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तरंग शक्ति 2026: जोधपुर में 7 देशों की वायु सेनाएं, F-35 से राफेल तक एक साथ उड़ान

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तरंग शक्ति 2026: जोधपुर में 7 देशों की वायु सेनाएं, F-35 से राफेल तक एक साथ उड़ान

सारांश

जोधपुर के आसमान में अब दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमान एक साथ उड़ेंगे। तरंग शक्ति 2026 में 7 देशों की वायु सेनाएं F-35, राफेल और F-16 लेकर उतरी हैं — यह भारत की बढ़ती बहुपक्षीय रक्षा साझेदारियों का सबसे बड़ा हवाई प्रदर्शन है।

मुख्य बातें

तरंग शक्ति 2026 का ऑपरेशनल चरण जोधपुर में शुरू हुआ, अभ्यास 12 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
7 मित्र देश — ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, UAE, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश — भारतीय वायुसेना के साथ भाग ले रहे हैं।
अभ्यास में F-35 लाइटनिंग II , राफेल , F-16 , A400M , MRTT और KC-30A जैसे विमान शामिल हैं।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और फ्रांसीसी वायु सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डोमिनिक टार्डिफ ने अभ्यास स्थल का दौरा किया।
तरंग शक्ति का पहला संस्करण 2024 में हुआ था; यह दूसरा और अधिक विस्तृत संस्करण है।
अभ्यास में रक्षा संगोष्ठी, औद्योगिक भ्रमण और सेखों मैराथन जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल हैं।

भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' जोधपुर में अपने ऑपरेशनल चरण में प्रवेश कर चुका है, जिसमें सात मित्र देशों — ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश — की वायु सेनाएं एक साथ आसमान में उड़ान भरेंगी। यह अभ्यास 12 अक्टूबर 2026 तक चलेगा और इसमें F-35 लाइटनिंग II, राफेल तथा F-16 जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान शामिल हैं।

अभ्यास का उद्घाटन और राजनयिक उपस्थिति

रविवार, 27 सितंबर 2026 को भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने अभ्यास स्थल पर विभिन्न वायु सेनाओं के बीच संयुक्तता, अंतर-संचालनीयता और सौहार्द का जायजा लिया। इसी दौरान फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डोमिनिक टार्डिफ ने अभ्यास निदेशक एयर वाइस मार्शल राज ठाकुर के साथ विस्तृत वार्ता की। इस बैठक में भारतीय वायुसेना और फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों और बढ़ते सहयोग की पुष्टि की गई।

शामिल विमान और उनकी भूमिकाएं

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस अभ्यास में भाग लेने वाले विदेशी विमानों में F-35 लाइटनिंग II, राफेल और F-16 जैसे अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान सम्मिलित हैं। परिवहन और हवाई ईंधन भरने की क्षमता के लिए A400M, MRTT, C-130, C-130J और KC-30A विमान भी तैनात किए गए हैं। यह विविधता तरंग शक्ति को महज एक लड़ाकू अभ्यास से कहीं आगे ले जाती है — यहाँ युद्धक अभियान, सैन्य परिवहन और हवाई ईंधन आपूर्ति जैसी बहुआयामी क्षमताएं एक साझा मंच पर दिखती हैं।

अंतर-संचालनीयता पर फोकस

आधुनिक हवाई अभियानों में बहुराष्ट्रीय तालमेल की अहमियत को देखते हुए, इस अभ्यास में विमान चालक दल, योजना विशेषज्ञ और परिचालन सहायता कर्मी साथ मिलकर काम करेंगे। उनका ध्यान हवाई सुरक्षा, परिचालन प्रक्रियाओं और अनुभवों के आदान-प्रदान पर रहेगा। गौरतलब है कि इस प्रकार का संयुक्त प्रशिक्षण भाग लेने वाले देशों को एक-दूसरे की कार्यशैली और रणनीतिक सोच को करीब से समझने का दुर्लभ अवसर देता है। कुछ अन्य मित्र देश पर्यवेक्षक के रूप में भी इस अभ्यास में शामिल होंगे।

अभ्यास का व्यापक दायरा

तरंग शक्ति 2026 केवल हवाई गतिविधियों तक सीमित नहीं है। अभ्यास के दौरान एक विशेष रक्षा संगोष्ठी, विदेशी दलों के लिए औद्योगिक भ्रमण, सेखों मैराथन, विरासत स्थलों का भ्रमण और योग सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विदेशी प्रतिनिधियों को भारत के विमानन एवं रक्षा उद्योग से परिचय कराया जाएगा और सैन्यकर्मियों के बीच व्यक्तिगत संबंध मजबूत किए जाएंगे।

तरंग शक्ति की पृष्ठभूमि और महत्व

तरंग शक्ति का पहला संस्करण 2024 में आयोजित किया गया था। अब दूसरे संस्करण के जरिए भारतीय वायुसेना अपनी बहुपक्षीय रक्षा साझेदारियों को और गहरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को बनाए रखते हुए Quad, I2U2 और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। आने वाले दिनों में जोधपुर का आसमान दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों की संयुक्त उड़ानों का साक्षी बनेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

फ्रांस, जर्मनी और खाड़ी देशों के साथ आसमान साझा कर रहा है। F-35 और राफेल की एक ही हवाई क्षेत्र में संयुक्त उड़ान यह भी संकेत देती है कि भारत के रक्षा साझेदारी का दायरा अब किसी एक ध्रुव तक सीमित नहीं रहा। हालांकि, असली कसौटी यह है कि ये अभ्यास वास्तविक अंतर-संचालनीयता में तब्दील होते हैं या केवल राजनयिक प्रदर्शन तक रहते हैं — यह 2024 के पहले संस्करण के बाद के नतीजों का आकलन करने से ही स्पष्ट होगा।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तरंग शक्ति 2026 क्या है?
तरंग शक्ति 2026 भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास है, जो जोधपुर में 27 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक आयोजित हो रहा है। इसमें 7 मित्र देशों की वायु सेनाएं भारत के साथ संयुक्त प्रशिक्षण, अंतर-संचालनीयता और अनुभव साझा करने में भाग ले रही हैं।
तरंग शक्ति 2026 में कौन-कौन से देश हिस्सा ले रहे हैं?
इस अभ्यास में भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश — कुल सात देश भाग ले रहे हैं। इसके अलावा कुछ अन्य मित्र देश पर्यवेक्षक के रूप में भी शामिल होंगे।
तरंग शक्ति 2026 में कौन से विमान शामिल हैं?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अभ्यास में F-35 लाइटनिंग II, राफेल और F-16 जैसे लड़ाकू विमान तथा A400M, MRTT, C-130, C-130J और KC-30A जैसे परिवहन और हवाई ईंधन भरने वाले विमान शामिल हैं।
तरंग शक्ति अभ्यास का उद्देश्य क्या है?
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भाग लेने वाले देशों की वायु सेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता, हवाई सुरक्षा और परिचालन प्रक्रियाओं को बेहतर बनाना है। साथ ही, रक्षा संगोष्ठी और औद्योगिक भ्रमण के जरिए भारत के विमानन एवं रक्षा उद्योग को वैश्विक भागीदारों के सामने प्रदर्शित करना भी एक प्रमुख लक्ष्य है।
तरंग शक्ति 2026 पहले संस्करण से कितना अलग है?
तरंग शक्ति का पहला संस्करण 2024 में आयोजित हुआ था। 2026 का दूसरा संस्करण भागीदार देशों की संख्या, शामिल विमानों की विविधता और गैर-सैन्य गतिविधियों — जैसे सेखों मैराथन, योग सत्र और विरासत भ्रमण — के मामले में पहले से अधिक विस्तृत और बहुआयामी है।
राष्ट्र प्रेस
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