बड़ा फैसला: तेलंगाना में प्रजावाणी सेवाओं का मंडल स्तर तक विस्तार, CM रेवंत रेड्डी का आदेश
सारांश
Key Takeaways
- CM रेवंत रेड्डी ने 26 अप्रैल 2025 को प्रजावाणी सेवाओं को राजस्व मंडल और मंडल स्तर तक विस्तारित करने का आदेश दिया।
- प्रत्येक जिले और विभाग में विशेष प्रजावाणी विंग और नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।
- शिकायतों के लिए एकीकृत डिजिटल मंच और वास्तविक समय निगरानी तंत्र स्थापित होगा।
- स्वतः अग्रेषण प्रणाली लागू होगी — निचले स्तर पर समाधान न होने पर शिकायत उच्च अधिकारी को जाएगी।
- प्रजावाणी की शुरुआत 8 दिसंबर 2023 को हुई थी और हैदराबाद में प्रत्येक मंगलवार-शुक्रवार को आयोजन होता है।
- शिकायत निवारण में देरी पर संबंधित अधिकारी सीधे उत्तरदायी होंगे।
हैदराबाद, 26 अप्रैल: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राज्य की जन शिकायत निवारण प्रणाली प्रजावाणी को जमीनी स्तर तक विस्तारित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। रविवार, 26 अप्रैल को हैदराबाद स्थित एमसीएचआरडी संस्थान में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने शीर्ष अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए कि आम नागरिकों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए हैदराबाद या जिला मुख्यालयों तक की लंबी यात्रा न करनी पड़े। यह फैसला लाखों ग्रामीण तेलंगानावासियों के लिए प्रशासनिक राहत की बड़ी उम्मीद लेकर आया है।
प्रजावाणी विस्तार की मुख्य योजना
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव और सीएमओ के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पहले चरण में राजस्व मंडल स्तर पर और दूसरे चरण में मंडल स्तर पर प्रजावाणी सेवाएं प्रारंभ की जाएं। इसके लिए एक सुदृढ़ प्रशासनिक तंत्र विकसित किया जाएगा, जिसमें सभी स्तरों के अधिकारी शिकायत समाधान के लिए उपलब्ध रहेंगे।
प्रत्येक प्रशासनिक स्तर पर समर्पित नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे और प्रत्येक जिले व सरकारी विभाग में विशेष प्रजावाणी विंग स्थापित होगी। इसके अतिरिक्त एक एकीकृत डिजिटल मंच तैयार किया जाएगा जिससे शिकायतों का पंजीकरण, निगरानी और समाधान एक ही प्लेटफॉर्म पर संभव होगा।
डिजिटल निगरानी और जवाबदेही तंत्र
मुख्यमंत्री ने वास्तविक समय निगरानी तंत्र (Real-Time Monitoring System) स्थापित करने का आदेश दिया है, जो जिला और राज्य दोनों स्तरों पर काम करेगा। एक स्वतः अग्रेषण प्रणाली (Auto-Escalation System) भी लागू की जाएगी — यदि किसी शिकायत का निचले स्तर पर समाधान न हो, तो वह स्वतः उच्च अधिकारी को भेज दी जाएगी।
डैशबोर्ड के माध्यम से शिकायत निवारण की प्रगति की लगातार निगरानी होगी। सीएम रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि शिकायत निवारण में किसी भी प्रकार की देरी के लिए संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे। जिला एवं राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।
प्रजावाणी की पृष्ठभूमि और अब तक की उपलब्धियां
8 दिसंबर 2023 को पदभार ग्रहण करते ही सीएम रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद के महात्मा ज्योतिबा फुले प्रजा भवन में प्रजावाणी की शुरुआत की थी। तब से प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है, जिसमें सभी सरकारी विभागों के अधिकारी नागरिकों से सीधे आवेदन प्राप्त कर तत्काल कार्रवाई करते हैं।
जिला स्तर पर जिला कलेक्टर की देखरेख में भी साप्ताहिक प्रजावाणी कार्यक्रम आयोजित होता आया है। अब इस सफल मॉडल को ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक ले जाने की तैयारी है।
आम जनता पर असर और व्यापक महत्व
तेलंगाना में लगभग 584 मंडल और 33 जिले हैं। अब तक ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को एक छोटी-सी शिकायत के लिए भी हैदराबाद या जिला मुख्यालय तक जाना पड़ता था, जिसमें समय और धन दोनों बर्बाद होते थे। प्रजावाणी के विकेंद्रीकरण से यह बोझ सीधे कम होगा और सुशासन की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित होगी।
गौरतलब है कि तेलंगाना में बीआरएस शासनकाल के दौरान जन शिकायत निवारण तंत्र की अनदेखी के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस सरकार का यह कदम राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है — विशेषकर तब, जब 2028 के विधानसभा चुनाव की दिशा में जनता का विश्वास जीतना प्राथमिकता बन चुकी है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह प्रणाली वास्तव में जमीन पर काम करती है, तो यह तेलंगाना के लिए शासन सुधार का एक मॉडल बन सकती है जिसे अन्य राज्य भी अपना सकते हैं।
आने वाले हफ्तों में राजस्व मंडल स्तर पर प्रजावाणी सेवाओं की शुरुआत की तारीख और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की घोषणा अपेक्षित है।