क्या उत्तरी मोर्चे पर स्थिति स्थिर है लेकिन सतर्कता आवश्यक है?

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क्या उत्तरी मोर्चे पर स्थिति स्थिर है लेकिन सतर्कता आवश्यक है?

सारांश

भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने उत्तरी मोर्चे की स्थिति को स्थिर बताया, लेकिन सतर्कता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी साझा की और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ देश की तैयारी और प्रतिक्रिया को प्रदर्शित किया गया है।

Key Takeaways

  • ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति ने आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए हैं।
  • उत्तरी मोर्चे पर स्थिति स्थिर है, लेकिन सतर्कता आवश्यक है।
  • भारतीय सेना ने बांग्लादेश के साथ संवाद स्थापित किया है।
  • महिलाओं की भागीदारी से सेना की पेशेवर क्षमता सुदृढ़ हुई है।
  • सुरक्षा नीति में समन्वय की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की संतुलित, सटीक और दृढ़ प्रतिक्रिया ने सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ देश की तैयारी, निर्णायक क्षमता और रणनीतिक स्पष्टता को उजागर किया।

सेनाध्यक्ष ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी चल रहा है। उत्तरी सीमा पर स्थिति स्थिर है, लेकिन निरंतर सतर्कता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उच्च स्तर की वार्ताओं, संपर्क के पुनर्स्थापन और विश्वास-निर्माण उपायों के माध्यम से स्थिति में क्रमिक सामान्यीकरण हो रहा है।

बांग्लादेश के संदर्भ में सेनाध्यक्ष ने कहा कि भारतीय सेना ने बातचीत के लिए विभिन्न चैनल खोल रखे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बातचीत भी होती रहती है। थल सेना प्रमुख के अलावा, नेवी चीफ और एयर चीफ भी वार्ता कर चुके हैं। भारतीय सेना का प्रतिनिधिमंडल भी वहां भेजा गया था। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई मिसकम्युनिकेशन न हो। पहलगाम आतंकी हमले के बाद उच्चतम स्तर पर निर्णायक प्रतिक्रिया का निर्णय लिया गया, जिसके परिणामस्वरूप ऑपरेशन सिंदूर की योजना और कार्यान्वयन अत्यंत सटीकता से किया गया।

ऑपरेशन सिंदूर के तहत, 7 मई 2025 को 22 मिनट की तीव्र कार्रवाई और 10 मई तक चले 88 घंटे के समन्वित अभियान ने रणनीतिक मान्यताओं को पुनर्परिभाषित किया। आतंकवादी ढांचे पर गहरे प्रहार किए गए, आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त किया गया और परमाणु धमकियों को प्रभावी रूप से निष्प्रभावित किया गया। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने नौ में से सात लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट किया। इसके बाद पाकिस्तान की प्रतिक्रियाओं पर संतुलित और नियंत्रित उत्तर सुनिश्चित किया गया।

जनरल द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और भविष्य में किसी भी दुस्साहस का सख्ती से जवाब दिया जाएगा। भारतीय सीमा से सटे पाकिस्तानी कब्जे वाले इलाकों में अब भी कैंप मौजूद हैं। भारतीय सेना उनकी निगरानी कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, "हमारी जानकारी में लगभग 8 कैंप अभी भी सक्रिय हैं। इनमें से 2 अंतरराष्ट्रीय सीमा के विपरीत और 6 नियंत्रण रेखा के विपरीत हैं। हम इन कैंपों पर नजर रखे हुए हैं और यदि कोई हरकत हुई तो हम निश्चित रूप से कार्रवाई करेंगे।" इस अवसर पर थल सेना प्रमुख ने सीएपीएफ, खुफिया एजेंसियों, नागरिक निकायों, राज्य प्रशासन और विभिन्न मंत्रालयों जैसे गृह मंत्रालय, रेल मंत्रालय आदि की भूमिका की सराहना की।

उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर स्पष्ट राजनीतिक निर्देशों और सैन्य बलों को पूर्ण स्वतंत्रता के साथ त्रि-सेवा समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। पिछले एक वर्ष में विश्वभर में सशस्त्र संघर्षों की संख्या में तीव्र वृद्धि देखी गई है। यह वैश्विक परिवर्तन एक सरल सत्य को दर्शाते हैं—जो राष्ट्र तैयार रहते हैं, वही भविष्य को सुरक्षित कर पाते हैं। भारत में भविष्य के युद्ध की रूपरेखा अब स्पष्ट रूप से आकार ले रही है, जो राष्ट्रीय स्तर के समन्वित प्रयासों से जीते जाएंगे।

जनरल द्विवेदी ने कहा कि यह समन्वय हमारी प्रयासों को एकीकृत करता है, आत्मनिर्भरता हमारी क्षमताओं को सशक्त बनाता है और नवाचार आधुनिक विचारों को धरातल पर उतारता है। पिछले 14–15 महीनों में संगठनात्मक बदलावों से जुड़े लगभग 31 सरकारी स्वीकृति पत्र अनुमोदित किए गए हैं, जिनमें एविएशन ब्रिगेड की स्थापना जैसे ऐतिहासिक निर्णय शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि आर्मी मेडिकल कोर और आर्मी एजुकेशन कोर में महिलाओं की भागीदारी को लेकर पिछले वर्ष की गई घोषणाओं के अनुरूप ठोस प्रगति हुई है। इससे न केवल लैंगिक समावेशन को बल मिला है, बल्कि सेना की पेशेवर क्षमता भी और सुदृढ़ हुई है। उन्होंने बताया कि सेना में महिला स्काइडाइविंग दल का गठन किया गया है।

गौरतलब है कि इस ऐतिहासिक टीम में वर्तमान में कई महिला सदस्य शामिल हैं, जिन्होंने अब तक लगभग 520 सफल जंप पूरे कर लिए हैं। यह दल भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका, साहस और उत्कृष्ट प्रशिक्षण का प्रतीक बनकर उभरा है।

Point of View

भारतीय थल सेना की स्थिति और उनके द्वारा उठाए गए कदमों का महत्व अत्यधिक है। यह न केवल देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि यह हमारी सुरक्षा नीति को भी मजबूत करता है।
NationPress
13/01/2026

Frequently Asked Questions

ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय थल सेना द्वारा सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों का एक हिस्सा है।
उत्तरी मोर्चे पर स्थिति कैसी है?
सेनाध्यक्ष के अनुसार, उत्तरी मोर्चे पर स्थिति स्थिर है, लेकिन सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है।
क्या बांग्लादेश के साथ बातचीत हो रही है?
हां, भारतीय सेना ने बांग्लादेश के साथ बातचीत के लिए विभिन्न चैनल खोल रखे हैं।
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