क्या बीआरएस एमएलसी नवीन राव एसआईटी के सामने पेश हुए?

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क्या बीआरएस एमएलसी नवीन राव एसआईटी के सामने पेश हुए?

सारांश

तेलंगाना फोन टैपिंग मामले में बीआरएस एमएलसी नवीन राव की पूछताछ से जुड़ी घटनाएँ जानें। क्या इस जांच में और प्रमुख राजनीतिक हस्तियों को बुलाया जाएगा? जानिए नवीन राव ने आरोपों का क्या जवाब दिया और एसआईटी की कार्रवाई का क्या असर होगा।

Key Takeaways

  • नवीन राव को एसआईटी ने पूछताछ के लिए बुलाया है।
  • उन पर गंभीर आरोप हैं, जिन्हें उन्होंने खारिज किया है।
  • फोन टैपिंग मामले की जांच में कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों को शामिल किया जा सकता है।
  • एसआईटी की अगली रिपोर्ट 16 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाएगी।
  • इस मामले से राजनीतिक हलचल बढ़ सकती है।

हैदराबाद, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना फोन टैपिंग मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के एमएलसी के. नवीन राव को पूछताछ के लिए आमंत्रित किया है। विधान परिषद के सदस्य रविवार को जुबली हिल्स पुलिस स्टेशन में एसआईटी अधिकारियों के समक्ष उपस्थित हुए।

नवीन राव को एसआईटी का नोटिस ऐसे समय मिला है, जब ऐसी अटकलें हैं कि एसआईटी पूर्व मुख्यमंत्री और बीआरएस के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है।

आरोप है कि नवीन राव इस मामले में आरोपी प्रणीत राव और श्रवण कुमार के संपर्क में थे।

नवीन ने इन आरोपों को खारिज किया है, यह कहते हुए कि ये उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए चलाए जा रहे राजनीतिक अभियान का हिस्सा हैं। नवीन ने यह भी बताया कि उन्होंने कभी भी इस मामले के आरोपी से आमने-सामने या फोन पर बात नहीं की।

बीआरएस शासन के दौरान कथित फोन टैपिंग की जांच अब महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है, जिसके बाद एसआईटी ने नवीन को तलब किया है। पिछले महीने, एसआईटी ने फोन-टैपिंग मामले के मुख्य आरोपी, पूर्व आंतरिक खुफिया एजेंसी (एसआईबी) प्रमुख टी. प्रभाकर राव से पूछताछ की थी।

सुप्रीम कोर्ट के आत्मसमर्पण के आदेश के बाद एसआईटी ने पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी से दो हफ़्ते तक पूछताछ की थी और उन्हें 26 दिसंबर को रिहा कर दिया गया।

एसआईटी को राव से हिरासत में पूछताछ की रिपोर्ट 16 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करनी है। तेलंगाना सरकार द्वारा 18 दिसंबर को बनाई गई नौ सदस्यों वाली नई एसआईटी ने प्रभाकर राव से सवाल किए हैं।

एसआईटी ने तत्कालीन पुलिस महानिदेशक महेंद्र रेड्डी, पूर्व इंटेलिजेंस प्रमुख नवीन चंद और अनिल कुमार के साथ-साथ तत्कालीन मुख्य सचिव सोमेश कुमार के बयान भी दर्ज किए हैं।

पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों के नाम भी बताए हैं, जिनमें पूर्व एसआईबी प्रमुख प्रभाकर राव, डीएसपी प्रणीत राव, एडिशनल एसपी तिरुपथन्ना, एन. भुजंगा राव, पूर्व डीसीपी राधा किशन राव और एक टेलीविजन चैनल के मालिक श्रवण कुमार शामिल हैं।

प्रभाकर राव पर बीआरएस शासन के दौरान कई प्रमुख लोगों की गैर-कानूनी जासूसी करने का आरोप है। उन्हें आरोपित किया गया है कि उन्होंने बीआरएस सरकार के खिलाफ काम कर रहे लोगों के फोन टैप करने के लिए एसआईबी में एक विशेष टीम बनाई थी।

Point of View

क्योंकि यह न केवल बीआरएस के सदस्यों को प्रभावित कर रहा है, बल्कि यह पूरे राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर सकता है। ऐसे मामलों में सत्यता की जांच करना आवश्यक है ताकि न्याय प्रणाली पर जनता का भरोसा बना रहे।
NationPress
05/01/2026

Frequently Asked Questions

बीआरएस एमएलसी नवीन राव पर क्या आरोप हैं?
नवीन राव पर आरोप है कि वे फोन टैपिंग मामले में आरोपी प्रणीत राव और श्रवण कुमार के संपर्क में थे।
एसआईटी ने नवीन राव को क्यों बुलाया?
एसआईटी ने नवीन राव को फोन टैपिंग मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है।
क्या नवीन राव ने आरोपों को स्वीकार किया है?
नवीन राव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ये उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए किए जा रहे हैं।
एसआईटी की अगली कार्रवाई क्या होगी?
एसआईटी को राव से हिरासत में पूछताछ की रिपोर्ट 16 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करनी है।
इस मामले में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं?
इस मामले में पूर्व एसआईबी चीफ प्रभाकर राव, डीएसपी प्रणीत राव, और श्रवण कुमार जैसे कई प्रमुख लोग शामिल हैं।
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