22 सितंबर 2026
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तरंग शक्ति-2026: जोधपुर में उड़ेंगे अमेरिकी F-35 और फ्रांसीसी राफेल, 40 देश होंगे शामिल

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तरंग शक्ति-2026: जोधपुर में उड़ेंगे अमेरिकी F-35 और फ्रांसीसी राफेल, 40 देश होंगे शामिल

सारांश

जोधपुर की आसमान में इस बार इतिहास बनेगा — अमेरिका के F-35 स्टील्थ जेट और फ्रांस के राफेल समेत 7 देशों के विमान 28 सितंबर से भारतीय वायुसेना के साथ उड़ान भरेंगे। 40 देशों की भागीदारी वाला 'तरंग शक्ति-2026' भारत की बढ़ती रक्षा कूटनीति का सबसे बड़ा हवाई प्रदर्शन है।

मुख्य बातें

भारतीय वायुसेना का ' तरंग शक्ति-2026 ' अभ्यास 28 सितंबर से 11 अक्टूबर 2026 तक जोधपुर वायुसेना स्टेशन, राजस्थान में आयोजित होगा।
लगभग 40 देश भाग लेंगे — 7 देश लड़ाकू विमानों के साथ, शेष पर्यवेक्षक के रूप में।
अमेरिका 6 F-35 और 2 KC-135 ; फ्रांस 7 राफेल , 3 A400M और 2 MRTT विमान लेकर आएगा।
UAE 6 F-16 और 1 Global 6000 ; जर्मनी 2 A400M ; श्रीलंका 1 King Air 350 भेजेगा।
IAF के विमानों में राफेल, सुखोई-30 MKI, LCA तेजस, जगुआर, मिराज और MiG-29 शामिल।
10 अक्टूबर को विशिष्ट आगंतुक दिवस और मीडिया दिवस आयोजित होगा।

भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास 'तरंग शक्ति-2026' इस बार अब तक का सबसे व्यापक स्वरूप लेने जा रहा है — 28 सितंबर से 11 अक्टूबर 2026 तक राजस्थान के जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर लगभग 40 देशों की भागीदारी के साथ यह अभ्यास आयोजित होगा। अमेरिका के अत्याधुनिक F-35 लड़ाकू विमान और फ्रांस के राफेल समेत कई देशों की वायुसेनाएँ भारतीय लड़ाकू विमानों के साथ संयुक्त हवाई अभियानों का अभ्यास करेंगी।

अभ्यास का विस्तार और भाग लेने वाले देश

इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास में सात देश अपने लड़ाकू विमानों और अन्य वायु परिसंपत्तियों के साथ सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे — अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, जर्मनी, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)। शेष देश पर्यवेक्षक के रूप में जोधपुर पहुँचेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी रक्षा कूटनीति को व्यापक बनाने और विभिन्न देशों की वायुसेनाओं के साथ अंतर-संचालनीयता (interoperability) विकसित करने की दिशा में सक्रिय है।

विदेशी विमानों का पूरा ब्यौरा

अमेरिका 6 F-35 लड़ाकू विमानों के साथ-साथ 2 KC-135 टैंकर विमान लेकर भाग लेगा। फ्रांस की ओर से 7 राफेल, 3 A400M परिवहन विमान और 2 MRTT (Multi-Role Tanker Transport) विमान शामिल होंगे। UAE सबसे विविध बेड़ा लेकर आएगा — 6 F-16 और 1 Global 6000 विमान। ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश प्रत्येक 1 C-130 विमान के साथ भाग लेंगे, जबकि जर्मनी 2 A400M और श्रीलंका 1 King Air 350 विमान भेजेगा।

भारतीय वायुसेना का योगदान

भारतीय वायुसेना (IAF) भी अपने समस्त अग्रणी लड़ाकू विमानों के साथ अभ्यास में उतरेगी। इनमें राफेल, सुखोई-30 MKI, LCA तेजस, जगुआर, मिराज और MiG-29 शामिल हैं। गौरतलब है कि तेजस की उपस्थिति भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता का अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन भी है।

अभ्यास के उद्देश्य

'तरंग शक्ति-2026' का मुख्य उद्देश्य भाग लेने वाली वायुसेनाओं के बीच परिचालन सहयोग, आपसी समन्वय और संयुक्त सामरिक प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करना है। जटिल हवाई अभियानों के संचालन, सामरिक समन्वय और मिशन क्षमताओं का परीक्षण अलग-अलग परिस्थितियों में किया जाएगा। यह विभिन्न वायुसेनाओं के बीच पेशेवर अनुभव और परिचालन प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान का भी अनूठा अवसर है।

विशेष आगंतुक दिवस और आगे की राह

10 अक्टूबर को विशिष्ट आगंतुक दिवस और मीडिया दिवस आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न देशों के वायुसेना दलों और उनके विमानों की गतिविधियों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। F-35 जैसे स्टील्थ विमान की भारतीय धरती पर पहली बड़े पैमाने की उपस्थिति इस अभ्यास को रक्षा विशेषज्ञों की दृष्टि से विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाती है। 'तरंग शक्ति-2026' भारत की बढ़ती सामरिक साझेदारियों का आईना है और यह अभ्यास भविष्य में गहरे रक्षा सहयोग की नींव तैयार करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों की नई गहराई का संकेत है — ऐसे विमान जो अब तक किसी गैर-NATO देश के साथ संयुक्त अभ्यास में शायद ही देखे गए हों। 40 देशों की भागीदारी यह भी दर्शाती है कि भारत गुटनिरपेक्षता की पारंपरिक छवि से आगे बढ़कर बहुध्रुवीय रक्षा साझेदारियों का सक्रिय सूत्रधार बन रहा है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि इस तरह के उच्च-प्रोफाइल अभ्यास सामरिक संदेश तो देते हैं, लेकिन वास्तविक अंतर-संचालनीयता और क्षमता-हस्तांतरण की जाँच जमीनी कार्यान्वयन में होती है। LCA तेजस की मौजूदगी स्वदेशी रक्षा निर्यात की संभावनाओं के लिए भी एक महत्वपूर्णショーकेस है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तरंग शक्ति-2026 वायु अभ्यास क्या है और यह कब होगा?
'तरंग शक्ति-2026' भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास है, जो 28 सितंबर से 11 अक्टूबर 2026 तक राजस्थान के जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर आयोजित होगा। इसमें करीब 40 देशों की भागीदारी होगी, जिनमें 7 देश सक्रिय रूप से अपने लड़ाकू विमान लेकर आएंगे।
तरंग शक्ति-2026 में कौन-कौन से देश हिस्सा लेंगे?
सात देश — अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, जर्मनी, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात — अपने विमान और वायु परिसंपत्तियाँ लेकर भाग लेंगे। शेष देश पर्यवेक्षक के रूप में शामिल होंगे, जिससे कुल भागीदारी करीब 40 देशों तक पहुँचती है।
अमेरिका के F-35 विमान पहली बार भारत में क्यों आ रहे हैं?
अमेरिका 'तरंग शक्ति-2026' के तहत 6 F-35 लड़ाकू विमान और 2 KC-135 टैंकर विमान के साथ जोधपुर पहुँचेगा। यह भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग के गहरे होते संबंधों का प्रतीक है और भारतीय वायुसेना के साथ संयुक्त हवाई अभियानों में F-35 की भागीदारी इस अभ्यास को विशेष महत्व देती है।
भारतीय वायुसेना के कौन-से विमान तरंग शक्ति-2026 में भाग लेंगे?
भारतीय वायुसेना राफेल, सुखोई-30 MKI, LCA तेजस, जगुआर, मिराज और MiG-29 विमानों के साथ अभ्यास में भाग लेगी। स्वदेशी LCA तेजस की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय है, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता का प्रदर्शन भी करेगी।
तरंग शक्ति-2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस अभ्यास का उद्देश्य भाग लेने वाली वायुसेनाओं के बीच परिचालन सहयोग, आपसी समन्वय और संयुक्त सामरिक प्रक्रियाओं को मजबूत करना है। इसके साथ ही विभिन्न परिस्थितियों में हवाई अभियानों और मिशन क्षमताओं का परीक्षण तथा पेशेवर अनुभव का आदान-प्रदान भी प्रमुख लक्ष्य हैं।
राष्ट्र प्रेस
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