तरुण चुघ ने नाना पाटेकर को दी श्रद्धांजलि; राहुल गांधी की राजनीति को बताया 'बार-बार की फ्लॉप लॉन्चिंग'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता तरुण चुघ ने 8 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में बोलते हुए दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं और उन्हें एक सच्चे राष्ट्रवादी व साधारण जीवन जीने वाले असाधारण कलाकार के रूप में याद किया। इसी बातचीत में चुघ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राजनीति पर तीखा प्रहार किया और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी के आवास पर सीबीआई (CBI) की कार्रवाई को लेकर भी बेबाक टिप्पणी की।
नाना पाटेकर को व्यक्तिगत क्षति
चुघ ने नाना पाटेकर के बारे में कहा कि वह एक अच्छी आत्मा, बेहतरीन अभिनेता और देश के प्रति गहरी सोच रखने वाले इंसान थे। उन्होंने बताया कि इतनी ऊँचाइयाँ हासिल करने के बावजूद पाटेकर ने हमेशा साधारण जीवनशैली अपनाई, जो उन्हें औरों से अलग बनाती थी। चुघ ने उनके साथ अपनी व्यक्तिगत मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पाटेकर को न केवल काम करते देखा, बल्कि उनके देश-प्रेम को करीब से महसूस भी किया। यह निधन उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी बड़ी क्षति और असहनीय कष्ट है।
राहुल गांधी पर तीखा हमला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के विरोध-प्रदर्शन पर चुघ ने कहा कि राहुल गांधी के इर्द-गिर्द ऐसे लोग हैं जो उन्हें रोज़ नई राजनीतिक स्क्रिप्ट थमाते हैं और उसी आधार पर उनकी बार-बार 'राजनीतिक लॉन्चिंग' की कोशिश होती है। उन्होंने इसकी तुलना फिल्म उद्योग से करते हुए कहा कि लगातार प्रयासों के बावजूद जनता उन्हें स्वीकार करने के मूड में नहीं है। चुघ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी कभी विदेशी इशारों पर भारत की संस्थाओं और भारतीयता को बदनाम करने की कोशिश करते हैं, तो कभी ऐसे बयान देते हैं जो भारत के हितों के विरुद्ध जाते हैं।
वोटर लिस्ट शुद्धिकरण के मुद्दे पर चुघ ने कहा कि मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं को सूची से हटाना स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक कदम है। उन्होंने दावा किया कि आज़ादी के बाद से यह प्रक्रिया कई बार हो चुकी है और अधिकांश बार कांग्रेस के शासनकाल में ही हुई है। उनका आरोप था कि राहुल गांधी के पास न कोई ठोस मुद्दा है और न नीति, जिसका असर पार्टी की चुनावी स्थिति पर साफ दिखता है।
भगवंत मान के ओएसडी पर सीबीआई कार्रवाई
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी के आवास पर CBI की छापेमारी को लेकर चुघ ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से तीन बार पत्र लिखकर मामला दर्ज करने का अनुरोध किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की भगवंत मान सरकार कानून को व्यक्ति के पद और राजनीतिक रसूख के आधार पर लागू करती है। चुघ ने मुख्यमंत्री कार्यालय पर भ्रष्टाचार का सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि तबादलों, पोस्टिंग और प्रमोशन तक में पैसे लिए जा रहे हैं।
जाँच और कथित क्लीन चिट पर सवाल
चुघ ने कहा कि पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा CBI जाँच की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद अब मामले में सच सामने आना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री मान के उस कथित बयान पर भी सवाल उठाया जिसमें उन्होंने मामले में क्लीन चिट मिलने की बात कही थी। चुघ ने तर्क दिया कि यदि कुछ गलत नहीं हुआ है, तो जाँच का सामना करने में किसी को भय नहीं होना चाहिए। कथित मनी ट्रेल से जुड़े मामलों में कई नाम सामने आए हैं और उनके अनुसार पूरी कड़ी की पड़ताल होनी चाहिए।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) दोनों पर केंद्रीय जाँच एजेंसियों की कार्रवाइयों को लेकर राष्ट्रीय राजनीति में तीखी बहस जारी है। BJP के वरिष्ठ नेताओं की ओर से इस तरह के बयान विपक्षी दलों पर एक साथ कई मोर्चों पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा प्रतीत होते हैं। आने वाले दिनों में CBI जाँच के नतीजे और कांग्रेस की प्रतिक्रिया इस राजनीतिक बहस को और तेज कर सकती है।