क्या उमर खालिद और शरजील इमाम ने पूरे देश को दंगों की आग में झोंकने की कोशिश की?: विनोद बंसल

Click to start listening
क्या उमर खालिद और शरजील इमाम ने पूरे देश को दंगों की आग में झोंकने की कोशिश की?: विनोद बंसल

सारांश

दिल्ली दंगों से जुड़े उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया है। विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने इन दोनों को अपराधी बताया है। उनके अनुसार, इनका उद्देश्य जानबूझकर देश में दंगे भड़काना था। इस मामले में और क्या कुछ कहा गया, जानिए।

Key Takeaways

  • सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज की।
  • इन दोनों पर दंगों की साजिश का आरोप है।
  • विनोद बंसल ने कहा कि यह एक जानबूझकर रची गई साजिश थी।
  • लव जिहाद पर मोहन भागवत की चिंता को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
  • उत्तराखंड सरकार का निर्णय लैंड जिहाद के खिलाफ सराहनीय है।

नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली दंगों के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज करने पर विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि ये दोनों व्यक्ति अपराधी हैं, जिन्होंने एक सोची-समझी साजिश के तहत न केवल दिल्ली, बल्कि पूरे देश को दंगों की आग में झोंकने की कोशिश की।

विनोद बंसल ने नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि यह पूरी साजिश जानबूझकर रची गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्लान की पूरी जांच की और कहा कि ऐसे लोग जमानत के हकदार नहीं हैं। इस मामले में चार-पांच ऐसे लोगों को रिहा किया गया है जो इसके हकदार थे, लेकिन यह मामला कोई अकेला मामला नहीं है।

उन्होंने कहा कि हिंदुओं के खिलाफ सुनियोजित तरीके से हमले किए गए थे। कई लोगों की जान गई। कई एफआईआर दर्ज की गईं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जमानत नहीं मिलेगी और एक साल तक याचिका भी दाखिल की जा सकती। उन्होंने कहा कि इसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश की गई। भारत में आतंकवादी मानसिकता वाले लोगों के लिए न्यूयॉर्क के मेयर का खड़ा होना एक षड्यंत्र की ओर इशारा करता है। मुझे लगता है कि कोर्ट के निर्णय के बाद भारत की जनता से उन्हें क्षमा मांगनी चाहिए।

उन्होंने न्यूयॉर्क के मेयर का जिक्र करते हुए कहा कि यह हमारा अंदरूनी मामला है। न्यूयॉर्क में स्थिति को देखें। वहां हमारे मंदिरों पर कैसे हमले होते हैं।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बयान 'मैं कभी पार्टी लाइन से नहीं भटका' पर विनोद बंसल ने कहा कि इस पर मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं है, क्योंकि मैं कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं हूं और न ही मेरी राजनीतिक सोच है। हालांकि, एक कांग्रेस नेता ने कहा था कि क्रिकेट को राजनीति में नहीं लाना चाहिए। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भारत में खेलने से इनकार किया है, तो कांग्रेस नेताओं को लिखना चाहिए कि राजनीतिक मंशा के लिहाज से फैसले नहीं लिए जाते।

उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत के 'लव जिहाद' वाले बयान पर कहा कि केरल से यह मामला शुरू हुआ। विश्व के अनेक देश इससे पीड़ित हैं। हमने कई बार लव जिहाद की सूचियां जारी की हैं। 500 केस की सूची जारी की थी, जिसमें 150 बेटियों की सूची ऐसी थी कि उन्हें मार दिया गया। मोहन भागवत ने जो चिंता जाहिर की है, हम लोग इस पर काम कर रहे हैं। परिवार को अपने बच्चों से बात करनी चाहिए। उन्हें लव जिहाद के बारे में बताएं। उन्हें सत्संग, संस्कृति से जोड़ें। जब तक हम बच्चों के साथ कनेक्ट नहीं करेंगे, यह काम आसान नहीं है। लव जिहाद करने वाले लोगों को भी समझना होगा कि अब सीधे कार्रवाई होगी।

उन्होंने उत्तराखंड सरकार के फैसले की तारीफ करते हुए कहा कि उत्तराखंड के देवभूमि की 10 हजार एकड़ भूमि को लैंड जिहादियों से मुक्त कराने और 1 जुलाई 2026 से सभी अतिवादी एवं अनधिकृत मदरसों को बंद किए जाने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को साधुवाद। उन्होंने समान नागरिक संहिता के लिए भी देश में पहला कदम बढ़ाकर देवभूमि को दैत्य भूमि बनाने का दिवास्वप्न देखने वाले लोगों को आईना दिखाया था। अभी तीर्थ स्थल हरिद्वार व ऋषिकेश की धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं के साथ वहां की सुचिता और पवित्रता को बरकरार रखने के संदर्भ में उठाए जा रहे कदम भी स्वागत योग्य हैं।

Point of View

बल्कि इसे एक बड़े सामाजिक मुद्दे के रूप में देखा जाना चाहिए। देश की एकता और अखंडता के लिए हमें सभी विचारों का सम्मान करना होगा।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

उमर खालिद और शरजील इमाम को क्यों गिरफ्तार किया गया?
उमर खालिद और शरजील इमाम को दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया है, जहां उन पर साजिश का आरोप लगाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को क्यों खारिज किया?
सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज किया क्योंकि उन्हें लगा कि ये लोग जमानत के हकदार नहीं हैं।
क्या यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया गया है?
हां, इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश की गई है, खासकर न्यूयॉर्क के मेयर के बयान के संदर्भ में।
Nation Press