क्या टीआरएफ को वैश्विक आतंकी संगठन घोषित करना भारत की कूटनीतिक सफलता है?
सारांश
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जयपुर, 18 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने राजस्थान के जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अमेरिका ने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को वैश्विक आतंकी संगठन घोषित कर उस पर प्रतिबंध लगा दिया।
डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि इससे पूर्व केंद्र की मोदी सरकार ने आतंकवाद के मुद्दे पर कई अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक सफलताएँ हासिल की हैं। 26/11 हमले के मुख्य आरोपी तहव्वुर राणा का अमेरिका से प्रत्यर्पण, हाफिज सईद को आतंकवादी घोषित कराना और अब टीआरएफ को आतंकवादी संगठन घोषित कराना, यह सभी इस बात के प्रमाण हैं कि भारत ने न केवल सैन्य कौशल का प्रदर्शन किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक दक्षता का भी शानदार प्रदर्शन किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों को भारत की विदेश नीति सर्कस लगती है, उन्हें यह समझना चाहिए कि जो कुछ भी भारत ने हासिल किया है, वो उनके लिए एक नई सोच का संकेत है। भारत, क्वाड का सदस्य है, यही कारण है कि एस 400 रूस से प्राप्त किया गया, जिसने ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बावजूद अमेरिका ने कोई प्रतिबंध नहीं लगाया।
डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी आतंकवाद के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया। यह भारत की कूटनीतिक क्षमता को दर्शाता है। जिन लोगों को विदेशी दौरे की तो जानकारी होती है, लेकिन विदेशी नीति की समझ नहीं होती, वे इसे नहीं समझते। पिछले 11 वर्षों में विदेश नीति काफी सफल रही है। उन्होंने कहा कि आज भारत में विपक्ष जितना गैर-जिम्मेदार है, उतना कभी नहीं था। पार्टी और देशवासियों की ओर से भारत सरकार और विदेश मंत्री को इस कूटनीतिक सफलता के लिए बधाई दी।