क्या दो-चार बयान देने से तेजस्वी यादव नेता बन जाएंगे?: उपेंद्र कुशवाहा
सारांश
Key Takeaways
- नेताओं को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।
- राजनीति में केवल बयानों से कुछ नहीं होता।
- कानून का पालन सभी पर लागू होता है।
- सबूत के बिना आरोप लगाना सही नहीं है।
पटना, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष और सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं राजद नेता तेजस्वी यादव के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि तेजस्वी नेता प्रतिपक्ष हैं, तो उन्हें अपनी भूमिका का सही तरीके से निर्वहन करना चाहिए। केवल दो-चार बयान देने से कोई भी नेता नहीं बन जाता है।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि राज्य की डबल इंजन सरकार में प्रतिदिन ऐसी घटनाएँ घटित हो रही हैं कि मीडिया को भी जानकारी देने में कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि 1.5 साल से लेकर 11 साल की कई बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएँ हुई हैं और दुष्कर्मियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।
उपेंद्र कुशवाहा ने तेजस्वी यादव के आरोपों पर कहा कि तेजस्वी हमेशा बकवास करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई घटना होती है, तब एक्शन लिया जाता है और अपराधियों को पकड़ा जाता है। तेजस्वी को समझना चाहिए कि इस प्रकार के बयानों से कुछ नहीं होगा। यदि उन्हें राजनीति करनी है, तो उन्हें इसे सही तरीके से करना चाहिए। केवल कुछ बयानों से वे नेता नहीं बन सकते।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घुसपैठ संबंधी बयान पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी भी देश में गैर-कानूनी तरीके से रह रहा है, तो उसे वहां रहने का अधिकार नहीं है। मैं अमित शाह के बयान से पूरी तरह सहमत हूं। कानून में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति यहाँ की नागरिकता लेना चाहता है, तो इसके लिए नियम हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि कहाँ बुरा व्यवहार हो रहा है। इसके लिए कुछ सबूत होना चाहिए, और केवल दावा करने से कोई अर्थ नहीं होता। यदि कोई सीधे तौर पर कहता है कि किसी के साथ बुरा व्यवहार किया जा रहा है, तो इसका कोई अर्थ नहीं है.