तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डा 20 अक्टूबर को 5 घंटे बंद, अल्पासी अराट्टू शोभायात्रा रनवे से गुजरेगी
सारांश
मुख्य बातें
तिरुवनंतपुरम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे ने 20 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक उड़ान सेवाएँ पूरी तरह निलंबित रखने की एडवाइजरी जारी की है, क्योंकि श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर की ऐतिहासिक 'अल्पासी अराट्टू' शोभायात्रा हवाई अड्डे के रनवे से होकर गुजरेगी। यह लगभग 5 घंटे का अवरोध उस परंपरा के सम्मान में है जो 1932 में हवाई अड्डे के निर्माण से भी पूर्व से चली आ रही है।
एडवाइजरी में क्या कहा गया
हवाई अड्डे ने रविवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर सूचित किया कि '20 अक्टूबर 2026 को तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर 16:00 बजे से 21:00 बजे तक उड़ान सेवाएँ बंद रहेंगी, ताकि श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर की अल्पासी अराट्टू शोभायात्रा रनवे से बिना किसी बाधा के निकल सके।' हवाई अड्डे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे अपनी संबंधित एयरलाइनों से उड़ान के अद्यतन समय की जानकारी लें और यात्रा-योजना उसी के अनुसार बनाएँ।
अल्पासी अराट्टू उत्सव का महत्व
'अराट्टू' का भावार्थ 'पवित्र स्नान' है। 11 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ हुआ 10 दिवसीय अल्पासी महोत्सव अपने समापन पर पहुँच रहा है। 19 अक्टूबर को 'पल्लीवेट्टा' (शाही शिकार अनुष्ठान) संपन्न होगा और 20 अक्टूबर को भव्य अल्पासी अराट्टू के साथ उत्सव का समापन होगा।
इस दिन श्री पद्मनाभस्वामी, भगवान नरसिंह और भगवान श्री कृष्ण की मूर्तियों को आकर्षक गरुड़ वाहनों पर सुसज्जित कर मंदिर से लगभग 5 किलोमीटर दूर शंघमुघम समुद्र तट ले जाया जाता है। वहाँ मुख्य पुजारी के नेतृत्व में मंत्रोच्चार के बीच मूर्तियों को अरब सागर के पवित्र जल में तीन बार स्नान कराया जाता है।
परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम
यह शोभायात्रा मार्ग 1932 में हवाई अड्डे के निर्माण से भी पहले से चला आ रहा है। गौरतलब है कि यह कोई एकबारगी व्यवस्था नहीं है — हर वर्ष इस परंपरा का सम्मान करते हुए हवाई अड्डा अपना रनवे शोभायात्रा के लिए सुरक्षित करता है। यह उत्सव बुराई पर अच्छाई की विजय और आध्यात्मिक शुद्धि के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
यात्रियों पर असर
शाम 4 बजे से रात 9 बजे के बीच निर्धारित उड़ानें प्रभावित होंगी। यात्रियों को सुझाव दिया गया है कि वे संबंधित एयरलाइन से संपर्क कर अपनी उड़ान के पुनर्निर्धारित समय की पुष्टि करें और हवाई अड्डे पर पहुँचने की योजना उसी के अनुसार बनाएँ। 20 अक्टूबर के बाद हवाई अड्डे की परिचालन स्थिति सामान्य हो जाएगी।