यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026: मंत्री गुलाब देवी बोलीं- बेटियां आगे हैं तो महिलाएं भी रहेंगी अव्वल
सारांश
Key Takeaways
- यूपीएमएसपी ने 23 अप्रैल 2026 को कक्षा 10 और 12 के बोर्ड परिणाम घोषित किए।
- हाईस्कूल में उत्तीर्णता दर 90.42%25 और इंटरमीडिएट में 80.38%25 रही।
- सीतापुर की कशिश वर्मा व बाराबंकी की अंशिका वर्मा ने 97.83%25 के साथ 10वीं में संयुक्त टॉप किया।
- सीतापुर की शिखा वर्मा ने 97.60%25 अंकों के साथ 12वीं में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया।
- माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा — बेटियां आगे हैं तो महिलाएं भी आगे रहेंगी।
- परीक्षाएं 75 जिलों के 8,033 केंद्रों पर 18 फरवरी से 12 मार्च के बीच आयोजित हुईं।
लखनऊ, 23 अप्रैल 2026 — उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपीएमएसपी) ने गुरुवार को हाईस्कूल (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए। इस वर्ष भी छात्राओं ने छात्रों को पीछे छोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया। परिणाम घोषित होते ही माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने सभी परीक्षार्थियों को बधाई देते हुए बेटियों की इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया।
परिणाम की मुख्य झलकियां
कक्षा 10 में कुल उत्तीर्णता दर 90.42 प्रतिशत रही, जबकि कक्षा 12 में यह आंकड़ा 80.38 प्रतिशत दर्ज किया गया। परीक्षाएं प्रदेश के सभी 75 जिलों में स्थापित 8,033 परीक्षा केंद्रों पर 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 के बीच संपन्न हुई थीं।
हाईस्कूल में सीतापुर की कशिश वर्मा और बाराबंकी की अंशिका वर्मा ने 97.83 प्रतिशत अंक अर्जित कर संयुक्त रूप से प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। इंटरमीडिएट में सीतापुर की शिखा वर्मा ने 97.60 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप किया।
मंत्री गुलाब देवी का बयान
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा, महिलाएं आदि शक्ति का स्वरूप हैं। चाहे बेटी के रूप में हों या विद्यार्थी के रूप में, हमारी लड़कियों ने हर मोर्चे पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
उन्होंने आगे कहा कि आज जब नारी सम्मान और महिला अधिकारों की चर्चा पूरे देश में हो रही है, तब यूपी बोर्ड के परिणाम यह साबित करते हैं कि जब हमारी बेटियां आगे हैं, तो हमारी महिलाएं भी आगे रहेंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं की शक्ति को न कोई झुका सकता है और न ही कम कर सकता है।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों ने भी इस वर्ष उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है और पूरे प्रदेश के परीक्षार्थियों का भविष्य उज्ज्वल है।
बेटियों की लगातार बढ़त — एक सामाजिक बदलाव का संकेत
यूपी बोर्ड परीक्षाओं में छात्राओं का यह प्रदर्शन कोई एकबारगी घटना नहीं है। पिछले कई वर्षों से लगातार लड़कियां लड़कों से बेहतर परिणाम दे रही हैं, जो उत्तर प्रदेश में बालिका शिक्षा की दिशा में हो रहे सकारात्मक बदलावों का प्रमाण है। सरकार द्वारा चलाई जा रही कन्या सुमंगला योजना और मिशन शक्ति जैसी योजनाओं का असर अब परीक्षा परिणामों में भी दिखने लगा है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्तर पर भी लड़कियां सीबीएसई और अन्य बोर्ड परीक्षाओं में लड़कों से आगे रहती हैं, जो यह दर्शाता है कि शिक्षा में लैंगिक समानता की दिशा में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
टॉपर्स और आगे की राह
हाईस्कूल की टॉपर कशिश वर्मा (सीतापुर) और अंशिका वर्मा (बाराबंकी) दोनों ने 97.83%25 के साथ प्रदेश में शीर्ष स्थान साझा किया। इंटरमीडिएट की टॉपर शिखा वर्मा (सीतापुर) ने 97.60%25 अंक प्राप्त किए। तीनों टॉपर्स का सीतापुर और बाराबंकी जैसे अपेक्षाकृत छोटे जिलों से होना यह भी बताता है कि अब शैक्षिक उत्कृष्टता केवल महानगरों तक सीमित नहीं रही।
अब सभी सफल विद्यार्थियों की नजरें उच्च शिक्षा प्रवेश परीक्षाओं जैसे JEE, NEET, CUET और राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षाओं पर टिकी हैं। यूपीएमएसपी की आधिकारिक वेबसाइट पर छात्र अपने अंक पत्र और विस्तृत परिणाम देख सकते हैं।