1 अगस्त 2026
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PM मोदी का आंध्र प्रदेश-कर्नाटक दौरा: ₹16,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

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PM मोदी का आंध्र प्रदेश-कर्नाटक दौरा: ₹16,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी का 1 अगस्त का दक्षिण भारत दौरा महज़ रस्म नहीं था — भोगपुरम हवाई अड्डे से लेकर विशाखापत्तनम के सेमीकंडक्टर केंद्र तक, ₹16,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं ने आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में विकास की नई इबारत लिखी।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 1 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक का एक दिवसीय दौरा किया।
भोगपुरम स्थित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन हुआ; लागत ₹5,640 करोड़ , क्षमता 60 लाख यात्री प्रतिवर्ष।
विशाखापत्तनम में ASIP सेमीकंडक्टर केंद्र की आधारशिला रखी गई; निवेश ₹460 करोड़ , उत्पादन क्षमता 9.6 करोड़ चिप्स प्रतिवर्ष।
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में ₹9,920 करोड़ से अधिक की ट्रांसमिशन परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास।
₹1,880 करोड़ की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम क्षेत्र में संपर्क सुधरेगा।
मैसूरु में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र विवेक स्मारक का उद्घाटन।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के एक दिवसीय दौरे पर अवसंरचना, ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और सड़क क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इस दौरे का उद्देश्य दक्षिण भारत में क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक विकास को नई गति देना है।

भोगपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन

आंध्र प्रदेश में प्रधानमंत्री ने भोगपुरम स्थित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का लोकार्पण किया। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत ₹5,640 करोड़ से अधिक की लागत से विकसित यह ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा प्रतिवर्ष 60 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम है।

उद्घाटन से पूर्व प्रधानमंत्री ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा: 'यह एक आधुनिक और भविष्योन्मुखी हवाई अड्डा है जो संपर्क, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही, यह परियोजना स्थिरता और ऊर्जा दक्षता के सिद्धांतों का भी पालन करती है।' इस हवाई अड्डे से पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोज़गार सृजन को महत्वपूर्ण प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

विशाखापत्तनम में सेमीकंडक्टर विनिर्माण की नींव

प्रधानमंत्री मोदी ने विशाखापत्तनम में ASIP सेमीकंडक्टर परियोजना की आधारशिला रखी। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत यह आंध्र प्रदेश का पहला सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र है, जिसमें ₹460 करोड़ का निवेश किया जाएगा।

इस केंद्र से प्रतिवर्ष लगभग 9 करोड़ 60 लाख सेमीकंडक्टर चिप्स के उत्पादन, उच्च-कौशल रोज़गार के अवसरों और राज्य में एक मजबूत सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की संभावना जताई जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक चिप आपूर्ति श्रृंखला में अपनी भूमिका बढ़ाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को हरी झंडी

ऊर्जा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने कई बड़े कदम उठाए। उन्होंने कुरनूल-IV नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के एकीकरण हेतु ट्रांसमिशन सिस्टम के प्रथम चरण (4.5 गीगावाट) की आधारशिला रखी, जिसमें पावरग्रिड द्वारा एक विशेष प्रयोजन वाहन के माध्यम से ₹5,550 करोड़ का निवेश किया जाएगा।

इसके साथ ही, कुरनूल पवन ऊर्जा क्षेत्र और सौर ऊर्जा क्षेत्र के लिए ₹3,550 करोड़ की लागत से विकसित ट्रांसमिशन सिस्टम (भाग-A और भाग-B) तथा अनंतपुरम (2,500 मेगावाट) और कुरनूल (1,000 मेगावाट) के सौर ऊर्जा क्षेत्रों के लिए ₹820 करोड़ की पावरग्रिड ट्रांसमिशन योजना का भी उद्घाटन किया गया। इन परियोजनाओं से कुरनूल और अनंतपुरम में उत्पादित नवीकरणीय ऊर्जा को राष्ट्रीय ग्रिड के माध्यम से देशभर के उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में सुविधा होगी।

राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएँ: संपर्क को नई दिशा

प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश में ₹1,880 करोड़ की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें NH-365BG पर रेचेरला से गुरुवायगुडेम और गुरुवायगुडेम से देवरापल्ले के बीच चार लेन वाले ग्रीनफील्ड राजमार्ग, NH-67 पर ताड़ीपत्री बायपास और NH-565 पर पेन्चालाकोना-एरपेदु खंड के लिंगसमुद्रम में उच्च स्तरीय पुल की आधारशिला शामिल हैं।

इन सड़क परियोजनाओं से विजयवाड़ा में यातायात का दबाव कम होने, विशाखापत्तनम और हैदराबाद के बीच यात्रा समय घटने और क्षेत्रीय आर्थिक संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।

कर्नाटक: मैसूरु में विवेक स्मारक का उद्घाटन

आंध्र प्रदेश के कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री मोदी कर्नाटक के मैसूरु पहुंचे, जहाँ उन्होंने स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र विवेक स्मारक का उद्घाटन किया और एक जनसभा को संबोधित किया। यह दौरा दक्षिण भारत में केंद्र सरकार की विकास-केंद्रित उपस्थिति का संकेत देता है और आने वाले समय में इन राज्यों में और परियोजनाओं की संभावना को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ से अधिक की परियोजनाएँ — यह दौरा विकास की राजनीति और राजनीति के विकास, दोनों का मिश्रण है। भोगपुरम हवाई अड्डा और विशाखापत्तनम सेमीकंडक्टर केंद्र दीर्घकालिक आर्थिक परिवर्तन के संकेत हैं, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि ये परियोजनाएँ समयसीमा पर पूरी हों और स्थानीय रोज़गार के ठोस आँकड़े सामने आएँ। गौरतलब है कि दक्षिण भारत में केंद्र सरकार की बढ़ती उपस्थिति को विपक्ष राजनीतिक दृष्टि से भी देख रहा है — खासकर कर्नाटक, जहाँ कांग्रेस की सरकार है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने 1 अगस्त को आंध्र प्रदेश में कौन-सी प्रमुख परियोजनाएँ लॉन्च कीं?
प्रधानमंत्री मोदी ने भोगपुरम में अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया और विशाखापत्तनम में ASIP सेमीकंडक्टर केंद्र की आधारशिला रखी। इसके अलावा कुरनूल और अनंतपुरम में नवीकरणीय ऊर्जा ट्रांसमिशन परियोजनाओं और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भी उद्घाटन व शिलान्यास किया।
भोगपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा क्या है और इसकी क्षमता कितनी है?
भोगपुरम स्थित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा PPP मॉडल के तहत ₹5,640 करोड़ से अधिक की लागत से विकसित एक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा है। इसकी क्षमता प्रतिवर्ष 60 लाख यात्रियों को संभालने की है और यह स्थिरता व ऊर्जा दक्षता के सिद्धांतों पर आधारित है।
विशाखापत्तनम सेमीकंडक्टर परियोजना से क्या फायदा होगा?
ASIP सेमीकंडक्टर केंद्र आंध्र प्रदेश का पहला सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र है, जिसमें ₹460 करोड़ का निवेश होगा। इससे प्रतिवर्ष लगभग 9 करोड़ 60 लाख चिप्स का उत्पादन, उच्च-कौशल रोज़गार और राज्य में एक मजबूत सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र बनने की उम्मीद है।
कर्नाटक के मैसूरु में PM मोदी ने क्या किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने मैसूरु में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र विवेक स्मारक का उद्घाटन किया और एक जनसभा को संबोधित किया। यह उनके कर्नाटक दौरे का मुख्य कार्यक्रम था।
आंध्र प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में कुल कितना निवेश हुआ?
कुरनूल-IV ट्रांसमिशन सिस्टम (₹5,550 करोड़), कुरनूल पवन व सौर ऊर्जा ट्रांसमिशन (₹3,550 करोड़) और अनंतपुरम-कुरनूल सौर ट्रांसमिशन योजना (₹820 करोड़) मिलाकर कुल ₹9,920 करोड़ से अधिक का निवेश नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में हुआ। ये परियोजनाएँ राष्ट्रीय ग्रिड के माध्यम से देशभर में नवीकरणीय ऊर्जा की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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