PM मोदी आंध्र प्रदेश में ₹17,900 करोड़ की परियोजनाएँ राष्ट्र को समर्पित करेंगे, भोगपुरम एयरपोर्ट का उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार, 31 जुलाई को आंध्र प्रदेश के दौरे पर ₹17,900 करोड़ से अधिक की लागत वाली अनेक विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस दौरे का केंद्रबिंदु विजयनगरम जिले के भोगपुरम में अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन है, जहाँ वे कई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।
आंध्र प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर सुविधा
प्रधानमंत्री विशाखापत्तनम में ASIP सेमीकंडक्टर परियोजना की आधारशिला रखेंगे, जिसे ₹460 करोड़ से अधिक के निवेश से विकसित किया जा रहा है। यह सुविधा ASIP टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कोरिया गणराज्य की APACT के साथ साझेदारी में तैयार की जा रही है।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह आंध्र प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सुविधा है, जिसे इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत मंजूरी प्राप्त हुई है। यह इकाई प्रतिवर्ष लगभग 9 करोड़ 60 लाख सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन करेगी और उच्च-कौशल रोज़गार के अवसर सृजित करेगी। साथ ही, सेमीकंडक्टर निर्माण को सहारा देने वाले एक मज़बूत सहायक पारिस्थितिकी तंत्र को भी बढ़ावा मिलेगा।
नवीकरणीय ऊर्जा को मिलेगी बड़ी रफ़्तार
प्रधानमंत्री कुरनूल-4 रिन्यूएबल एनर्जी ज़ोन (REZ) – फेज-I (4.5 GW) के एकीकरण के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली की आधारशिला रखेंगे। इसे पॉवरग्रिड द्वारा एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) के माध्यम से लगभग ₹5,550 करोड़ के निवेश से क्रियान्वित किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, वे कुरनूल विंड एनर्जी ज़ोन/सोलर एनर्जी ज़ोन – पार्ट A और पार्ट B के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली का उद्घाटन करेंगे, जिसे लगभग ₹3,550 करोड़ की लागत से स्थापित किया गया है। अनंतपुरम (2,500 मेगावाट) और कुरनूल (1,000 मेगावाट) में सोलर एनर्जी ज़ोन के लिए ट्रांसमिशन योजना का भी उद्घाटन होगा, जिसे पॉवरग्रिड ने ₹820 करोड़ से अधिक की लागत से पूर्ण किया है।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ये परियोजनाएँ ग्रिड में बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा जोड़ने, स्वच्छ बिजली की उपलब्धता बढ़ाने और जीवाश्म ईंधन आधारित उत्पादन पर निर्भरता घटाकर भारत के ऊर्जा परिवर्तन और डीकार्बोनाइज़ेशन प्रयासों को मज़बूती देंगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएँ
प्रधानमंत्री ₹1,880 करोड़ से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे और उनकी आधारशिला भी रखेंगे। समर्पित होने वाली परियोजनाओं में शामिल हैं — NH-365BG पर रेचेरला से गुरुवायगुडेम तथा गुरुवायगुडेम से देवरापल्ले तक चार-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे, और NH-67 पर चार-लेन ताड़ीपत्री बाईपास।
इसके साथ ही, वे NH-565 के पेन्चालाकोना-येरपेडु सेक्शन पर लिंगसमुद्रम में एक ऊँचे पुल की आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं से विजयवाड़ा और अन्य शहरों में यातायात जाम की समस्या में कमी आएगी, विशाखापत्तनम और हैदराबाद के बीच यात्रा की दूरी व समय घटेगा, और क्षेत्रीय संपर्क को बल मिलेगा।
आगे की राह
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब आंध्र प्रदेश सरकार राज्य में औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि सेमीकंडक्टर और नवीकरणीय ऊर्जा — दोनों क्षेत्रों में एक साथ बड़े निवेश का यह संयोजन राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक रूपांतरण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।