27 सितंबर 2026
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तरंग शक्ति 2026: जोधपुर में शुरू हुआ महाअभ्यास, अमेरिका के 6 F-35 विमान और 200 वायुसैनिक पहुँचे

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तरंग शक्ति 2026: जोधपुर में शुरू हुआ महाअभ्यास, अमेरिका के 6 F-35 विमान और 200 वायुसैनिक पहुँचे

सारांश

भारतीय वायुसेना की मेजबानी में 'तरंग शक्ति 2026' जोधपुर में शुरू हो चुका है — और इस बार दाँव बड़े हैं। पहली बार अमेरिका के 6 F-35 लाइटनिंग-II विमान भारतीय आसमान में उड़ान भर रहे हैं। 8 देश सीधे भागीदार, 32 देश प्रेक्षक — यह सिर्फ अभ्यास नहीं, भारत की बढ़ती बहुपक्षीय सैन्य साख का प्रदर्शन है।

मुख्य बातें

तरंग शक्ति 2026 का दूसरा संस्करण 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित हो रहा है।
अमेरिका के 6 एफ-35 लाइटनिंग-II विमान और 200 से अधिक वायुसैनिक पहली बार इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं।
8 देश (भारत, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, श्रीलंका, यूएई) सक्रिय भागीदार; 32 देश ऑब्जर्वर के रूप में शामिल।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने 24 सितंबर को महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में 'युद्ध अभ्यास 2026' का अवलोकन किया।
भारतीय सेना की पिनाका रॉकेट लॉन्चर, धनुष तोप, अपाचे हेलीकॉप्टर ; अमेरिकी सेना की हिमार्स, एम-लिड्स प्रणालियों ने फायरिंग प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

भारतीय वायुसेना (IAF) की मेजबानी में बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' का दूसरा संस्करण 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक राजस्थान के जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित किया जा रहा है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पुष्टि की कि अमेरिकी वायु शक्ति जोधपुर पहुँच चुकी है। यह अभ्यास भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी और बहुपक्षीय सैन्य सहयोग की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।

अभ्यास में क्या है खास

राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर अपनी पोस्ट में बताया कि पहली बार 6 एफ-35 लाइटनिंग-II लड़ाकू विमान और 200 से अधिक अमेरिकी वायुसैनिक तरंग शक्ति अभ्यास में हिस्सा लेने के लिए भारत में हैं। उन्होंने लिखा कि अमेरिका के सर्वश्रेष्ठ पाँचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को इस अभ्यास में पहली बार उड़ान भरते हुए देखना रोमांचक है।

इस महाअभ्यास में भारत सहित 8 देश — अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और यूएई — अपने लड़ाकू विमानों के साथ सीधे तौर पर भाग ले रहे हैं। इसके अलावा 32 अन्य देश बतौर ऑब्जर्वर (प्रेक्षक) इस अभ्यास का हिस्सा हैं, जो इसे भारत के अब तक के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यासों में से एक बनाता है।

महाजन रेंज में युद्ध अभ्यास 2026

इससे पहले 24 सितंबर 2026 को राजदूत गोर ने राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास 'युद्ध अभ्यास 2026' का अवलोकन किया। इस मौके पर 10वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल विक्रांत सुरेश देशपांडे भी उपस्थित रहे।

गोर ने कहा कि अमेरिकी और भारतीय सेनाओं को एक साथ प्रशिक्षण करते देखना प्रभावशाली था। उन्होंने यह भी कहा कि यह अभ्यास विश्वास, तत्परता, अंतर-संचालन और साझा उद्देश्य को प्रतिबिंबित करता है।

हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन

महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हुए संयुक्त फायरिंग प्रदर्शन में भारतीय सेना की पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, एम777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर और धनुष आर्टिलरी सिस्टम ने हिस्सा लिया। इसके साथ एएच-64ई अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर, एल70 वायु रक्षा गन और स्वाति वेपन लोकेटिंग रडार भी अभ्यास का हिस्सा रहे।

अमेरिकी सेना ने हिमार्स और एम-लिड्स जैसी उन्नत प्रणालियों के साथ अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। इस संयुक्त प्रशिक्षण का उद्देश्य महज हथियारों का प्रदर्शन नहीं था — बल्कि दोनों सेनाओं ने जटिल सैन्य अभियानों की संयुक्त योजना, समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन की क्षमता को भी परखा और मज़बूत किया।

रणनीतिक महत्व

गौरतलब है कि 'तरंग शक्ति' अभ्यास की शुरुआत 2024 में हुई थी, और यह इसका दूसरा संस्करण है। F-35 जैसे पाँचवीं पीढ़ी के विमानों की पहली बार भागीदारी इस अभ्यास को विशेष महत्व देती है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका रक्षा तकनीक, सह-उत्पादन और खुफिया साझाकरण के क्षेत्रों में अपने संबंधों को नई ऊँचाइयों पर ले जा रहे हैं।

तोपखाने, रॉकेट, लड़ाकू हेलीकॉप्टर, वायु रक्षा और निगरानी प्रणालियों के बीच समन्वय पर विशेष जोर इस बात का संकेत है कि दोनों देश संभावित बहु-डोमेन अभियानों के लिए संचालनात्मक अंतर-संचालनीयता को प्राथमिकता दे रहे हैं। अभ्यास 12 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तरंग शक्ति 2026 अभ्यास क्या है और यह कहाँ हो रहा है?
तरंग शक्ति 2026 भारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास है, जिसका दूसरा संस्करण 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक राजस्थान के जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित किया जा रहा है। इसमें 8 देश सक्रिय भागीदार हैं और 32 देश प्रेक्षक के रूप में शामिल हैं।
अमेरिका इस अभ्यास में क्या लेकर आया है?
अमेरिका ने पहली बार 6 एफ-35 लाइटनिंग-II पाँचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान और 200 से अधिक वायुसैनिकों को तरंग शक्ति 2026 के लिए जोधपुर भेजा है। इसके अलावा महाजन फायरिंग रेंज में हिमार्स और एम-लिड्स जैसी ज़मीनी प्रणालियाँ भी युद्ध अभ्यास 2026 में प्रदर्शित की गईं।
इस अभ्यास में कौन-कौन से देश भाग ले रहे हैं?
भारत सहित कुल 8 देश — अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और यूएई — अपने लड़ाकू विमानों के साथ सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। इसके अलावा 32 अन्य देश ऑब्जर्वर के रूप में अभ्यास देख रहे हैं।
महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में क्या हुआ?
24 सितंबर 2026 को महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में 'युद्ध अभ्यास 2026' के तहत भारत-अमेरिका संयुक्त फायरिंग प्रदर्शन आयोजित हुआ, जिसे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और लेफ्टिनेंट जनरल विक्रांत सुरेश देशपांडे ने देखा। भारत की पिनाका रॉकेट लॉन्चर, धनुष तोप, अपाचे हेलीकॉप्टर और स्वाति रडार के साथ अमेरिकी हिमार्स व एम-लिड्स ने इसमें हिस्सा लिया।
F-35 का तरंग शक्ति में भाग लेना क्यों महत्वपूर्ण है?
एफ-35 लाइटनिंग-II अमेरिका का सबसे उन्नत पाँचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है और यह पहली बार किसी भारतीय वायु अभ्यास में भाग ले रहा है। यह भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी की गहराई और दोनों वायुसेनाओं के बीच बढ़ती अंतर-संचालनीयता का संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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