त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा का बयान: लोग भाजपा के विकास एजेंडे से जुड़ रहे हैं
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री माणिक साहा ने भाजपा के विकास एजेंडे का समर्थन किया।
- विपक्ष की नीतियों की आलोचना की गई।
- टीटीएएडीसी चुनावों में भाजपा की जीत की अपील की गई।
अगरतला, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सोमवार को कहा कि विकास के एजेंडे के कारण लोग तेजी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने आगामी त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र जिला परिषद (टीटीएएडीसी) चुनावों से पहले विपक्षी दलों पर कड़ी टिप्पणी की।
उत्तरी त्रिपुरा के दासदा बाजार में भाजपा के उम्मीदवार शैलेंद्र नाथ के समर्थन में आयोजित एक चुनावी रैली में साहा ने कहा कि पार्टी का मूल सिद्धांत 'पहले राष्ट्र, फिर पार्टी और अंत में व्यक्ति' है। उन्होंने इसकी तुलना टिपरा मोथा पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सिस्ट (सीपीआई-एम) जैसी पार्टियों से की, जिनके बारे में उन्होंने कहा कि वे राष्ट्र के हितों की बजाय व्यक्तिगत या पार्टी के हितों को प्राथमिकता देती हैं।
उन्होंने कहा कि इस टीटीएएडीसी चुनाव में टिपरा मोथा पार्टी का सफाया होना चाहिए। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस और टिपरा मोथा की नीतियों में कोई भिन्नता नहीं है।
भाजपा की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान से 1980 में स्थापित यह पार्टी, केवल दो सांसदों से बढ़कर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लगातार तीन कार्यकाल तक देश का नेतृत्व कर रही है।
उन्होंने राज्य में लंबे समय से चले वामपंथी शासन के दौरान हुए भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा कि 2026 के टीटीएएडीसी चुनावों को महत्वपूर्ण बताते हुए साहा ने कहा कि भाजपा परिषद की 28 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐतिहासिक कदम उठा रही है। कई वर्षों तक टीटीएएडीसी में राजनीति हावी रही, लेकिन कोई ठोस विकास नहीं हुआ। कम्युनिस्ट, जो कभी चुनावी वर्चस्व का दावा करते थे, अब जनता का समर्थन खो चुके हैं।
साहा ने मतदाताओं से 12 अप्रैलशैलेंद्र नाथ की निर्णायक जीत सुनिश्चित करने की अपील की।
स्थानीय मुद्दों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कंचनपुर में विस्थापित बंगालियों से संबंधित चिंताओं को गृह मंत्री शाह के समक्ष उठाया है और जल्द ही स्थायी समाधान की उम्मीद जताई है।