फिल्म 'अस्सी' का नाम दर्शकों में भ्रम पैदा कर रहा है: मनोज देसाई
सारांश
Key Takeaways
- फिल्म 'अस्सी' 20 फरवरी को रिलीज हुई।
- मनोज देसाई ने तापसी पन्नू की प्रशंसा की।
- फिल्म का नाम दर्शकों में भ्रम पैदा कर रहा है।
- महिला प्रधान फिल्में भी सफल हो सकती हैं।
- 'धुरंधर' जैसी फिल्मों ने अच्छा प्रदर्शन किया है।
मुंबई, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेत्री तापसी पन्नू की नवीनतम हिंदी कोर्टरूम ड्रामा फिल्म 'अस्सी' इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसे 20 फरवरी को सिनेमाघरों में प्रस्तुत किया गया था।
राष्ट्र प्रेस से संवाद करते हुए, मुंबई के प्रसिद्ध जी7 मल्टीप्लेक्स और मराठा मंदिर सिनेमा के कार्यकारी निदेशक मनोज देसाई ने कहा, "तापसी पन्नू एक बहुत ही प्रॉमिसिंग अभिनेत्री हैं और मैं उनका बड़ा प्रशंसक हूं। उनकी अभिनय क्षमता अद्भुत है, फिर भी फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाना थोड़ा आश्चर्यचकित करने वाला है।"
उनके अनुसार, फिल्म के शीर्षक ने दर्शकों को भ्रमित किया है। लोग प्रबंधन से पूछ रहे थे कि फिल्म का सही नाम क्या है।
महिला प्रधान फिल्मों की सफलता पर उन्होंने कहा, "यह सही नहीं है कि ऐसी फिल्में नहीं चलतीं। 'मर्दानी 1', 'मर्दानी 2' और 'मर्दानी 3' ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया है।"
उन्होंने 'ओ रोमियो' फिल्म पर चर्चा करते हुए कहा, "हम 'ओ रोमियो' को 4 स्क्रीन पर प्रदर्शित कर रहे हैं और इसका प्रदर्शन न तो बहुत अच्छा है, न ही बुरा। यह एक औसत फिल्म है।"
उन्होंने बताया कि 'धुरंधर' सबसे अधिक हिंसा वाली फिल्म है और इसने बॉक्स ऑफिस में अच्छा प्रदर्शन किया है। दर्शक इसे फिर से देख रहे हैं। 'बॉर्डर 2' ने भी अच्छी कमाई की है और अब लोग 'धुरंधर 2' का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।
फिल्म 'टॉक्सिक' के संबंध में उन्होंने कहा, "यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद करती है।"
मनोज देसाई एक अनुभवी फिल्म प्रदर्शक हैं, जो दशकों से हिंदी फिल्म उद्योग में सक्रिय हैं और सिंगल स्क्रीन थिएटरों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
'अस्सी' फिल्म का निर्देशन अनुभव सिन्हा ने किया है, जिसमें तापसी पन्नू ने मुख्य भूमिका निभाई है। यह फिल्म भूषण कुमार, कृष्ण कुमार और अनुभव सिन्हा द्वारा बनारस मीडियावर्क्स और टी-सीरीज फिल्म्स के बैनर तले निर्मित की गई है।
फिल्म की कहानी एक वकील के इर्द-गिर्द घूमती है, जो यौन उत्पीड़न से जुड़े गंभीर मामले को अपने हाथ में लेती है और न्याय के लिए संघर्ष करती है।