17 अगस्त 2026
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भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से वाणिज्यिक उड़ानें शुरू, विशाखापट्टनम एयरपोर्ट का 60 साल का सफर थमा

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भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से वाणिज्यिक उड़ानें शुरू, विशाखापट्टनम एयरपोर्ट का 60 साल का सफर थमा

सारांश

60 साल पुराने विशाखापट्टनम एयरपोर्ट की विदाई और भोगापुरम के उदय के साथ उत्तर आंध्र प्रदेश के विमानन मानचित्र पर एक नया अध्याय खुला है। ₹4,727 करोड़ की यह ग्रीनफील्ड परियोजना महज 31 महीनों में तैयार हुई — लेकिन ~1,000 कर्मचारियों के रोज़गार का सवाल अभी अनुत्तरित है।

मुख्य बातें

17 अगस्त 2026 की रात 12:01 बजे से भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (अल्लूरी सीताराम राजू) से वाणिज्यिक उड़ानें आधिकारिक रूप से शुरू हुईं।
पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान स्कूट एयरलाइंस की सिंगापुर -गामी फ्लाइट; पहली घरेलू उड़ान इंडिगो की हैदराबाद से आने वाली सेवा सुबह 6:45 बजे ।
विशाखापट्टनम एयरपोर्ट (आईएनएस डेगा) के सिविल एन्क्लेव में अगले 30 वर्षों तक नियमित वाणिज्यिक उड़ानें बंद रहेंगी।
हवाईअड्डे का IATA कोड 'VTZ' भी भोगापुरम को हस्तांतरित किया गया।
परियोजना ₹4,727 करोड़ की लागत से 31 महीनों में पूरी, निर्धारित समय से 5 महीने पहले ।
स्थानांतरण से ~1,000 कर्मचारियों के रोज़गार पर असर; प्रभावित कर्मचारियों ने वैकल्पिक रोज़गार की माँग की।

आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में स्थित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, भोगापुरम से 17 अगस्त 2026 की आधी रात के बाद वाणिज्यिक उड़ान सेवाएं विधिवत रूप से आरंभ हो गईं। नागर विमानन मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार रात 12:01 बजे से विशाखापट्टनम हवाईअड्डे (आईएनएस डेगा) के सिविल एन्क्लेव की समस्त व्यावसायिक उड़ानें लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित भोगापुरम स्थानांतरित कर दी गईं, और वर्ष 1962 से नागरिक विमानन सेवा दे रहे विशाखापट्टनम एयरपोर्ट का वाणिज्यिक अध्याय औपचारिक रूप से बंद हो गया।

ऐतिहासिक पहली उड़ानें

नए हवाईअड्डे से पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान स्कूट एयरलाइंस की सिंगापुर-गामी फ्लाइट रही, जिसने आधी रात के आसपास उड़ान भरी। पहली घरेलू उड़ान के रूप में इंडिगो की हैदराबाद से आने वाली फ्लाइट सुबह 6:45 बजे भोगापुरम पहुँची। एयरपोर्ट अधिकारियों, जीएमआर प्रतिनिधियों और जिला प्रशासन ने यात्रियों का स्वागत किया तथा उन्हें स्मृति चिन्ह के रूप में प्रसिद्ध एतिकोप्पाका खिलौने भेंट किए। इसके बाद सुबह 7:30 बजे भोगापुरम से पहली घरेलू उड़ान हैदराबाद के लिए रवाना हुई।

विशाखापट्टनम एयरपोर्ट की भावुक विदाई

दूसरी ओर, विशाखापट्टनम एयरपोर्ट पर गहरा भावुक माहौल देखने को मिला। कर्मचारियों ने रविवार रात दिल्ली जाने वाली इंडिगो फ्लाइट 6ई-2018 को विदाई दी, जो इस एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली अंतिम वाणिज्यिक उड़ान थी। रात 10:45 बजे उड़ान के रवाना होने के साथ ही एक लंबा विमानन अध्याय समाप्त हो गया। गौरतलब है कि यह हवाईअड्डा द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान निर्मित हुआ था और 1962 में नागरिक उड़ानों के लिए खोला गया था।

रोज़गार पर असर और कर्मचारियों की माँग

संचालन के भोगापुरम स्थानांतरित होने से विशाखापट्टनम एयरपोर्ट से जुड़े करीब 1,000 लोगों के रोज़गार पर असर पड़ा है। प्रभावित कर्मचारियों ने राज्य और केंद्र सरकार से वैकल्पिक रोज़गार उपलब्ध कराने की माँग की है। नागर विमानन मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, अगले 30 वर्षों तक विशाखापट्टनम एयरपोर्ट के सिविल एन्क्लेव में नियमित वाणिज्यिक उड़ानें संचालित नहीं होंगी — केवल राष्ट्रीय आपातकाल, भारतीय वायुसेना, अन्य सशस्त्र बलों, पुलिस अथवा विशेष सरकारी वीआईपी उड़ानों के लिए इसका उपयोग किया जा सकेगा।

भोगापुरम एयरपोर्ट की अवसंरचना और क्षमता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अगस्त को इस हवाईअड्डे का उद्घाटन किया था। लगभग ₹4,727 करोड़ की लागत से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत जीएमआर विशाखापट्टनम इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (जीवीआईएएल) द्वारा विकसित यह परियोजना निर्धारित समय से लगभग पाँच महीने पहले, केवल 31 महीनों में पूरी की गई। पहले चरण में यह हवाईअड्डा प्रतिवर्ष 60 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम है, जबकि दीर्घकालिक योजना क्षमता को बढ़ाकर 4 करोड़ यात्री प्रति वर्ष तक पहुँचाने की है।

एयरपोर्ट का एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर अत्याधुनिक है — 3,800 मीटर लंबा कोड 4ई रनवे, समानांतर टैक्सीवे, रैपिड एग्जिट टैक्सीवे और 18 विमान पार्किंग स्टैंड शामिल हैं। यह रनवे बोइंग 777, बोइंग 787 ड्रीमलाइनर, एयरबस ए330 और एयरबस ए340 जैसे वाइड-बॉडी विमानों के संचालन में सक्षम है।

यात्री सुविधाएँ और आगे की योजना

यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने विशाखापट्टनम शहर और भोगापुरम एयरपोर्ट के बीच 20 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया है। वर्तमान में इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अन्य एयरलाइंस हैदराबाद, तिरुपति, चेन्नई, बेंगलुरु, दिल्ली, कोलकाता और मुंबई के लिए उड़ानें संचालित कर रही हैं। स्कूट एयरलाइंस और एयर इंडिया सिंगापुर के लिए तथा इंडिगो अबू धाबी के लिए सेवाएं दे रही है। संचालन के पहले दिन भोगापुरम से 31 उड़ानें संचालित की गईं और 6,000 से 7,000 यात्रियों के सफर करने का अनुमान था। 2,703 एकड़ में फैली इस एकीकृत परियोजना में एविएशन हब और एविएशन यूनिवर्सिटी/एजुकेशन सिटी विकसित करने की भी योजना है, जिससे उत्तर आंध्र प्रदेश को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बदलाव की असली कीमत ~1,000 कर्मचारी चुका रहे हैं जिनके रोज़गार का कोई ठोस समाधान अभी सामने नहीं आया है। यह ऐसे समय में आया है जब बड़े ग्रीनफील्ड हवाईअड्डों के आसपास विस्थापन की यह पुनरावृत्ति होती आई है — जेवर और नवी मुंबई परियोजनाओं में भी यही सवाल उठे थे। 30 वर्षों के लिए वाणिज्यिक उड़ानों पर प्रतिबंध एक कठोर नीतिगत निर्णय है जो विशाखापट्टनम शहर के केंद्र से कनेक्टिविटी को स्थायी रूप से बदल देता है। सरकार के लिए असली परीक्षा यह है कि क्या भोगापुरम का आर्थिक लाभ उन लोगों तक भी पहुँचेगा जिन्होंने पुराने एयरपोर्ट को दशकों तक चलाया।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा कहाँ स्थित है और इसका पूरा नाम क्या है?
यह हवाईअड्डा आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में स्थित है और इसका आधिकारिक नाम अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, भोगापुरम है। यह विशाखापट्टनम शहर से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर है।
विशाखापट्टनम एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ानें कब और क्यों बंद की गईं?
नागर विमानन मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार 17 अगस्त 2026 की रात 12:01 बजे से विशाखापट्टनम एयरपोर्ट (आईएनएस डेगा) के सिविल एन्क्लेव की सभी व्यावसायिक उड़ानें भोगापुरम स्थानांतरित कर दी गईं। नए और अधिक क्षमतावान ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे के चालू होने के साथ यह बदलाव किया गया। अगले 30 वर्षों तक वहाँ नियमित वाणिज्यिक उड़ानें नहीं होंगी।
भोगापुरम एयरपोर्ट की यात्री क्षमता कितनी है?
पहले चरण में यह हवाईअड्डा प्रतिवर्ष 60 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम है। दीर्घकालिक योजना के तहत इसकी क्षमता बढ़ाकर 4 करोड़ यात्री प्रति वर्ष तक पहुँचाने का लक्ष्य है।
भोगापुरम एयरपोर्ट से कौन-कौन से शहरों और देशों के लिए उड़ानें उपलब्ध हैं?
इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अन्य एयरलाइंस हैदराबाद, तिरुपति, चेन्नई, बेंगलुरु, दिल्ली, कोलकाता और मुंबई के लिए घरेलू उड़ानें संचालित कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर स्कूट एयरलाइंस और एयर इंडिया सिंगापुर के लिए तथा इंडिगो अबू धाबी के लिए सेवाएं दे रही है।
भोगापुरम एयरपोर्ट के निर्माण में कितनी लागत आई और इसे किसने बनाया?
यह हवाईअड्डा लगभग ₹4,727 करोड़ की लागत से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत जीएमआर विशाखापट्टनम इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (जीवीआईएएल) द्वारा विकसित किया गया। इसे निर्धारित समय से लगभग पाँच महीने पहले, केवल 31 महीनों में पूरा किया गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अगस्त को इसका उद्घाटन किया था।
राष्ट्र प्रेस
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