17 अगस्त 2026
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भोगापुरम एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ानें शुरू: 17 अगस्त आधी रात से 31 उड़ानें, विशाखापत्तनम का IATA कोड भी स्थानांतरित

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भोगापुरम एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ानें शुरू: 17 अगस्त आधी रात से 31 उड़ानें, विशाखापत्तनम का IATA कोड भी स्थानांतरित

सारांश

आंध्र प्रदेश के भोगापुरम में ₹4,727 करोड़ की लागत से बना अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 17 अगस्त की आधी रात से वाणिज्यिक उड़ानों के लिए खुल गया। 31 महीनों में तैयार इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट ने विशाखापत्तनम की जगह ली — और उत्तरी आंध्र के लिए एक नया आर्थिक प्रवेशद्वार खोल दिया।

मुख्य बातें

भोगापुरम अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वाणिज्यिक उड़ानें 17 अगस्त 2026 की रात 12:01 बजे IST से शुरू हुईं।
पहले दिन हैदराबाद, नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, कोलकाता और तिरुपति के लिए 31 उड़ानें संचालित होंगी।
विशाखापत्तनम एयरपोर्ट का IATA कोड 'VTZ' भी इसी तारीख से भोगापुरम को स्थानांतरित।
एयरपोर्ट ₹4,727 करोड़ की लागत से 31 महीनों में तैयार — निर्धारित समय से 5 महीने पहले ।
पहले चरण में सालाना 60 लाख यात्री क्षमता; भविष्य में 4 करोड़ तक विस्तार की योजना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अगस्त 2026 को एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था।

आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में स्थित नवनिर्मित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, भोगापुरम से वाणिज्यिक उड़ान सेवाएं 17 अगस्त 2026 की आधी रात यानी रात 12:01 बजे IST से शुरू हो रही हैं। इसी क्षण से विशाखापत्तनम एयरपोर्ट के सिविल एन्क्लेव में सभी वाणिज्यिक परिचालन औपचारिक रूप से बंद हो जाएंगे। नागर विमानन मंत्रालय पहले ही इस संबंध में अधिसूचना जारी कर चुका है।

पहले दिन की उड़ान सेवाएं

भोगापुरम एयरपोर्ट से परिचालन के पहले दिन हैदराबाद, नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, कोलकाता और तिरुपति सहित प्रमुख शहरों के लिए कुल 31 उड़ान सेवाएं संचालित होंगी। सभी एयरलाइंस अपनी उड़ानें विशाखापत्तनम से भोगापुरम स्थानांतरित कर चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि विशाखापत्तनम एयरपोर्ट का अंतरराष्ट्रीय IATA कोड 'VTZ' भी इसी तारीख से भोगापुरम इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

विशाखापत्तनम एयरपोर्ट पर क्या रहेगा जारी

नागर विमानन मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, वाणिज्यिक परिचालन बंद होने के बावजूद विशाखापत्तनम एयरपोर्ट पर कुछ गतिविधियाँ जारी रहेंगी। राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में, भारतीय वायुसेना या अन्य सशस्त्र बलों, पुलिस तथा संबंधित प्राधिकरणों के विमानों का परिचालन होता रहेगा। इसके अलावा विशेष सरकारी स्वामित्व वाले या लीज पर लिए गए VIP विमानों से विशिष्ट व्यक्तियों के परिवहन की भी अनुमति रहेगी।

एयरपोर्ट की विशेषताएं और निर्माण

करीब ₹4,727 करोड़ की लागत से निर्मित भोगापुरम एयरपोर्ट भारत के सबसे तेज़ी से तैयार होने वाले ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में गिना जाता है। इसे महज 31 महीनों में पूरा किया गया, जो निर्धारित समयसीमा से लगभग पाँच महीने पहले है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अगस्त 2026 को इस एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। एयरपोर्ट को डीजीसीए का एयरोड्रोम लाइसेंस मिल चुका है और सभी आवश्यक सुरक्षा, अग्निशमन तथा पर्यावरण संबंधी मंजूरियाँ भी प्राप्त हो चुकी हैं।

एयरपोर्ट का 3,800 मीटर लंबा कोड-ई रनवे बोइंग 777, बोइंग 787 ड्रीमलाइनर, एयरबस A330 और एयरबस A340 जैसे चौड़े बॉडी वाले बड़े विमानों को संभालने में सक्षम है। आधुनिक एयरफील्ड लाइटिंग, नेविगेशन सुविधाएं और CNS/ATM इंफ्रास्ट्रक्चर भी स्थापित किया गया है।

क्षमता और भविष्य की योजना

पहले चरण में एयरपोर्ट को सालाना 60 लाख यात्रियों को संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है। भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर सालाना 4 करोड़ यात्रियों तक करने की योजना है। एकीकृत परियोजना 2,703.26 एकड़ में फैली है, जिसमें 2,203.32 एकड़ एयरपोर्ट, 500 एकड़ एविएशन हब और 136.63 एकड़ एविएशन यूनिवर्सिटी/एजुसिटी के लिए निर्धारित है।

आर्थिक और क्षेत्रीय असर

इस परियोजना से पूर्ववर्ती विशाखापत्तनम, विजयनगरम और श्रीकाकुलम जिलों में आर्थिक विकास, पर्यटन, औद्योगिक निवेश, निर्यात, लॉजिस्टिक्स तथा एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्रों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश सरकार राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए बुनियादी ढाँचे के विस्तार पर ज़ोर दे रही है। भोगापुरम एयरपोर्ट उत्तरी आंध्र प्रदेश के लिए एक नए आर्थिक प्रवेशद्वार के रूप में उभरने की संभावना रखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है — क्या यह एयरपोर्ट उत्तरी आंध्र की आर्थिक आकांक्षाओं को पूरा कर पाएगा? गौरतलब है कि विशाखापत्तनम एयरपोर्ट के बंद होने से उस क्षेत्र के यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जो अल्पकाल में असुविधाजनक हो सकता है। ₹4,727 करोड़ की परियोजना में एविएशन हब और एजुसिटी जैसे महत्वाकांक्षी घटक हैं, लेकिन इनका क्रियान्वयन और समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है। 4 करोड़ यात्री क्षमता का दीर्घकालिक लक्ष्य तभी सार्थक होगा जब अंतरराष्ट्रीय उड़ानें और औद्योगिक निवेश वास्तव में इस क्षेत्र में आकर्षित हों।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोगापुरम एयरपोर्ट से उड़ानें कब से शुरू हो रही हैं?
भोगापुरम अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वाणिज्यिक उड़ानें 17 अगस्त 2026 की रात 12:01 बजे IST से शुरू हो रही हैं। इसी समय से विशाखापत्तनम एयरपोर्ट के सिविल एन्क्लेव में वाणिज्यिक परिचालन बंद हो जाएगा।
भोगापुरम एयरपोर्ट के पहले दिन कौन-कौन से शहरों के लिए उड़ानें होंगी?
पहले दिन हैदराबाद, नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, कोलकाता और तिरुपति के लिए कुल 31 उड़ान सेवाएं संचालित होंगी। सभी एयरलाइंस अपनी उड़ानें विशाखापत्तनम से भोगापुरम स्थानांतरित कर चुकी हैं।
विशाखापत्तनम एयरपोर्ट पूरी तरह बंद हो जाएगा?
विशाखापत्तनम एयरपोर्ट का वाणिज्यिक परिचालन 17 अगस्त 2026 की रात 12:01 बजे से बंद हो जाएगा। हालांकि राष्ट्रीय आपातकाल, भारतीय वायुसेना, अन्य सशस्त्र बलों और VIP विमानों के परिचालन की अनुमति वहाँ जारी रहेगी।
भोगापुरम एयरपोर्ट की यात्री क्षमता कितनी है?
पहले चरण में भोगापुरम एयरपोर्ट को सालाना 60 लाख यात्रियों को संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है। भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर सालाना 4 करोड़ यात्रियों तक करने की योजना है।
भोगापुरम एयरपोर्ट की लागत और निर्माण अवधि कितनी रही?
भोगापुरम एयरपोर्ट को करीब ₹4,727 करोड़ की लागत से महज 31 महीनों में तैयार किया गया, जो निर्धारित समयसीमा से लगभग पाँच महीने पहले है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अगस्त 2026 को इसका उद्घाटन किया था।
राष्ट्र प्रेस
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