क्या उपराष्ट्रपति की मौजूदगी में डीयू में ‘ड्रग फ्री कैंपस अभियान’ की शुरुआत हुई?

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क्या उपराष्ट्रपति की मौजूदगी में डीयू में ‘ड्रग फ्री कैंपस अभियान’ की शुरुआत हुई?

सारांश

दिल्ली विश्वविद्यालय ने नशा मुक्त पहल की शुरुआत की है, जिसमें उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन की उपस्थिति में अद्वितीय ई-प्रतिज्ञा मंच और एप्लिकेशन का लॉन्च हुआ। यह कदम युवाओं को नशे से बचाने और समाज में जागरूकता फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जानिए इस अभियान के बारे में अधिक।

Key Takeaways

  • नशा मुक्त परिसर का निर्माण करना आवश्यक है।
  • सशक्त युवा ही राष्ट्र के विकास का आधार हैं।
  • सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
  • आपसी सहयोग से परिवर्तन लाना संभव है।
  • नशे के खिलाफ छात्रों को जागरूक करना प्राथमिकता है।

नई दिल्ली, १३ जनवरी (राष्ट्र प्रेस) दिल्ली विश्वविद्यालय ने नशा मुक्त होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। मंगलवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और देश के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने इस विषय पर दिल्ली विश्वविद्यालय में उपस्थिति दर्ज कराई।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि सशक्त राष्ट्र के लिए सशक्त नेतृत्व की आवश्यकता है और विश्वविद्यालय केवल शैक्षणिक ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि ऐसे संस्थान हैं जहाँ मूल्य स्थापित होते हैं, नेतृत्व विकसित होता है और राष्ट्र का भविष्य आकार लेता है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हैं, तो यह पूरे समाज को एक सशक्त संदेश देता है। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने ‘नशा मुक्त परिसर अभियान’ के अंतर्गत एक समर्पित ई-प्रतिज्ञा मंच और मोबाइल एप्लिकेशन का शुभारंभ किया।

उन्होंने देशभर के विश्वविद्यालयों के छात्रों से अपील की कि वे इस मंच के माध्यम से नशा मुक्त परिसर की शपथ लें और अभियान को एक जन-आंदोलन का रूप दें। उपराष्ट्रपति ने युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए सतत, सामूहिक और राष्ट्रव्यापी प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि नशा मुक्त युवा ही विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की आधारशिला हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से आग्रह किया कि ड्रग फ्री कैंपस अभियान को सभी केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए। नशा केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय चुनौती है।

उपराष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि नशा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, शैक्षणिक प्रदर्शन, पारिवारिक सौहार्द, उत्पादकता और राष्ट्रीय सुरक्षा को भी प्रभावित करता है।

उन्होंने भारत की प्राचीन परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में आत्मसंयम, मानसिक संतुलन और मन व शरीर की शुद्धता को अत्यंत महत्व दिया गया है।

उपराष्ट्रपति ने छात्रों से सतर्क रहने और संकट में फंसे साथियों की सहायता करने का आह्वान किया। विश्वविद्यालय की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि जागरूकता, परामर्श और विभिन्न हितधारकों के सहयोग को एकीकृत करना एक प्रशंसनीय कार्य है।

उपराष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली विश्वविद्यालय एक आदर्श नशा मुक्त परिसर के रूप में उभरेगा। नशा मुक्त भारत ही एक स्वस्थ, सशक्त और विकसित राष्ट्र के लक्ष्य को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।

Point of View

बल्कि उन्हें एक स्वस्थ और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित करना भी है। यह पहल समाज में व्यापक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
NationPress
13/01/2026

Frequently Asked Questions

ड्रग फ्री कैंपस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना और एक स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण का निर्माण करना है।
क्या इस अभियान में अन्य विश्वविद्यालय भी शामिल होंगे?
हाँ, उपराष्ट्रपति ने सभी विश्वविद्यालयों के छात्रों से इस अभियान में भाग लेने की अपील की है।
इस अभियान का शुभारंभ कब हुआ?
यह अभियान 13 जनवरी को उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय में शुरू किया गया।
क्या इस अभियान के लिए कोई मोबाइल ऐप उपलब्ध है?
हाँ, अभियान के तहत एक समर्पित मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया गया है।
इस अभियान का सामाजिक प्रभाव क्या होगा?
यह अभियान युवा पीढ़ी में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होगा।
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