शशि पांजा ने नेताजी इंडोर स्टेडियम के स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा किया, सुरक्षा व्यवस्था और अज्ञात लोगों की मौजूदगी पर उठाए सवाल

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शशि पांजा ने नेताजी इंडोर स्टेडियम के स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा किया, सुरक्षा व्यवस्था और अज्ञात लोगों की मौजूदगी पर उठाए सवाल

सारांश

TMC नेता शशि पांजा ने नेताजी इंडोर स्टेडियम के स्ट्रॉन्ग रूम में अज्ञात लोगों की मौजूदगी, बिना CCTV वाले कमरे में पोस्टल बैलेट बॉक्स और सुबह चार बजे बिना किसी दल के प्रतिनिधि के बैलेट बॉक्स लाने के आरोप लगाए हैं — जो कोलकाता में चुनावी पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करते हैं।

Key Takeaways

शशि पांजा ने 2 मई 2026 को नेताजी इंडोर स्टेडियम स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा किया। स्ट्रॉन्ग रूम खुलने पर अज्ञात लोग अंदर मिले; किसी भी राजनीतिक दल को उनकी जानकारी नहीं थी। उत्तरी कोलकाता की सात विधानसभा सीटों के पोस्टल बैलेट बॉक्स सुबह चार बजे बिना किसी दल के प्रतिनिधि की उपस्थिति के लाए गए। बैलेट बॉक्स ऐसे कमरे में रखे गए जहाँ सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं । दक्षिण 24 परगना में दोबारा मतदान के दौरान आईपीएस अधिकारियों समेत बड़े पैमाने पर तबादले हुए। पांजा ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करने की बात कही।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ नेता और श्यामपुकुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार शशि पांजा ने 2 मई 2026 को कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था, प्रक्रियाओं तथा अज्ञात लोगों की मौजूदगी को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए। उनका यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल अपने चरम पर है।

स्ट्रॉन्ग रूम में अज्ञात लोगों की मौजूदगी का विवाद

पांजा ने दावा किया कि दो दिन पहले जब स्ट्रॉन्ग रूम का दरवाजा खोला गया, तो अंदर कुछ अज्ञात लोग मौजूद पाए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि ये लोग कौन थे, क्योंकि किसी भी राजनीतिक दल को उनकी पहचान की जानकारी नहीं थी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वहाँ गुलाबी रंग के लिफाफे भी मौजूद थे, जिनका उपयोग आमतौर पर पोस्टल बैलेट के लिए किया जाता है।

पोस्टल बैलेट बॉक्स और सीसीटीवी की अनुपस्थिति

पांजा ने यह भी दावा किया कि उत्तरी कोलकाता की सात विधानसभा सीटों से जुड़े पोस्टल बैलेट बॉक्स सुबह चार बजे स्ट्रॉन्ग रूम में लाए गए, लेकिन उस समय किसी भी राजनीतिक दल का प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन बैलेट बॉक्स को ऐसे कमरे में रखा गया है जहाँ सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं, जो पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

प्रवेश से रोके जाने और सुरक्षाकर्मियों की जानकारी पर सवाल

पांजा ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों को नियमों की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें शुरुआत में स्ट्रॉन्ग रूम में प्रवेश से रोका गया और कहा गया कि जब तक अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं आते, उन्हें अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ही उन्हें नियमों के अनुसार प्रवेश की अनुमति दी गई।

दक्षिण 24 परगना में तबादले और माइक्रो-ऑब्जर्वर की तैनाती

पांजा ने यह भी बताया कि दक्षिण 24 परगना जिले में दोबारा मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, जिनमें आईपीएस अधिकारी भी शामिल हैं। इसके अलावा, माइक्रो-ऑब्जर्वरों की भारी तैनाती की गई है, जो आमतौर पर चुनावों में इस स्तर पर देखने को नहीं मिलती। उनके अनुसार, ऐसे कई कदम पहली बार पश्चिम बंगाल में देखने को मिल रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया

चुनाव से जुड़े एक अन्य मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पांजा ने कहा कि अदालत के निर्णय का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग (ECI) से जुड़े मामलों पर जो भी फैसला होगा, उसे लागू किया जाएगा और पार्टी इस पर करीबी नज़र बनाए हुए है। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर चल रही बहस को और गहरा करता है।

Point of View

बिना CCTV वाले कमरे और देर रात बैलेट बॉक्स लाने की बात — गंभीर हैं, लेकिन अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पहले से ही विवादों में है। असली सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग इन आरोपों का पारदर्शी जवाब देगा — क्योंकि बिना जवाबदेही के, ऐसे आरोप मतदाताओं के भरोसे को कमज़ोर करते हैं।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

शशि पांजा ने स्ट्रॉन्ग रूम दौरे में क्या पाया?
शशि पांजा ने दावा किया कि स्ट्रॉन्ग रूम खुलने पर अंदर अज्ञात लोग मौजूद थे और वहाँ पोस्टल बैलेट के लिए उपयोग होने वाले गुलाबी लिफाफे भी पाए गए। किसी भी राजनीतिक दल को इन लोगों की पहचान की जानकारी नहीं थी।
पोस्टल बैलेट बॉक्स को लेकर क्या विवाद है?
पांजा के अनुसार उत्तरी कोलकाता की सात विधानसभा सीटों के पोस्टल बैलेट बॉक्स सुबह चार बजे स्ट्रॉन्ग रूम में लाए गए, जब कोई भी राजनीतिक दल का प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। इन बॉक्स को ऐसे कमरे में रखा गया जहाँ सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं।
दक्षिण 24 परगना में तबादलों का चुनाव से क्या संबंध है?
पांजा ने बताया कि दक्षिण 24 परगना में दोबारा मतदान के दौरान आईपीएस अधिकारियों समेत बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले हुए। उनके अनुसार, माइक्रो-ऑब्जर्वरों की इतनी भारी तैनाती पश्चिम बंगाल में पहले कभी नहीं देखी गई।
शशि पांजा को स्ट्रॉन्ग रूम में प्रवेश क्यों नहीं दिया गया?
पांजा का आरोप है कि उन्हें शुरुआत में स्ट्रॉन्ग रूम में प्रवेश से रोका गया और कहा गया कि अंदर मौजूद लोगों के बाहर आने तक प्रतीक्षा करनी होगी। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ही उन्हें नियमों के अनुसार प्रवेश की अनुमति मिली।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर TMC का क्या रुख है?
शशि पांजा ने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान किया जाएगा और चुनाव आयोग से जुड़े मामलों पर जो भी निर्णय होगा उसे लागू किया जाएगा। पार्टी इस पर करीबी नज़र बनाए हुए है।
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