यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा बल: 'आप' महिला विंग की यूपी अध्यक्ष नीलम यादव और बीएसपी नेता समेत कई दिग्गज शामिल
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) को 8 अक्टूबर 2026 को संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण मजबूती मिली, जब विभिन्न राजनीतिक दलों के कई वरिष्ठ नेता और समाजसेवी पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के लिए नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय पहुँचे। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने एक औपचारिक कार्यक्रम में सभी नवागंतुकों को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इनमें सबसे उल्लेखनीय नाम आम आदमी पार्टी (AAP) की महिला विंग की उत्तर प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य नीलम यादव का है।
कौन-कौन हुए शामिल
नीलम यादव लंबे समय तक यूपी में AAP के महिला संगठन की धुरी रही हैं और उनकी पार्टी-प्रवेश को कांग्रेस के शहरी एवं महिला जनाधार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इसके साथ ही गाजियाबाद से बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पूर्व उम्मीदवार परमानंद गर्ग, भारत सरकार के पूर्व अधिकारी दुर्गा प्रसाद, तथा बिजनौर के नूरपुर से बुनकर समुदाय के प्रमुख प्रतिनिधि एवं समाजसेवी हाजी इमामुद्दीन अंसारी भी कांग्रेस में सम्मिलित हुए।
जातीय और सामाजिक समीकरण पर असर
कांग्रेस यह मानकर चल रही है कि इन नेताओं के जुड़ने से यूपी में उसका सामाजिक आधार और विस्तृत होगा। नीलम यादव के आगमन से महिला मतदाताओं के बीच पार्टी की उपस्थिति मजबूत होने की उम्मीद है, जबकि परमानंद गर्ग के जुड़ने से वैश्य समुदाय में और हाजी इमामुद्दीन अंसारी के आने से बुनकर समुदाय में कांग्रेस की पैठ गहरी होगी। गौरतलब है कि यूपी में बुनकर समुदाय की बड़ी आबादी बिजनौर, मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों में केंद्रित है।
राजेंद्र पाल गौतम का भाजपा पर हमला
नए सदस्यों का स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता महंगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार से त्रस्त है और इसीलिए बड़ी तादाद में लोग प्रतिदिन कांग्रेस से जुड़ रहे हैं। गौतम ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में 'इंडिया' गठबंधन की लड़ाई को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा से जोड़ते हुए कहा कि देश इस समय एक अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति का सामना कर रहा है।
जंतर-मंतर विरोध और मौलिक अधिकारों का मुद्दा
गौतम ने जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर भी आरोप लगाए। उनके अनुसार, प्रदर्शन के लिए 10 दिन पहले आवेदन जमा करने का पुलिस का नया निर्देश नागरिकों के मौलिक अधिकारों एवं संविधान प्रदत्त बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक आवाज़ें दबाने के आरोप तेज़ किए हैं।
आगे क्या होगा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस तरह की पार्टी-प्रवेश की गतिविधियाँ आने वाले महीनों में और तेज़ होने की संभावना है। कांग्रेस का लक्ष्य यूपी में अपने संगठनात्मक ढाँचे को जमीनी स्तर तक मज़बूत करना है, जिसमें विभिन्न जातीय और सामाजिक समूहों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।