तमिलनाडु के पश्चिमी घाट जिलों में 48 घंटे मध्यम बारिश का अलर्ट, IMD ने भूस्खलन की चेतावनी दी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 जुलाई 2026 को तमिलनाडु के पश्चिमी घाट से सटे जिलों में अगले 48 घंटों तक मध्यम बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज सतही हवाओं की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, यह मौसम प्रणाली दक्षिणी गुजरात से मध्य केरल तक फैले निम्न दबाव (लो-प्रेशर) के ट्रफ के कारण सक्रिय हुई है।
मुख्य मौसम चेतावनी
IMD के ताज़ा बुलेटिन के अनुसार, पश्चिमी घाट के पहाड़ी जिलों में बारिश के साथ भूस्खलन और स्थानीय स्तर पर जलभराव का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने प्रशासन और स्थानीय निवासियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी गई है।
निम्न दबाव का ट्रफ — मौसम बदलाव की वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिणी गुजरात से मध्य केरल तक फैला निम्न दबाव का ट्रफ दक्षिण भारत में नमी की आपूर्ति कर रहा है। यही कारण है कि पश्चिमी घाट में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनी हुई हैं, जबकि राज्य के मैदानी और तटीय हिस्सों में वर्षा सीमित रहने का अनुमान है। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण-पश्चिम मानसून पहले ही केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में दस्तक दे चुका है।
चेन्नई और अन्य क्षेत्रों का हाल
राजधानी चेन्नई और आसपास के इलाकों में आसमान में बादल छाए रहेंगे, लेकिन भारी बारिश की संभावना नहीं है — केवल कुछ इलाकों में हल्की फुहारें पड़ सकती हैं। पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्र में भी अगले दो दिनों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पश्चिमी घाट को छोड़कर शेष राज्य में भारी वर्षा की कोई संभावना नहीं है।
तापमान और उमस का असर
IMD के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। हवा में नमी और बढ़े हुए तापमान के संयोग से विशेष रूप से तटीय और मैदानी इलाकों में उमस भरी परिस्थितियाँ बनेंगी, जो लोगों के लिए असुविधाजनक हो सकती हैं।
आगे क्या
IMD ने कहा है कि वह मौसम की स्थिति पर निरंतर निगरानी रख रहा है और परिस्थितियों में कोई बड़ा बदलाव होने पर समय-समय पर नई चेतावनियाँ और अपडेट जारी किए जाएंगे। पहाड़ी जिलों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और मौसम विभाग के बुलेटिन पर नज़र बनाए रखें।