क्या सुखविंदर सिंह ने फिल्म 'शतक' में गाने के लिए चॉकलेट मांगी?
सारांश
Key Takeaways
- सुखविंदर सिंह ने फिल्म 'शतक' के लिए चॉकलेट फीस मांगी।
- फिल्म 'शतक' संघ के संघर्ष को दर्शाती है।
- सुखविंदर का संघ से पुराना रिश्ता है।
- गाना गाना उनके लिए देश सेवा जैसा है।
- संगीतकार जोड़ी सनी और इंदर ने गानों को संगीतबद्ध किया है।
नई दिल्ली, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना को 100 साल पूरे हो चुके हैं। संघ के संघर्ष को प्रदर्शित करने वाली फिल्म 'शतक' के दो गानों का लॉन्च कार्यक्रम रविवार को दिल्ली में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर फिल्म के निर्माता वीर कपूर, गायक सुखविंदर सिंह, प्रसिद्ध भारतीय संगीतकार जोड़ी सनी और इंदर और संघ के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में गायक सुखविंदर सिंह ने आरएसएस और अपने बचपन से जुड़ी एक ख़ास कहानी साझा की और बताया कि उन्होंने फिल्म में गाने के लिए सहमति क्यों दी।
सुखविंदर सिंह के लिए फिल्म 'शतक' में गाना गाना केवल एक व्यवसायिक काम नहीं, बल्कि देश के प्रति सेवा और समर्पण का प्रतीक है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि हर गाने का एक भाव होता है और जो गाना दिल से गाया जाता है, वो हमेशा याद रहता है। उनके लिए यह एक सेवा का कार्य है। जब गाना रिकॉर्ड हो गया, तो उन्होंने कई बार गाने को फिर से गाया, क्योंकि वे संतुष्ट नहीं थे और चाहते थे कि कोई भी कमी न रह जाए।
फिल्म के निर्माता वीर कपूर ने बताया कि जब हम गाने 'जय जय हिंदुस्तान' के लिए सुखविंदर सिंह के पास गए, तो उन्होंने तुरंत हां कह दिया। हालांकि, हमारी तैयारी पूरी नहीं थी। जब वे स्टूडियो आए, तो उन्हें याद आया कि उनका संघ से पुराना संबंध है। पहले पंजाब में संघ की शाखा लगती थी, जहां सुखविंदर सिंह 4 साल की उम्र में गाना गाते थे और बदले में उन्हें पहले टॉफी और फिर चॉकलेट मिलती थी।
उन्होंने आगे बताया कि गाना पूरा होने के बाद उन्हें फीस के रूप में चॉकलेट दी गई, और ये उन्होंने खुद मांगी थी।
सुखविंदर सिंह ने कहा कि संघ के साथ काम करना उनके लिए एक सौभाग्य की बात है और यह कार्य उनके लिए देश सेवा जैसा है। हर युवा को संघ की कहानी जाननी चाहिए। प्रसिद्ध भारतीय संगीतकार जोड़ी सनी और इंदर ने संघ के चारों गानों को संगीत दिया है।