क्या स्वतंत्रता दिवस पर सरपंचों को मिला सम्मान? पीएम मोदी का आभार

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क्या स्वतंत्रता दिवस पर सरपंचों को मिला सम्मान? पीएम मोदी का आभार

सारांश

स्वतंत्रता दिवस पर सरपंचों को मिला सम्मान, क्या यह उनके लिए गर्व का क्षण था? जानें कैसे पीएम मोदी ने इन सरपंचों को आमंत्रित किया और उनके अनुभव क्या थे।

मुख्य बातें

सरपंचों को दिल्ली बुलाना एक महत्वपूर्ण पहल है।
वाइब्रेंट विलेज योजना का उद्देश्य गांवों का विकास करना है।
सरपंचों ने अपने अनुभव साझा किए।
बीएसएफ का योगदान सराहनीय रहा।
यह आयोजन राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देता है।

जोधपुर, 17 अगस्‍त (राष्ट्र प्रेस)। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और गंगानगर के सीमावर्ती क्षेत्रों के सरपंचों को दिल्ली में लाल किले पर आमंत्रित किया। जोधपुर में सरपंचों ने रविवार को अपने अनुभव साझा किए।

सरपंचों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें दिल्ली बुलाकर सम्मानित किया जाएगा। इस मुलाकात के बाद सरपंचों ने पीएम मोदी और बीएसएफ का आभार जताया।

सीमा सुरक्षा बल ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर एक अभिनव पहल की। इसके तहत बॉर्डर पर बीएसएफ के जवानों के साथ हमेशा देश सेवा के लिए तत्पर रहने वाले युवा जनप्रतिनिधियों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। इन्हें लाल किले पर आयोजित परेड में विशेष अतिथि के रूप में भाग लेने का अवसर मिला। इस पहल का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को सम्मानित करना है।

इस दौरान बीएसएफ के आईजी मदनलाल गर्ग ने बताया कि सरकार की ओर से वाइब्रेंट विलेज योजना चलाई गई, जिसके तहत गांव को मजबूत करना और गांव के लोगों को गांव में ही रोजगार मिले ताकि वे अन्‍यत्र नहीं जाएं। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाइब्रेंट विलेज के नाम से एक योजना जारी की, जिसके तहत इन सरपंचों को दिल्ली जाने का अवसर मिला।

इनमें बाड़मेर जिले के नवातला बाखासर गांव के सरपंच भरथाराम, श्रीगंगानगर जिले के कंवरपुरा की सरपंच शकुंतला, बीकानेर जिले के 22 केवाईडी की सरपंच संजना, और जैसलमेर जिले के म्याजलार की सरपंच गीता कंवर को यह विशेष आमंत्रण मिला था।

बीएसएफ आईजी मदनलाल गर्ग ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी होती है। इस दौरान ये लोग भी हमारे साथ जुड़े रहे। बॉर्डर पर रहने की इनकी योग्‍यता अद्वितीय है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इन लोगों ने हमारा साथ दिया; गांव खाली करवाने की जरूरत नहीं पड़ी। दिल्ली में बुलाने के लिए बॉर्डर के चार जिलों के गांव के एक-एक सरपंचों को चुना गया। केंद्र की वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सरपंचों को बुलाया गया था। वाइब्रेंट विलेज योजना का मकसद बॉर्डर के गांवों का विकास करना है। स्किल डेवलपमेंट के जरिए रोजगार के नए अवसर देना है, जिससे गांव के लोगों को रोजगार की तलाश में शहर जाने की जरूरत न पड़े।

बीकानेर जिले के 22 केवाईडी सरपंच संजना ने कहा कि हमें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित करने के लिए बुलाया गया। पीएम मोदी से मिलकर बहुत अच्छा लगा। अपने जीवन में हवाई जहाज में पहली बार सफर किया।

बाड़मेर जिले के नवातला बाखासर गांव के भरथाराम सरपंच ने राष्ट्र प्रेस से बताया कि बहुत अच्छा अनुभव रहा। बीएसएफ के जवानों ने हमें यहां से लेकर दिल्ली तक साथ दिया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने बीएसएफ का हौसला बढ़ाया था, इसलिए हमें स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली बुलाया गया। यह हम सबके लिए गर्व की बात है। हमने कभी नहीं सोचा था कि हवाई सफर का मौका मिलेगा।

सरपंच गीता कंवर ने कहा कि मुझे गर्व है कि 15 अगस्‍त के दिन पीएम मोदी ने निमंत्रण दिया। वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत दिल्ली लेकर जाने वाले बीएसएफ की व्यवस्था बहुत बेहतर थी। लाल किले से पीएम का भाषण सुनकर बहुत अच्छा लगा। निमंत्रण देने के लिए पीएम का बहुत आभार।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह दर्शाती है कि सरकार सीमावर्ती गांवों के विकास और उनके प्रतिनिधियों को महत्व देती है। यह एक सकारात्मक पहल है जो राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा को भी बढ़ावा देती है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वतंत्रता दिवस पर सरपंचों को क्यों बुलाया गया?
सरपंचों को पीएम मोदी द्वारा सम्मानित करने के लिए बुलाया गया ताकि वे वाइब्रेंट विलेज योजना का हिस्सा बन सकें।
सरपंचों ने दिल्ली में क्या अनुभव किया?
सरपंचों ने दिल्ली में लाल किले पर पीएम मोदी से मिलने का अनुभव साझा किया और इसे गर्व का क्षण बताया।
वाइब्रेंट विलेज योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों का विकास करना और वहां के लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है।
बीएसएफ का क्या योगदान था?
बीएसएफ ने सरपंचों को सुरक्षा प्रदान की और उन्हें दिल्ली तक पहुंचाने में मदद की।
इस आयोजन का महत्व क्या है?
यह आयोजन सीमावर्ती गांवों के विकास और उनके प्रतिनिधियों को मान्यता देने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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