भोगपुरम हवाई अड्डा उद्घाटन: PM मोदी करेंगे अल्लूरी सीताराम राजू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का लोकार्पण, ₹17,900 करोड़ की परियोजनाएं भी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार, 2 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगपुरम में अल्लूरी सीताराम राजू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। यह ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा ₹5,640 करोड़ से अधिक की लागत से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया गया है और प्रतिवर्ष 60 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री इस अवसर पर ₹17,900 करोड़ से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनका उद्घाटन करेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
कार्यक्रम का कार्यक्रम
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी सुबह करीब 11 बजे भोगपुरम पहुँचेंगे और यात्री टर्मिनल भवन का निरीक्षण करेंगे। सुबह करीब 11:30 बजे वे हवाई अड्डे का औपचारिक उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर उपस्थित जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इस समारोह में राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।
हवाई अड्डे की तकनीकी विशेषताएं
यह हवाई अड्डा अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित है। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बिल्डिंग इंफॉर्मेशन मॉडलिंग (BIM), एयरसाइड 4.0 तकनीक, एयरपोर्ट प्रेडिक्टिव ऑपरेशंस सेंटर (APOC), बायोमेट्रिक यात्री प्रसंस्करण, स्वचालित बैगेज हैंडलिंग सिस्टम और इंटेलिजेंट ऑपरेशनल मॉनिटरिंग सॉल्यूशंस शामिल हैं। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इन प्रणालियों से परिचालन दक्षता में वृद्धि, यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा में सुधार तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग की उम्मीद है।
पर्यावरण और सतत विकास
भोगपुरम हवाई अड्डे में कई पर्यावरण-अनुकूल विशेषताएं शामिल की गई हैं। इनमें 5 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र, ऊर्जा-कुशल HVAC और प्रकाश व्यवस्था, वर्षा जल संचयन, स्मार्ट बिल्डिंग प्रबंधन प्रणाली, अपशिष्ट प्रबंधन पहल, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण निगरानी उपाय शामिल हैं। टर्मिनल को ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है और यह यूएस ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (USGBC) के साथ पंजीकृत है।
सांस्कृतिक वास्तुशिल्प
हवाई अड्डे का वास्तुशिल्प डिजाइन आंध्र प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा लेता है। टर्मिनल की छत का आकार पारंपरिक चुट्टिलू झोपड़ियों और अरकु घाटी के परिदृश्यों को प्रतिबिंबित करता है, जबकि इसका प्रवाहमय रूप उड़ती हुई मछली की गति का प्रतीक है। यह क्षेत्रीय वास्तुशिल्प तत्वों को समकालीन हवाई अड्डे के आधुनिक डिजाइन के साथ सहजता से जोड़ता है।
आर्थिक और क्षेत्रीय प्रभाव
यह हवाई अड्डा आंध्र प्रदेश में पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार सृजन को महत्वपूर्ण बढ़ावा देने की उम्मीद रखता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार क्षेत्र में हवाई संपर्क मजबूत करने और आर्थिक विकास को गति देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। गौरतलब है कि विशाखापत्तनम क्षेत्र में बेहतर हवाई संपर्क लंबे समय से उद्योग जगत की प्राथमिकता रही है। इस हवाई अड्डे के चालू होने से उत्तरी आंध्र प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलने की संभावना है।