क्या कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का निधन हो गया?
सारांश
मुख्य बातें
पुणे, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस के मशहूर नेता और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी का 82 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही राजनीतिक, सामाजिक और खेल जगत में शोक की लहर फैल गई।
पुणे और कांग्रेस ने एक ऐसे नेता को खो दिया है, जिनका प्रभाव दशकों तक शहर की राजनीति और विकास पर स्पष्ट रूप से दिखता रहा। सूचना के अनुसार, सुरेश कलमाड़ी का पार्थिव शरीर मंगलवार दोपहर 2 बजे तक पुणे में उनके निवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद शाम 3:30 बजे वैकुंठ स्मशानभूमि में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सुरेश कलमाड़ी को केवल एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि पुणे की राजनीति के 'किंगमेकर' के रूप में भी जाना जाता था। उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत से पहले उन्होंने भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में देश की सेवा की। इसके बाद राजनीति में कदम रखते हुए वे कई बार पुणे से लोकसभा सांसद चुने गए और केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। पुणे के बुनियादी ढांचे, शहरी विकास और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में उनका योगदान आज भी शहर में देखा जा सकता है।
खेलों के क्षेत्र में भी सुरेश कलमाड़ी का योगदान उल्लेखनीय रहा। भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने लंबे समय तक भारतीय खेल प्रशासन का नेतृत्व किया। वर्ष 2010 में आयोजित दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स उनके करियर का एक महत्वपूर्ण अध्याय रहे। हालांकि इन खेलों से जुड़े विवादों ने उनके राजनीतिक जीवन को प्रभावित किया, लेकिन भारत में खेलों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने और बड़े खेल आयोजनों की मेज़बानी की दिशा में उठाए गए कदमों का श्रेय भी उन्हें जाता है।
इसके अलावा, 'पुणे फेस्टिवल' और 'पुणे इंटरनेशनल मैराथन' जैसे प्रतिष्ठित आयोजनों के माध्यम से उन्होंने पुणे को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन आयोजनों ने पुणे को सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया।
उनके निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस पार्टी समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, खेल जगत की हस्तियों और सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सुरेश कलमाड़ी के निधन से न केवल कांग्रेस पार्टी, बल्कि पुणे की राजनीति और खेल जगत को भी अपूरणीय क्षति पहुंची है।