क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तरकाशी आपदा पर सीएम धामी से बात की और मदद का आश्वासन दिया?

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क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तरकाशी आपदा पर सीएम धामी से बात की और मदद का आश्वासन दिया?

सारांश

उत्तरकाशी की धराली में बादल फटने की गंभीर घटना के बाद, सीएम योगी आदित्यनाथ ने सीएम धामी से बात की। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। जानें राहत कार्यों की स्थिति और मुख्यमंत्री धामी की कार्रवाई।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की।
धराली में बादल फटने की घटना ने गंभीर स्थिति पैदा की।
राहत कार्यों में आईटीबीपी , एनडीआरएफ और सेना की टीमें शामिल हैं।

लखनऊ, 5 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में हुई बादल फटने की दर्दनाक घटना के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत की और इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया।

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की और इस कठिन समय में प्रदेश सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

धराली गांव में बादल फटने की इस गंभीर घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत अपना आंध्र प्रदेश दौरा रद्द कर दिया। मुख्यमंत्री धामी ने मंगलवार को सीधे देहरादून स्थित राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में हुई इस प्राकृतिक आपदा को लेकर गहरी चिंता प्रकट की और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक की।

धराली में आई आपदा की स्थिति पर स्टेट कंट्रोल रूम से निगरानी रखी जा रही है। गढ़वाल के कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने बताया कि धराली पहुंचने वाला संपर्क मार्ग नेताला पर बाधित है, जिसे खोलने के लिए बीआरओ की टीम कार्यरत है। इसके अलावा अन्य दो से तीन स्थानों पर भी मार्ग में बाधा आई है। आपदा प्रबंधन द्वारा भारतीय वायु सेना से भी संपर्क किया गया है, लेकिन मौजूदा खराब मौसम के कारण भारतीय वायुसेना से मदद संभव नहीं हो पा रही है।

उल्लेखनीय है कि उत्तरकाशी जिले में भूस्खलन और बादल फटने की घटना में कम से कम चार लोगों की जान चली गई है। इसके साथ ही, कई अन्य के लापता होने की आशंका भी जताई जा रही है। उत्तरकाशी में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। आईटीबीपी, एनडीआरएफ की दो टीमें और सेना की एक टीम राहत कार्य में जुटी हुई है, जिसमें लगभग 80 जवान शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश के लिए चिंताजनक है। प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने के लिए हमें हमेशा तत्पर रहना चाहिए। राहत कार्यों में तेजी लाने और पीड़ितों की मदद करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना में कितने लोग प्रभावित हुए?
उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना में कम से कम चार लोगों की जान चली गई है और कई अन्य लापता हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?
सीएम योगी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की।
राहत कार्यों में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल हैं?
राहत कार्यों में आईटीबीपी, एनडीआरएफ की टीमें और सेना शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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