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तरंग शक्ति-2026: 28 सितंबर से जोधपुर में बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास, यूरोप-एशिया के लड़ाकू विमान होंगे शामिल

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तरंग शक्ति-2026: 28 सितंबर से जोधपुर में बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास, यूरोप-एशिया के लड़ाकू विमान होंगे शामिल

सारांश

'तरंग शक्ति-2026' सिर्फ एक अभ्यास नहीं — यह भारत की बढ़ती वायु-सैन्य कूटनीति का सार्वजनिक प्रदर्शन है। यूरोप और एशिया की वायुसेनाओं के साथ जोधपुर में 14 दिन का यह संयुक्त युद्धाभ्यास भारतीय वायुसेना की वैश्विक अंतरसंचालनीयता को नई ऊंचाई देगा।

मुख्य बातें

भारतीय वायुसेना का 'तरंग शक्ति-2026' अभ्यास 28 सितंबर से 11 अक्टूबर 2026 तक वायुसेना स्टेशन जोधपुर, राजस्थान में होगा।
यूरोप और एशिया सहित कई देशों के लड़ाकू विमान और वायुसेना दल संयुक्त हवाई अभियानों में हिस्सा लेंगे।
अभ्यास का मीडिया दिवस और आगंतुक दिवस 10 अक्टूबर को निर्धारित है।
माउंट आबू वायुसेना स्टेशन के एयर वॉरियर्स ने देर रात भीषण आग के दौरान ज्वलनशील गैस सिलेंडर सुरक्षित निकाले, बड़ा हादसा टाला।
वायुसेना की एयर कमांड के अनुसार एक गैस सिलेंडर आग में फट भी चुका था, शेष को समय रहते बाहर निकाला गया।

भारतीय वायुसेना का प्रमुख बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास 'तरंग शक्ति-2026' 28 सितंबर से 11 अक्टूबर 2026 तक राजस्थान के वायुसेना स्टेशन जोधपुर में आयोजित किया जाएगा। इस अभ्यास में यूरोप और एशिया सहित कई देशों की वायुसेनाएं भारतीय वायुसेना के साथ संयुक्त सामरिक अभियानों और हवाई युद्धाभ्यास में हिस्सा लेंगी।

अभ्यास का उद्देश्य और स्वरूप

'तरंग शक्ति-2026' का मुख्य उद्देश्य विभिन्न देशों की वायुसेनाओं के बीच परिचालन सहयोग, आपसी समन्वय और संयुक्त सामरिक प्रक्रियाओं को मज़बूत करना है। अभ्यास के दौरान प्रतिभागी वायुसेनाएं एक-दूसरे की परिचालन पद्धतियों और अनुभवों को समझने का अवसर प्राप्त करेंगी।

संयुक्त प्रशिक्षण के अंतर्गत विभिन्न परिस्थितियों में हवाई अभियान, सामरिक समन्वय और मिशन संचालन से जुड़ी क्षमताओं की परख की जाएगी। अलग-अलग देशों के लड़ाकू विमान और वायुसेना दल जटिल हवाई परिदृश्यों में साझा प्रशिक्षण लेंगे।

मीडिया और आगंतुक दिवस

अभ्यास का विशिष्ट आगंतुक दिवस और मीडिया दिवस 10 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। इस दौरान अभ्यास में भाग लेने वाले विभिन्न देशों के वायुसेना दल, उनके विमान और परिचालन गतिविधियों को करीब से देखने का मौका मिलेगा। गौरतलब है कि 'तरंग शक्ति' श्रृंखला भारतीय वायुसेना के बढ़ते वैश्विक सैन्य-सहयोग एजेंडे का अहम हिस्सा बन चुकी है।

माउंट आबू में वायुसेना का साहसिक बचाव अभियान

इसी बीच माउंट आबू वायुसेना स्टेशन के एयर वॉरियर्स ने एक गंभीर हादसे को टालने में निर्णायक भूमिका निभाई। वायुसेना की एयर कमांड के अनुसार, देर रात लगी भीषण आग के दौरान एक गैस सिलेंडर पहले ही फट चुका था, जबकि आग की लपटों के बीच कई अन्य अत्यधिक ज्वलनशील गैस सिलेंडर मौजूद थे।

सिलेंडरों के गर्म होकर फटने की आशंका से आसपास के क्षेत्र में बड़ी क्षति हो सकती थी। आग की सूचना मिलते ही वायुसेना की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पहली प्रतिक्रिया दल के रूप में मोर्चा संभाला।

सिलेंडर सुरक्षित निकाले, बड़ा हादसा टला

वायुसेना के जवानों ने साहस और तत्परता का परिचय देते हुए आग पर काबू पाने के साथ-साथ बचे हुए ज्वलनशील गैस सिलेंडरों को सुरक्षित तरीके से वहां से बाहर निकाला। इस कार्रवाई से सिलेंडरों के फटने और आग के और अधिक फैलने का खतरा टल गया। यह घटना वायुसेना कर्मियों की आपातकालीन तैयारी और अनुशासन का प्रमाण है।

रणनीतिक महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब भारत लगातार अपनी वायु शक्ति को बहुपक्षीय ढाँचे में प्रदर्शित करने पर ज़ोर दे रहा है। 'तरंग शक्ति-2026' भारतीय वायुसेना और भाग लेने वाली विदेशी वायुसेनाओं के बीच पेशेवर सहयोग और संयुक्त हवाई अभियान अनुभव साझा करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। अभ्यास के बाद के मूल्यांकन से दोनों पक्षों की अंतरसंचालनीयता पर दीर्घकालिक असर पड़ने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए सार्वजनिक आकलन सीमित होता है। माउंट आबू की घटना एक अलग परंतु महत्वपूर्ण संदेश देती है — वायुसेना की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता केवल युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि इन अभ्यासों में भाग लेने वाले देशों की सूची भारत की भू-राजनीतिक प्राथमिकताओं का सटीक दर्पण होती है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तरंग शक्ति-2026 क्या है और यह कब होगा?
तरंग शक्ति-2026 भारतीय वायुसेना का प्रमुख बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास है, जो 28 सितंबर से 11 अक्टूबर 2026 तक राजस्थान के वायुसेना स्टेशन जोधपुर में आयोजित होगा। इसमें यूरोप और एशिया सहित कई देशों की वायुसेनाएं संयुक्त हवाई अभियानों में हिस्सा लेंगी।
तरंग शक्ति-2026 में कौन-कौन से देश भाग लेंगे?
अभ्यास में यूरोप और एशिया समेत कई देशों की वायुसेनाएं शामिल होंगी। विभिन्न देशों के लड़ाकू विमान और वायुसेना दल भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर जटिल हवाई अभियानों का अभ्यास करेंगे, हालांकि सभी भागीदार देशों की विस्तृत सूची अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
तरंग शक्ति-2026 का मीडिया दिवस कब है?
अभ्यास का विशिष्ट आगंतुक दिवस और मीडिया दिवस 10 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस दिन अभ्यास में शामिल विभिन्न देशों के वायुसेना दल और उनके विमानों की परिचालन गतिविधियों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
माउंट आबू में वायुसेना ने किस हादसे को टाला?
माउंट आबू वायुसेना स्टेशन के एयर वॉरियर्स ने देर रात लगी भीषण आग के दौरान एक बड़ा हादसा टाला। वायुसेना की एयर कमांड के अनुसार, एक गैस सिलेंडर पहले ही फट चुका था और आग में कई अन्य ज्वलनशील गैस सिलेंडर मौजूद थे, जिन्हें जवानों ने साहसपूर्वक सुरक्षित बाहर निकाला।
तरंग शक्ति अभ्यास का रणनीतिक महत्व क्या है?
यह अभ्यास भारतीय वायुसेना और विदेशी वायुसेनाओं के बीच परिचालन सहयोग, आपसी समन्वय और संयुक्त सामरिक क्षमताओं को मज़बूत करने का मंच है। यह भारत की बहुपक्षीय सैन्य-कूटनीति और वैश्विक अंतरसंचालनीयता बढ़ाने की रणनीति का अहम हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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