देहरादून में 'हर घर तिरंगा' यात्रा: CM धामी ने किया नेतृत्व, 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले देवभूमि में राष्ट्रभक्ति का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 अगस्त 2026 को देहरादून में आयोजित 'हर घर तिरंगा' यात्रा में सक्रिय भागीदारी की। 15 अगस्त को मनाए जाने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस से पूर्व आयोजित इस यात्रा में देहरादून और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इसे देवभूमि की जन-जन में रची-बसी राष्ट्रभक्ति का प्रमाण बताया।
मुख्य घटनाक्रम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह तिरंगा यात्रा कोई सामान्य आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्र के गौरव का उत्सव है। उन्होंने कहा, 'यह तिरंगा 140 करोड़ भारतीयों की आन-बान-शान और स्वाभिमान का प्रतीक है। इसके केसरिया रंग में हमारे वीरों का साहस और त्याग है, सफेद रंग में शांति और सत्य का संदेश है, और अशोक चक्र हमें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।'
यात्रा में उमड़े जनसैलाब को देखते हुए धामी ने कहा कि हर हाथ में लहराता राष्ट्रीय ध्वज इस बात का प्रतीक है कि राष्ट्रभक्ति की भावना देवभूमि के कण-कण में विद्यमान है।
स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों को स्मरण करते हुए कहा कि यह तिरंगा झंडा यूं ही नहीं मिला है। उन्होंने कहा, 'मां भारती के सपूतों ने हंसते-हंसते अपने प्राण दिए और फांसी के फंदों को चूम लिया। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आधुनिक युग तक के वीरों ने तिरंगे की साख पर कभी आंच नहीं आने दी।'
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रीय एकता की भावना को जन-जन तक पहुँचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संकल्प
धामी ने नागरिकों से आह्वान किया कि तिरंगा हाथ में लेकर आगे बढ़ते समय यह संकल्प लेना चाहिए कि देश की एकता, अखंडता और रक्षा के लिए हमेशा कदम आगे बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने कहा, 'जब भी देश के सामने कोई चुनौती या संकट आएगा, हम उसका हर संभव तरीके से सामना करेंगे।'
आगे का कार्यक्रम
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि यह अभियान प्रदेश भर में निरंतर जारी रहेगा। उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर इसी प्रकार की तिरंगा यात्राएं आयोजित की जाएंगी, जिससे राज्य के हर कोने में राष्ट्रभक्ति का संकल्प और सुदृढ़ होगा। 80वें स्वतंत्रता दिवस तक यह अभियान अपने चरम पर पहुँचने की उम्मीद है।