विनायक चतुर्थी के बाद चेन्नई वापसी: तमिलनाडु परिवहन विभाग ने चलाईं 3,565 विशेष बसें
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु परिवहन विभाग ने विनायक चतुर्थी की छुट्टियों के बाद चेन्नई लौटने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए 14 और 15 सितंबर 2026 को किलंबक्कम बस टर्मिनल के लिए कुल 3,565 विशेष बसें संचालित करने की व्यवस्था की है। यह कदम तब उठाया गया जब 11 और 12 सितंबर को केवल दो दिनों में लगभग 23 लाख यात्रियों ने बसों के ज़रिए चेन्नई से तमिलनाडु के विभिन्न शहरों की यात्रा की।
बस संचालन का विस्तृत कार्यक्रम
परिवहन विभाग के अनुसार, इन 3,565 विशेष बसों में से 2,240 बसें 14 सितंबर (सोमवार) को और 1,325 बसें 15 सितंबर (मंगलवार) को चलाई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, 160 विशेष सेवाएँ माधवराम टर्मिनल पर समाप्त होंगी, जबकि ईस्ट कोस्ट रोड पर चलने वाली 370 बसें कोयंबेडु तक संचालित की जाएंगी।
सोमवार की शाम और रात में 50 अतिरिक्त मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (MTC) बसें 400 अतिरिक्त चक्कर लगाएंगी। मंगलवार तड़के से 150 और अतिरिक्त ट्रिप शुरू की जाएंगी। सेंट्रल, एग्मोर और तांबरम रेलवे स्टेशनों पर भी अतिरिक्त सिटी बसें तैनात की गई हैं ताकि ट्रेन से आने वाले यात्री चेन्नई के अन्य हिस्सों तक आसानी से पहुँच सकें।
किन शहरों से होगी वापसी की सर्वाधिक भीड़
परिवहन अधिकारियों का अनुमान है कि तिरुचि, मदुरै, डिंडीगुल, सलेम, कृष्णागिरी, होसुर, वेल्लोर, कोयंबटूर, तिरुनेलवेली, नागरकोइल, थूथुकुडी और तेनकासी सहित कई शहरों से वापस लौटने वाले यात्रियों की संख्या सोमवार और मंगलवार को चरम पर रहेगी। बस टर्मिनलों पर तैनात अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे भीड़ की स्थिति पर निरंतर नज़र रखें और माँग बढ़ने पर तत्काल अतिरिक्त सेवाएँ शुरू करें।
गौरतलब है कि MTC सामान्यतः किलंबक्कम से 47 मार्गों पर 508 बसें चलाती है, जो 2,107 चक्कर पूरे करती हैं। इसके अलावा, टर्मिनल से गुज़रने वाले नौ मार्गों पर 130 बसें भी 1,362 चक्कर पूरे करती हैं। त्योहारी भीड़ के दौरान यह क्षमता कई गुना बढ़ा दी गई है।
किराया उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
त्योहार से पहले अत्यधिक किराया वसूलने की शिकायतों के मद्देनज़र परिवहन आयुक्त कार्यालय ने तमिलनाडु भर में बसों का निरीक्षण तेज़ कर दिया है। अधिकारियों ने तीन दिनों में 3,512 बसों की जाँच की और 639 वाहनों में नियमों का उल्लंघन पाया। उल्लंघन पाए जाने पर निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की गई, इलेक्ट्रॉनिक चालान जारी किए गए और संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इस प्रवर्तन अभियान में अनुपालन शुल्क के रूप में ₹14.39 लाख और जुर्माने के रूप में ₹3.19 लाख वसूले गए। इसके अतिरिक्त, अन्य राज्यों में पंजीकृत बसों से तमिलनाडु को देय ₹27.58 लाख का कर भी वसूल किया गया।
आगे भी जारी रहेगी निगरानी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि बस ऑपरेटर यात्रा नियमों एवं परमिट शर्तों का पालन करें, जाँच अभियान आगे भी जारी रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में त्योहारी सीज़न के दौरान सार्वजनिक परिवहन पर दबाव बढ़ना एक वार्षिक चुनौती बन चुकी है। अधिक माँग वाले स्थानों पर वैकल्पिक मार्गों पर भी सेवाएँ बढ़ाई जाएंगी।