तमिलनाडु चुनाव में डीएमके की शिकायत पर संदीप मित्तल को एंटी-करप्शन DGP पद से हटाया गया

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तमिलनाडु चुनाव में डीएमके की शिकायत पर संदीप मित्तल को एंटी-करप्शन DGP पद से हटाया गया

सारांश

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले, निर्वाचन आयोग ने डीएमके की शिकायत के आधार पर संदीप मित्तल को एंटी-करप्शन DGP पद से हटा दिया। यह कदम चुनावी निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

Key Takeaways

  • संदीप मित्तल को डीएमके की शिकायत पर हटाया गया।
  • आयोग का निर्णय चुनावी निष्पक्षता बनाए रखने के लिए है।
  • मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के भी तबादले हुए हैं।
  • डीएमके ने मित्तल पर पक्षपात के आरोप लगाए।
  • यह कदम चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण है।

चेन्नई, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में भारत निर्वाचन आयोग ने डीएमके की शिकायत के बाद संदीप मित्तल को एंटी-करप्शन DGP के पद से हटा दिया है।

यह कार्रवाई द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम द्वारा लगाए गए पक्षपात और कदाचार के आरोपों के बाद की गई है।

चुनाव आयोग ने यह कदम आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद प्रशासनिक निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उठाया है। पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई थी, जिसके चलते आयोग ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण तबादले किए।

इससे पहले आयोग ने मुख्य सचिव मुरुगानंदम, एंटी-करप्शन DGP डेविडसन देवासिरवाथम और चेन्नई पुलिस आयुक्त सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले के आदेश दिए थे।

इसके बाद आईएएस अधिकारी साई कुमार को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया, जबकि संदीप मित्तल को एंटी-करप्शन विंग का प्रमुख बनाया गया था।

राज्य प्रशासन में आगे बदलाव करते हुए पर्यटन एवं धर्मार्थ बंदोबस्त विभाग के सचिव रहे मणिवासन को नया गृह सचिव नियुक्त किया गया, जिन्होंने धीरज कुमार की जगह ली। यह बदलाव भी प्रशासनिक संतुलन और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से किए गए।

हालांकि, मित्तल की नियुक्ति जल्द ही विवादों में घिर गई जब डीएमके नेता डी. आर. बालू ने चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

उन्होंने आरोप लगाया कि मित्तल के राजनीतिक झुकाव भाजपा और आरएसएस की ओर हैं, जिसका आधार उनके पुराने सोशल मीडिया पोस्ट बताए गए।

शिकायत में यह भी कहा गया कि इस्लाम और वामपंथी विचारधाराओं पर मित्तल की टिप्पणियां उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठाती हैं। साथ ही उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए गए, जिससे उन्हें हटाने की मांग तेज हो गई।

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए बालू ने आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी। शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने अब मित्तल को एंटी-करप्शन DGP के पद से हटा दिया है।

इस कदम को तमिलनाडु में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में आयोग का महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

Point of View

जिससे यह स्पष्ट होता है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के पक्षपात को सहन नहीं किया जाएगा। यह कदम तमिलनाडु में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

संदीप मित्तल को क्यों हटाया गया?
उन्हें डीएमके द्वारा लगाए गए पक्षपात और कदाचार के आरोपों के कारण हटाया गया है।
चुनाव आयोग ने यह कदम क्यों उठाया?
यह कदम चुनावी निष्पक्षता बनाए रखने के लिए और आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद उठाया गया है।
डीएमके ने संदीप मित्तल के खिलाफ क्या आरोप लगाए?
डीएमके ने आरोप लगाया कि मित्तल का राजनीतिक झुकाव भाजपा और RSS की ओर है।
क्या यह कदम चुनाव प्रक्रिया पर असर डालेगा?
हाँ, यह कदम निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
कौन से अन्य अधिकारियों के तबादले हुए?
मुख्य सचिव मुरुगानंदम और एंटी-करप्शन DGP डेविडसन देवासिरवाथम के भी तबादले हुए हैं।
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