क्या टीएमसी सांसदों ने ईडी की छापेमारी के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन किया?
सारांश
Key Takeaways
- टीएमसी सांसदों का प्रदर्शन राजनीतिक दबाव के खिलाफ है।
- दिल्ली पुलिस ने बिना अनुमति के प्रदर्शन करने पर सांसदों को हिरासत में लिया।
- सांसदों ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने कोलकाता में आई-पैक पर ईडी के छापों के विरोध में शुक्रवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। हालांकि, बिना अनुमति प्रदर्शन करने के कारण दिल्ली पुलिस ने डेरेक ओ'ब्रायन, कीर्ति आजाद और महुआ मोइत्रा समेत 8 सांसदों को हिरासत में ले लिया।
तृणमूल कांग्रेस के आठ सांसदों ने शुक्रवार सुबह दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री के दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया। सांसदों ने कार्यालय के मुख्य गेट पर अपना धरना प्रदर्शन शुरू किया।
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने आरोप लगाया कि जिस कोयला घोटाले का मुद्दा उठाया जा रहा है, उसके टेंडर खुद भाजपा ने निकाले और मैनेज करके अपने ही नेताओं को काम दिया। उन्हीं लोगों के जरिए लूट मचाई गई। भाजपा 'उल्टा चोर कोतवाल के डांटे' जैसा व्यवहार कर रही है।
पुलिस हिरासत में लिए जाने पर कीर्ति आजाद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि क्या ईडी सिर्फ उन विरोधियों के खिलाफ काम कर रही है, जिनके खिलाफ वे (भाजपा) जीत नहीं सकते? क्या भाजपा की हिम्मत नहीं कि वे वहां (पश्चिम बंगाल) आकर ममता बनर्जी के खिलाफ जीत सकें?
दिल्ली पुलिस ने डेरेक ओ'ब्रायन और महुआ मोइत्रा को भी हिरासत में लिया। डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा, "आप देख रहे हैं कि यहां सांसदों के साथ क्या हो रहा है।" वहीं, महुआ मोइत्रा ने कहा, "हम भाजपा को हराएंगे। देश देख रहा है कि दिल्ली पुलिस एक चुने हुए सांसद के साथ कैसा बर्ताव कर रही है।"
महुआ मोइत्रा ने कहा, "हम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर शांति से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, जिन्होंने अपने 'वसूली निदेशालय' (प्रवर्तन निदेशालय) को हमारी पार्टी पर लूटपाट करने, राजनीतिक जासूसी करने और हमारे चुनाव डेटा और दस्तावेज चुराने के लिए भेजा। ईडी सिर्फ विपक्ष के लिए ही क्यों है? किसी और विपक्षी नेता में वह हिम्मत नहीं है, जो दीदी (ममता बनर्जी) ने गुरुवार को हमारी पार्टी के दस्तावेज बचाने के लिए किया।