31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक रैलियों में भीड़ प्रबंधन के लिए दिशानिर्देश जारी करने से इनकार किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक रैलियों में भीड़ प्रबंधन के लिए दिशानिर्देश जारी करने से इनकार किया?

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक रैलियों में भीड़ प्रबंधन के लिए दिशानिर्देश जारी करने की मांग को ठुकरा दिया। यह निर्णय हाल की भगदड़ घटनाओं के बाद आया है, जहां कई लोगों की जान गई थी। क्या यह निर्णय स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा उपायों के लिए एक चुनौती है?

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट ने दिशानिर्देश जारी करने की मांग को ठुकराया।
भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की है।
अदालत ने कहा कि सुरक्षा के उपाय स्थानीय स्तर पर किए जाने चाहिए।
भगदड़ जैसी घटनाएँ बहुत दुखद होती हैं।
अदालत का कार्यक्षेत्र नीतिगत फैसले नहीं लेने तक सीमित है।

नई दिल्ली, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक रैलियों और सभाओं में भीड़ प्रबंधन के लिए दिशानिर्देश या एसओपी जारी करने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है।

कोर्ट ने कहा कि भगदड़ जैसी घटनाएं बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण होती हैं, लेकिन इस तरह के मामलों में व्यापक निर्देश या मानक संचालन प्रक्रिया जारी करना अदालत का कार्य नहीं है।

मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक रैलियों, यात्राओं या सार्वजनिक कार्यक्रमों में भीड़ नियंत्रण के लिए विस्तृत दिशानिर्देश बनाना सरकार, चुनाव आयोग और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी है।

कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वे अपनी मांगों को केंद्र सरकार, संबंधित राज्य सरकारों और सक्षम विभागों के सामने रखें। सक्षम प्राधिकारी इस मुद्दे पर विचार करके उचित कदम उठा सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि राजनीतिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन को लेकर एकसमान और व्यापक निर्देश जारी करना संभव नहीं है, क्योंकि हर कार्यक्रम की परिस्थितियां, स्थान, मौसम और अन्य कारक अलग-अलग होते हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और आयोजकों को ही जिम्मेदारी निभानी चाहिए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।

कोर्ट ने जोर दिया कि अदालतें नीतिगत फैसले नहीं ले सकतीं, बल्कि केवल कानूनी व्याख्या और आवश्यक हस्तक्षेप करती हैं।

यह याचिका हाल की कुछ भगदड़ घटनाओं के बाद दायर की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि सुप्रीम कोर्ट राजनीतिक रैलियों में भीड़ को नियंत्रित करने, आपातकालीन निकास, पुलिस की तैनाती, अग्निशामक व्यवस्था और अन्य सुरक्षा उपायों के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करे।

हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ता की इस मांग को खारिज कर दिया और कहा कि यह कार्यकारी क्षेत्र में आता है और अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि महत्वपूर्ण है। यह निर्णय दर्शाता है कि सुरक्षा के मुद्दे पर स्थानीय स्तर पर ही उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रीम कोर्ट ने दिशानिर्देश जारी करने से क्यों इनकार किया?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह दिशा-निर्देश जारी करना अदालत का काम नहीं है, बल्कि यह सरकार और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है।
क्या अदालत ने याचिकाकर्ता की मांग को स्वीकार किया?
नहीं, अदालत ने याचिकाकर्ता की मांग को खारिज कर दिया।
भीड़ प्रबंधन के लिए कौन जिम्मेदार है?
भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी मुख्य रूप से सरकार, चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 26 मिनट पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले