मियों के महीनों में नदियों, झरनों, कुओं और झीलों में पानी बना रहेगा।

घाटी के मैदानी इलाकों में इस मौसम की पहली बर्फबारी २३ जनवरी को हुई। कड़ाके की ठंड का ४० दिन का समय, जिसे स्थानीय भाषा में 'चिल्ला कलां' कहा जाता है, २१ दिसंबर को शुरू हुआ और ३० जनवरी को खत्म होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें इस बात की चिंता होनी चाहिए कि हाल की बर्फबारी न केवल यातायात को प्रभावित करती है, बल्कि यह किसानों की फसल और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर डालती है। हमें इस स्थिति के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या श्रीनगर-जम्मू हाईवे अब खुल गया है?
हाँ, श्रीनगर-जम्मू हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया गया है।
एयरपोर्ट से बर्फ हटाने का कार्य कब शुरू हुआ?
एयरपोर्ट से बर्फ हटाने का कार्य शुरू हो चुका है और फ्लाइट ऑपरेशन सामान्य हो गया है।
किसानों को कब तक खेती का काम बंद करने की सलाह दी गई है?
किसानों को २८ जनवरी तक खेती का काम बंद करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने अगले दिनों के लिए क्या अनुमान लगाया है?
मौसम विभाग ने हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी का अनुमान लगाया है।
क्या लोग बर्फ से ढके ऊंचे इलाकों में जा सकते हैं?
नहीं, बर्फ से ढके ऊंचे इलाकों में जाने की सलाह नहीं दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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