टिहरी गढ़वाल हादसा: 8 की मौत पर राष्ट्रपति-PM मोदी का दुख, PMNRF से 2-2 लाख मुआवजे का ऐलान

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टिहरी गढ़वाल हादसा: 8 की मौत पर राष्ट्रपति-PM मोदी का दुख, PMNRF से 2-2 लाख मुआवजे का ऐलान

सारांश

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में पिकअप वैन के खाई में गिरने से 8 लोगों की मौत हो गई। राष्ट्रपति मुर्मु, PM मोदी और उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने शोक जताया। PMNRF से मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की गई।

Key Takeaways

  • उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में 23 अप्रैल 2025 को पिकअप वैन के खाई में गिरने से 8 लोगों की मौत हुई।
  • वाहन में सवार 10 यात्री हरिद्वार में अंतिम संस्कार से घनसाली लौट रहे थे।
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, PM नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शोक व्यक्त किया।
  • PMNRF से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 मुआवजा घोषित।
  • दोनों घायलों को जिला अस्पताल बौराड़ी में भर्ती कराया गया, दोनों खतरे से बाहर।
  • जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल स्वयं घटनास्थल पर पहुंचीं, पुलिस, SDRF और फायर सर्विस ने राहत कार्य चलाया।

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में 23 अप्रैल 2025 को एक भीषण सड़क हादसे में 8 लोगों की जान चली गई जब ऋषिकेश से घनसाली की ओर जा रही एक पिकअप वैन अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई।

हादसे का पूरा घटनाक्रम

जानकारी के अनुसार, वाहन में कुल 10 यात्री सवार थे। सभी यात्री घनसाली क्षेत्र के चांजी, ठेला और चकरेड़ा गांव के निवासी थे, जो हरिद्वार में एक अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद अपने घर लौट रहे थे।

रास्ते में पहाड़ी मार्ग पर वाहन अचानक चालक के नियंत्रण से बाहर हो गया और सीधे गहरी खाई में जा गिरा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने आठ लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की। दोनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल बौराड़ी भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है और उन्हें खतरे से बाहर बताया जा रहा है।

राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और PM की संवेदनाएं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा कि टिहरी गढ़वाल में वाहन के खाई में गिरने से हुई मौतें अत्यंत दुखद हैं। उन्होंने शोकाकुल परिवारों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में हुई इस दुर्घटना में जान-माल की हानि अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने उन परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया और घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना की।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताया और शोक संतप्त परिवारों के साथ अपनी संवेदनाएं साझा कीं।

PMNRF से आर्थिक सहायता की घोषणा

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, पीएम राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से इस हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को ₹2 लाख की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, घायलों को ₹50,000 की सहायता दी जाएगी।

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब उत्तराखंड में पहाड़ी मार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार चिंताजनक बनी हुई है। राज्य में संकरे पहाड़ी रास्तों पर ओवरलोडेड वाहनों का चलना एक पुरानी और गंभीर समस्या है।

राहत एवं बचाव अभियान

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और फायर सर्विस की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गईं और युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल स्वयं मौके पर पहुंचीं और राहत कार्यों की निगरानी की।

उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में इस तरह की दुर्घटनाएं बार-बार होती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी मार्गों पर वाहनों की क्षमता से अधिक सवारी, सड़कों की खराब हालत और ड्राइवरों की थकान इन हादसों के प्रमुख कारण हैं। सरकार को इन मार्गों पर नियमित निगरानी और वाहन जांच अभियान तेज करने की जरूरत है।

आने वाले दिनों में राज्य सरकार और जिला प्रशासन से यह उम्मीद की जा रही है कि वे इस हादसे की विस्तृत जांच कर दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाएंगे और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।

Point of View

बल्कि उत्तराखंड की पहाड़ी सड़कों पर दशकों से चली आ रही लापरवाही का नतीजा है। हरिद्वार से अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौट रहे ग्रामीण, एक ओवरलोडेड वाहन और संकरा पहाड़ी रास्ता — यह दुखद संयोग नहीं, एक पुराना और जानलेवा पैटर्न है। PMNRF से मुआवजे की घोषणाएं तात्कालिक राहत देती हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि पहाड़ी मार्गों पर वाहन क्षमता नियंत्रण और सड़क सुरक्षा ऑडिट कब होगा। राजनीतिक संवेदनाएं जरूरी हैं, पर जवाबदेही और ज्यादा जरूरी है।
NationPress
23/04/2026

Frequently Asked Questions

टिहरी गढ़वाल हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
टिहरी गढ़वाल हादसे में 8 लोगों की मौत हुई और 2 लोग घायल हुए। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने इसकी पुष्टि की है।
टिहरी गढ़वाल में हादसा कैसे हुआ?
ऋषिकेश से घनसाली की ओर जा रही पिकअप वैन पहाड़ी रास्ते पर अचानक अनियंत्रित हो गई और गहरी खाई में जा गिरी। वाहन में सवार सभी 10 यात्री हरिद्वार में अंतिम संस्कार से लौट रहे थे।
PM मोदी ने टिहरी हादसे के पीड़ितों के लिए क्या मुआवजा घोषित किया?
PMNRF से मृतकों के प्रत्येक परिजन को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
टिहरी गढ़वाल हादसे में घायल लोगों का क्या हाल है?
दोनों घायलों को जिला अस्पताल बौराड़ी में भर्ती कराया गया है और उनका उपचार जारी है। दोनों को खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने टिहरी हादसे पर क्या कहा?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 'एक्स' पर पोस्ट कर इस घटना को अत्यंत दुखद बताया और शोकाकुल परिजनों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
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