1 अगस्त 2026
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अल्लूरी सीताराम राजू एयरपोर्ट का उद्घाटन: PM मोदी बोले — इन्वेस्टमेंट से रोज़गार हमारी सरकार का मंत्र

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अल्लूरी सीताराम राजू एयरपोर्ट का उद्घाटन: PM मोदी बोले — इन्वेस्टमेंट से रोज़गार हमारी सरकार का मंत्र

सारांश

भोगापुरम की धरती पर PM मोदी ने आज इतिहास रचा — अल्लूरी सीताराम राजू एयरपोर्ट का उद्घाटन, ₹18,000 करोड़ की परियोजनाएँ, विशाखापट्टनम में सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास और 13,000 आदिवासी महिलाओं का धीमसा नृत्य विश्व रिकॉर्ड — यह सब एक ही दिन, एक ही मंच पर।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 1 अगस्त 2026 को भोगापुरम में अल्लूरी सीताराम राजू एयरपोर्ट का उद्घाटन किया।
₹18,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास, जिनमें सड़क, ऊर्जा और बंदरगाह परियोजनाएँ शामिल।
विशाखापट्टनम में नए सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास; आंध्र में ₹1 लाख करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट प्रगति पर।
उड़ान योजना का दूसरा चरण शुरू, जिस पर ₹29,000 करोड़ व्यय होंगे; देश में एयरपोर्टों की संख्या 74 से बढ़कर 166 हुई।
13,000 से अधिक आदिवासी महिलाओं ने धीमसा नृत्य का विश्व रिकॉर्ड बनाया।
PM ने दोहराया — सरकार का मंत्र: 'इन्वेस्टमेंट से रोज़गार' ; निजी क्षेत्र को भी निवेश के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश के भोगापुरम में अल्लूरी सीताराम राजू एयरपोर्ट का औपचारिक उद्घाटन किया और ₹18,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित विशाल जनसभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हवाई अड्डा उत्तर आंध्र की आर्थिक प्रगति का रनवे और यहाँ के युवाओं के बेहतर भविष्य का लॉन्च पैड है।

एयरपोर्ट का नामकरण और सांस्कृतिक रिकॉर्ड

प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार ने इस नए हवाई अड्डे को स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू के नाम से समर्पित करने का निर्णय लिया है — एक ऐसे महानायक जिन्होंने इसी भूमि पर आदिवासी हितों के लिए अपना जीवन न्योछावर किया। उन्होंने कहा कि पहले एयरपोर्टों के नाम एक ही परिवार पर केंद्रित रहते थे, लेकिन अब यह परंपरा बदली है — अयोध्या में महर्षि वाल्मिकी और पंजाब में संत रविदास के नाम पर हवाई अड्डे इसी बदलाव के प्रतीक हैं।

उद्घाटन समारोह में 13,000 से अधिक आदिवासी महिलाओं और बेटियों ने धीमसा नृत्य की प्रस्तुति देकर एक विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। प्रधानमंत्री ने इसे देश की विविधता और पीढ़ी-दर-पीढ़ी संजोई गई जनजातीय विरासत का जीवंत प्रमाण बताया और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के इस विज़न की विशेष सराहना की।

₹18,000 करोड़ की परियोजनाएँ: क्या-क्या शामिल

आज लोकार्पित और शिलान्यस्त परियोजनाओं में एयरपोर्ट के साथ-साथ सड़क संपर्क, ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट और विशाखापट्टनम में एक नए सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास शामिल है। प्रधानमंत्री ने बताया कि विशाखापट्टनम-रायपुर एक्सप्रेसवे इस क्षेत्र को बड़े औद्योगिक केंद्रों से जोड़ेगा, जबकि आंध्र प्रदेश में ₹1 लाख करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट पहले से प्रगति पर हैं और राज्य का संपूर्ण रेल नेटवर्क विद्युतीकृत हो चुका है।

ब्लू इकॉनमी के अंतर्गत विशाखापत्तनम से कृष्णापत्तनम तक मौजूदा बंदरगाहों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, साथ ही मुलापेटा और रामायपत्तनम में नए पोर्ट विकसित किए जा रहे हैं।

एविएशन क्षेत्र में 12 वर्षों की प्रगति

प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 में देश में मात्र 74 ऑपरेशनल एयरपोर्ट थे, जो आज बढ़कर 166 हो गए हैं। उड़ान योजना के तहत छोटे शहरों के साधारण नागरिकों को भी हवाई यात्रा का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि सरकार ने हाल ही में उड़ान योजना के दूसरे चरण की शुरुआत की है, जिस पर ₹29,000 करोड़ व्यय किए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त, काशी में स्पोक एयरपोर्ट मॉडल की सफलता अब अमृतसर तक पहुँच गई है, जहाँ से 25 से अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानें जुड़ेंगी।

इन्वेस्टमेंट से रोज़गार: सरकार का आर्थिक मंत्र

जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार के आर्थिक दर्शन को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार का मूल मंत्र है — 'इन्वेस्टमेंट से रोज़गार'। उनके अनुसार निवेश बढ़ने से मैन्युफैक्चरिंग बढ़ती है, मैन्युफैक्चरिंग से निर्यात बढ़ता है, निर्यात से रोज़गार के नए अवसर सृजित होते हैं और अंततः परिवारों की आमदनी व जीवनस्तर में सुधार आता है। उन्होंने सरकारी निवेश के साथ-साथ निजी क्षेत्र को भी निवेश के लिए प्रेरित करने की बात कही।

सॉफ्टवेयर, आईटी और टेक क्षेत्र में आंध्र प्रदेश की प्रतिभा का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस अब सेमीकंडक्टर जैसी भविष्योन्मुखी तकनीकी उद्योगों पर है, ताकि यहाँ के प्रतिभाशाली युवाओं का लाभ राज्य और देश दोनों को मिल सके।

डबल इंजन सरकार का असर

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के नेतृत्व में NDA की राज्य सरकार की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्वर्ण आंध्र के विज़न को साकार करने के लिए केंद्र और राज्य दोनों डबल इंजन की गति से काम कर रहे हैं। उन्होंने इस अवसर को आंध्र प्रदेश के विकास इतिहास में एक नया अध्याय बताया और भविष्य में राज्य के विकसित भारत के ग्रोथ इंजन बनने का विश्वास व्यक्त किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ की परियोजनाओं के क्रियान्वयन की है — आंध्र प्रदेश पहले भी बड़े ऐलानों का गवाह रहा है, जिनकी ज़मीनी रफ्तार अपेक्षाओं से पीछे रही। सेमीकंडक्टर प्लांट और ब्लू इकॉनमी विज़न महत्वाकांक्षी हैं, पर इनके लिए कुशल मानवबल, भूमि अधिग्रहण और निवेशकों का भरोसा — तीनों एक साथ चाहिए। 'इन्वेस्टमेंट से रोज़गार' का सूत्र तभी सार्थक होगा जब रोज़गार के आँकड़े सत्यापन-योग्य हों, न केवल घोषणाओं की सुर्खियाँ।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अल्लूरी सीताराम राजू एयरपोर्ट कहाँ स्थित है और इसका उद्घाटन कब हुआ?
यह एयरपोर्ट आंध्र प्रदेश के भोगापुरम में स्थित है और इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अगस्त 2026 को किया। यह उत्तर आंध्र क्षेत्र का पहला प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है।
एयरपोर्ट का नाम अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर क्यों रखा गया?
अल्लूरी सीताराम राजू एक प्रसिद्ध आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने इसी भूमि पर आदिवासी हितों के लिए अपना जीवन समर्पित किया। PM मोदी ने कहा कि NDA सरकार ने एयरपोर्टों के नामकरण की परंपरा बदली है — अब नाम एक परिवार के बजाय राष्ट्रनायकों और समाजसेवियों पर रखे जाते हैं।
भोगापुरम में आज कितने रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ?
आज ₹18,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ। इनमें एयरपोर्ट के अलावा सड़क संपर्क, ऊर्जा सुरक्षा परियोजनाएँ और विशाखापट्टनम में सेमीकंडक्टर प्लांट शामिल हैं।
उड़ान योजना का दूसरा चरण क्या है और इस पर कितना खर्च होगा?
उड़ान योजना के दूसरे चरण का उद्देश्य छोटे शहरों के साधारण नागरिकों को किफायती हवाई यात्रा उपलब्ध कराना है। इस पर ₹29,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे और इसकी शुरुआत हाल ही में की गई है।
धीमसा नृत्य का विश्व रिकॉर्ड क्या है और इसमें कितनी महिलाओं ने भाग लिया?
उद्घाटन समारोह में 13,000 से अधिक आदिवासी महिलाओं और बेटियों ने एक साथ धीमसा नृत्य की प्रस्तुति देकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। PM मोदी ने इसे जनजातीय सांस्कृतिक विरासत का गौरवशाली प्रदर्शन बताया।
राष्ट्र प्रेस
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