क्या सूरत में मौसी ने काम करने को कहा तो तीन साल के बेटे की हत्या की?

सारांश
Key Takeaways
- सुरक्षा और सतर्कता की जरूरत है।
- छोटे बच्चों की देखभाल पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।
- समाज में आपसी सहयोग से ही अपराधों को रोका जा सकता है।
- पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
- परिवारिक संघर्षों का बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
सूरत/मुंबई, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के सूरत के अमरोली क्षेत्र में एक भयानक घटना घटी है। एक तीन साल के बच्चे की अपहरण के बाद गला काटकर हत्या कर दी गई। इस अपराध में आरोपी विकास शाह को सूरत क्राइम ब्रांच ने मुंबई से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपनी मौसी से हुई बहस के बाद बच्चे का अपहरण किया और उसे मुंबई ले जाकर ट्रेन की टॉयलेट में हत्या कर दी।
21 अगस्त को एक महिला ने अमरोली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि उसके तीन साल के बेटे का अपहरण भतीजे विकास शाह ने कर लिया। विकास शाह बिहार के सिवान जिले का निवासी है।
पुलिस के मुताबिक, विकास कुछ महीने पहले गुल्फ देशों (ओमान, कतर, सऊदी अरब) से लौटा था और अप्रैल से बेरोजगार था। 15 दिन पहले उसकी मां उसे सूरत लेकर आई थी, लेकिन मौसी के घर पर उसे रहन की इजाजत नहीं मिली। मौसी ने विकास को काम करने और अलग रहने का सुझाव दिया, जिससे वह नाराज हो गया।
जांच में पता चला कि विकास ने मौसी के बेटे का अपहरण कर लिया और उसे मुंबई ले गया। उसने बच्चे की मां और अपनी मौसी का फोन भी साथ लिया। आरोपी फोन को दिन में एक बार चालू करता और फिर बंद कर देता था, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो गया। 22 अगस्त की सुबह मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस में कुशीनगर एक्सप्रेस की टॉयलेट से बच्चे का शव बरामद किया गया। पोस्टमार्टम में पता चला कि उसका गला ब्लेड से काटा गया था।
पुलिस ने फोन की लोकेशन के आधार पर कार्रवाई शुरू की। पहले दिन आरोपी विकास की लोकेशन बांद्रा और फिर कुर्ला में मिली। सूरत क्राइम ब्रांच और मुंबई पुलिस ने तीन घंटे तक ऑपरेशन चलाया। 25 अगस्त की दोपहर आरोपी की लोकेशन बीकेसी में मिली। जब पुलिस ने छापा मारा, तो आरोपी विकास ने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। डीसीपी (सूरत क्राइम ब्रांच) भावेश रोजिया ने बताया कि ट्रेन के कोच में बच्चे की हत्या करने के बाद आरोपी ने शव को टॉयलेट में फेंक दिया और फरार हो गया था।
भावेश रोजिया ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, “विकास शाह पहले गुल्फ देशों में काम करता था, लेकिन भारत आने के बाद बेरोजगार था। मौसी की बात उसे नागवार गुजरी, जिसके बाद उसने ऐसा कदम उठाया।”
पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है और मामले की गहन जांच जारी है।