तरंग शक्ति 2026: जोधपुर में 7 देशों की वायु सेनाएं, F-35 से राफेल तक एक साथ उड़ान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' जोधपुर में अपने ऑपरेशनल चरण में प्रवेश कर चुका है, जिसमें सात मित्र देशों — ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश — की वायु सेनाएं एक साथ आसमान में उड़ान भरेंगी। यह अभ्यास 12 अक्टूबर 2026 तक चलेगा और इसमें F-35 लाइटनिंग II, राफेल तथा F-16 जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान शामिल हैं।
अभ्यास का उद्घाटन और राजनयिक उपस्थिति
रविवार, 27 सितंबर 2026 को भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने अभ्यास स्थल पर विभिन्न वायु सेनाओं के बीच संयुक्तता, अंतर-संचालनीयता और सौहार्द का जायजा लिया। इसी दौरान फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डोमिनिक टार्डिफ ने अभ्यास निदेशक एयर वाइस मार्शल राज ठाकुर के साथ विस्तृत वार्ता की। इस बैठक में भारतीय वायुसेना और फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों और बढ़ते सहयोग की पुष्टि की गई।
शामिल विमान और उनकी भूमिकाएं
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस अभ्यास में भाग लेने वाले विदेशी विमानों में F-35 लाइटनिंग II, राफेल और F-16 जैसे अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान सम्मिलित हैं। परिवहन और हवाई ईंधन भरने की क्षमता के लिए A400M, MRTT, C-130, C-130J और KC-30A विमान भी तैनात किए गए हैं। यह विविधता तरंग शक्ति को महज एक लड़ाकू अभ्यास से कहीं आगे ले जाती है — यहाँ युद्धक अभियान, सैन्य परिवहन और हवाई ईंधन आपूर्ति जैसी बहुआयामी क्षमताएं एक साझा मंच पर दिखती हैं।
अंतर-संचालनीयता पर फोकस
आधुनिक हवाई अभियानों में बहुराष्ट्रीय तालमेल की अहमियत को देखते हुए, इस अभ्यास में विमान चालक दल, योजना विशेषज्ञ और परिचालन सहायता कर्मी साथ मिलकर काम करेंगे। उनका ध्यान हवाई सुरक्षा, परिचालन प्रक्रियाओं और अनुभवों के आदान-प्रदान पर रहेगा। गौरतलब है कि इस प्रकार का संयुक्त प्रशिक्षण भाग लेने वाले देशों को एक-दूसरे की कार्यशैली और रणनीतिक सोच को करीब से समझने का दुर्लभ अवसर देता है। कुछ अन्य मित्र देश पर्यवेक्षक के रूप में भी इस अभ्यास में शामिल होंगे।
अभ्यास का व्यापक दायरा
तरंग शक्ति 2026 केवल हवाई गतिविधियों तक सीमित नहीं है। अभ्यास के दौरान एक विशेष रक्षा संगोष्ठी, विदेशी दलों के लिए औद्योगिक भ्रमण, सेखों मैराथन, विरासत स्थलों का भ्रमण और योग सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विदेशी प्रतिनिधियों को भारत के विमानन एवं रक्षा उद्योग से परिचय कराया जाएगा और सैन्यकर्मियों के बीच व्यक्तिगत संबंध मजबूत किए जाएंगे।
तरंग शक्ति की पृष्ठभूमि और महत्व
तरंग शक्ति का पहला संस्करण 2024 में आयोजित किया गया था। अब दूसरे संस्करण के जरिए भारतीय वायुसेना अपनी बहुपक्षीय रक्षा साझेदारियों को और गहरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को बनाए रखते हुए Quad, I2U2 और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। आने वाले दिनों में जोधपुर का आसमान दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों की संयुक्त उड़ानों का साक्षी बनेगा।