31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

PM मोदी आंध्र प्रदेश में ₹17,900 करोड़ की परियोजनाएँ राष्ट्र को समर्पित करेंगे, भोगपुरम एयरपोर्ट का उद्घाटन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
PM मोदी आंध्र प्रदेश में ₹17,900 करोड़ की परियोजनाएँ राष्ट्र को समर्पित करेंगे, भोगपुरम एयरपोर्ट का उद्घाटन

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी का आंध्र प्रदेश दौरा महज उद्घाटनों की औपचारिकता नहीं — यह राज्य के लिए एक साथ तीन मोर्चों पर बड़ा दांव है: हवाई संपर्क, सेमीकंडक्टर निर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा। ₹17,900 करोड़ की परियोजनाओं के साथ आंध्र प्रदेश देश के औद्योगिक मानचित्र पर नई जगह बनाने की कोशिश कर रहा है।

मुख्य बातें

PM मोदी 31 जुलाई को आंध्र प्रदेश में ₹17,900 करोड़ से अधिक की परियोजनाएँ राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
विजयनगरम जिले के भोगपुरम में अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन होगा।
विशाखापत्तनम में ₹460 करोड़ की ASIP सेमीकंडक्टर परियोजना की आधारशिला — यह आंध्र प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सुविधा होगी, जो सालाना 9 करोड़ 60 लाख चिप्स बनाएगी।
कुरनूल REZ फेज-I (4.5 GW) के लिए ₹5,550 करोड़ की ट्रांसमिशन प्रणाली की आधारशिला रखी जाएगी।
कुरनूल और अनंतपुरम में ₹3,550 करोड़ और ₹820 करोड़ की नवीकरणीय ऊर्जा ट्रांसमिशन परियोजनाओं का उद्घाटन होगा।
₹1,880 करोड़ से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएँ समर्पित व आधारशिला सहित — NH-365BG, NH-67 और NH-565 पर कार्य शामिल।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार, 31 जुलाई को आंध्र प्रदेश के दौरे पर ₹17,900 करोड़ से अधिक की लागत वाली अनेक विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस दौरे का केंद्रबिंदु विजयनगरम जिले के भोगपुरम में अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन है, जहाँ वे कई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।

आंध्र प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर सुविधा

प्रधानमंत्री विशाखापत्तनम में ASIP सेमीकंडक्टर परियोजना की आधारशिला रखेंगे, जिसे ₹460 करोड़ से अधिक के निवेश से विकसित किया जा रहा है। यह सुविधा ASIP टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कोरिया गणराज्य की APACT के साथ साझेदारी में तैयार की जा रही है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह आंध्र प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सुविधा है, जिसे इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत मंजूरी प्राप्त हुई है। यह इकाई प्रतिवर्ष लगभग 9 करोड़ 60 लाख सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन करेगी और उच्च-कौशल रोज़गार के अवसर सृजित करेगी। साथ ही, सेमीकंडक्टर निर्माण को सहारा देने वाले एक मज़बूत सहायक पारिस्थितिकी तंत्र को भी बढ़ावा मिलेगा।

नवीकरणीय ऊर्जा को मिलेगी बड़ी रफ़्तार

प्रधानमंत्री कुरनूल-4 रिन्यूएबल एनर्जी ज़ोन (REZ) – फेज-I (4.5 GW) के एकीकरण के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली की आधारशिला रखेंगे। इसे पॉवरग्रिड द्वारा एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) के माध्यम से लगभग ₹5,550 करोड़ के निवेश से क्रियान्वित किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, वे कुरनूल विंड एनर्जी ज़ोन/सोलर एनर्जी ज़ोन – पार्ट A और पार्ट B के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली का उद्घाटन करेंगे, जिसे लगभग ₹3,550 करोड़ की लागत से स्थापित किया गया है। अनंतपुरम (2,500 मेगावाट) और कुरनूल (1,000 मेगावाट) में सोलर एनर्जी ज़ोन के लिए ट्रांसमिशन योजना का भी उद्घाटन होगा, जिसे पॉवरग्रिड ने ₹820 करोड़ से अधिक की लागत से पूर्ण किया है।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ये परियोजनाएँ ग्रिड में बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा जोड़ने, स्वच्छ बिजली की उपलब्धता बढ़ाने और जीवाश्म ईंधन आधारित उत्पादन पर निर्भरता घटाकर भारत के ऊर्जा परिवर्तन और डीकार्बोनाइज़ेशन प्रयासों को मज़बूती देंगी।

राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएँ

प्रधानमंत्री ₹1,880 करोड़ से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे और उनकी आधारशिला भी रखेंगे। समर्पित होने वाली परियोजनाओं में शामिल हैं — NH-365BG पर रेचेरला से गुरुवायगुडेम तथा गुरुवायगुडेम से देवरापल्ले तक चार-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे, और NH-67 पर चार-लेन ताड़ीपत्री बाईपास

इसके साथ ही, वे NH-565 के पेन्चालाकोना-येरपेडु सेक्शन पर लिंगसमुद्रम में एक ऊँचे पुल की आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं से विजयवाड़ा और अन्य शहरों में यातायात जाम की समस्या में कमी आएगी, विशाखापत्तनम और हैदराबाद के बीच यात्रा की दूरी व समय घटेगा, और क्षेत्रीय संपर्क को बल मिलेगा।

आगे की राह

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब आंध्र प्रदेश सरकार राज्य में औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि सेमीकंडक्टर और नवीकरणीय ऊर्जा — दोनों क्षेत्रों में एक साथ बड़े निवेश का यह संयोजन राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक रूपांतरण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सेमीकंडक्टर इकाई और नवीकरणीय ऊर्जा ट्रांसमिशन — यह संयोजन संयोग नहीं, रणनीति है। आंध्र प्रदेश लंबे समय से बड़े औद्योगिक निवेश की प्रतीक्षा में था और यह दौरा राज्य को 'साउथ इंडिया के नए इंडस्ट्रियल हब' के रूप में स्थापित करने की कोशिश का हिस्सा लगता है। हालाँकि, असली कसौटी यह होगी कि ASIP सेमीकंडक्टर परियोजना उत्पादन लक्ष्य कब तक हासिल करती है — क्योंकि देश में सेमीकंडक्टर निर्माण की घोषणाएँ और ज़मीनी हकीकत के बीच का अंतर अब तक चिंता का विषय रहा है। नवीकरणीय ऊर्जा ट्रांसमिशन परियोजनाएँ तत्काल और मापनीय लाभ दे सकती हैं, लेकिन राजमार्ग और हवाई अड्डे की दीर्घकालिक सफलता क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधि पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी आंध्र प्रदेश में कौन-कौन सी परियोजनाएँ राष्ट्र को समर्पित करेंगे?
प्रधानमंत्री मोदी 31 जुलाई को ₹17,900 करोड़ से अधिक की परियोजनाएँ राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनमें भोगपुरम में अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट, विशाखापत्तनम में ASIP सेमीकंडक्टर परियोजना, कुरनूल और अनंतपुरम में नवीकरणीय ऊर्जा ट्रांसमिशन प्रणालियाँ, और कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएँ शामिल हैं।
भोगपुरम अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट कहाँ स्थित है?
यह एयरपोर्ट आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगपुरम में स्थित है। इसका उद्घाटन 31 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होगा।
आंध्र प्रदेश की ASIP सेमीकंडक्टर परियोजना क्या है और इसका महत्त्व क्या है?
ASIP सेमीकंडक्टर परियोजना विशाखापत्तनम में ₹460 करोड़ से अधिक के निवेश से विकसित हो रही है। यह आंध्र प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सुविधा है जिसे इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत मंजूरी मिली है, और यह सालाना लगभग 9 करोड़ 60 लाख सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन करेगी।
कुरनूल नवीकरणीय ऊर्जा ज़ोन की ट्रांसमिशन परियोजनाओं से क्या लाभ होगा?
ये परियोजनाएँ कुरनूल और अनंतपुरम के नवीकरणीय ऊर्जा ज़ोन से उत्पन्न बिजली को राष्ट्रीय ग्रिड के माध्यम से देशभर में पहुँचाने में सहायक होंगी। इससे स्वच्छ बिजली की उपलब्धता बढ़ेगी और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटेगी, जो भारत के ऊर्जा परिवर्तन लक्ष्यों के अनुरूप है।
आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से किन क्षेत्रों को फायदा होगा?
₹1,880 करोड़ से अधिक की राजमार्ग परियोजनाओं से विजयवाड़ा और अन्य शहरों में यातायात जाम कम होगा, विशाखापत्तनम और हैदराबाद के बीच यात्रा का समय घटेगा, और क्षेत्रीय संपर्क मज़बूत होगा। NH-365BG, NH-67 और NH-565 पर नई सड़कें और पुल इस दिशा में अहम भूमिका निभाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. 7 घंटे पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 4 सप्ताह पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले