3 अगस्त 2026
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वडोदरा-जारोद हाईवे हादसा: बस-ट्रक टक्कर में 6 की मौत, 26 घायल; CM भूपेंद्र पटेल ने जताया शोक

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वडोदरा-जारोद हाईवे हादसा: बस-ट्रक टक्कर में 6 की मौत, 26 घायल; CM भूपेंद्र पटेल ने जताया शोक

सारांश

गुजरात के वडोदरा-जारोद हाईवे पर बुधवार तड़के बांसवाड़ा से सूरत जा रही लग्ज़री बस सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई — 6 की मौत, 26 घायल। NDRF और फायर ब्रिगेड ने फँसे यात्रियों को निकाला। CM भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शोक जताया।

मुख्य बातें

वडोदरा-जारोद हाईवे पर 17 जून 2026 की सुबह 4 बजे भीषण बस-ट्रक टक्कर हुई।
हादसे में 6 लोगों की मौत हुई और 26 यात्री घायल हुए।
बस बांसवाड़ा, राजस्थान से सूरत, गुजरात जा रही थी; ट्रक टायर प्रेशर जाँचने के लिए सड़क किनारे खड़ा था।
NDRF , वडोदरा फायर ब्रिगेड और जारोद पुलिस ने राहत-बचाव कार्य संभाला।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने एक्स पर पोस्ट कर संवेदनाएँ व्यक्त कीं; उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी शोक जताया।
घायलों को वडोदरा सिविल अस्पताल और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

गुजरात के वडोदरा-हालोल हाईवे पर बुधवार, 17 जून 2026 की सुबह करीब 4 बजे हुई भीषण सड़क दुर्घटना में 6 लोगों की मौत हो गई और 26 यात्री घायल हो गए। वडोदरा के कोटांबी गांव के निकट कोटांबी स्टेडियम के पास यह हादसा तब हुआ जब राजस्थान के बांसवाड़ा से सूरत जा रही एक लग्ज़री बस सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

हादसे का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, बस बांसवाड़ा, राजस्थान से यात्रियों को लेकर सूरत की ओर जा रही थी। वडोदरा-जारोद मार्ग पर एक ट्रक चालक अपने वाहन के टायरों का प्रेशर जाँचने के लिए सड़क किनारे रुका हुआ था। इसी दौरान तेज़ रफ़्तार बस पीछे से ट्रक में घुस गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री बस के भीतर फँस गए।

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग और राहगीर मौके पर पहुँचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। आपातकालीन सेवाओं को भी तत्काल सूचित किया गया।

राहत एवं बचाव कार्य

सूचना मिलते ही वडोदरा फायर ब्रिगेड, पाणीगेट फायर स्टेशन और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर की टीमें घटनास्थल पर पहुँचीं। जारोद पुलिस स्टेशन ने राहत कार्य और यातायात व्यवस्था संभाली। हादसे की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम को भी बुलाया गया।

बचाव अभियान के दौरान फायर ब्रिगेड ने जेसीबी की सहायता से बस और ट्रक को अलग किया। रेस्क्यू टीमों ने बस की मुड़ी-तुड़ी लोहे की चादरें काटकर अंदर फँसे यात्रियों को बाहर निकाला।

हताहतों की स्थिति

अधिकारियों के मुताबिक, 6 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। 26 घायल यात्रियों को वडोदरा सिविल अस्पताल और आसपास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।

मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'वडोदरा-जारोद सड़क पर हुआ हादसा बेहद दुखद और दिल दहला देने वाला है। मैं परम दयालु ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि वे इस हादसे में जान गँवाने वाले लोगों की आत्माओं को शांति प्रदान करें। मेरी हार्दिक संवेदनाएँ उनके परिवार के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।'

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा, 'वडोदरा-जारोद सड़क पर घटी यह दुखद सड़क दुर्घटना अत्यंत हृदयविदारक है। इस भयावह दुर्घटना में जान गँवाने वाले नागरिकों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त करता हूँ।'

आगे की कार्रवाई

जारोद पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि वडोदरा-हालोल मार्ग पर पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं, और इस घटना ने एक बार फिर रात्रिकालीन यात्रा के दौरान हाईवे सुरक्षा तथा सड़क किनारे वाहन खड़े करने के नियमों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रात्रिकालीन हाईवे सुरक्षा की उस पुरानी खामी का नतीजा है जहाँ सड़क किनारे खड़े वाहन बार-बार जानलेवा साबित होते हैं। सवाल यह है कि हाईवे पर आपातकालीन पार्किंग के लिए निर्धारित लेन और रिफ्लेक्टर की अनिवार्यता के बावजूद ट्रक बिना किसी चेतावनी संकेत के मुख्य सड़क पर क्यों खड़ा था। गुजरात में पिछले दो वर्षों में इंटर-स्टेट बस हादसों की संख्या में वृद्धि हुई है, फिर भी रात्रिकालीन बस चालकों की थकान जाँच और वाहन फिटनेस ऑडिट को लेकर कोई ठोस नीतिगत बदलाव नहीं आया। शोक संदेशों से परे, राज्य सरकार को इस हादसे की जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वडोदरा-जारोद हाईवे हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा 17 जून 2026 की सुबह करीब 4 बजे वडोदरा के कोटांबी गांव के निकट कोटांबी स्टेडियम के पास वडोदरा-जारोद मार्ग पर हुआ।
हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हैं?
हादसे में 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 26 यात्री घायल हुए। घायलों को वडोदरा सिविल अस्पताल और आसपास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
बचाव कार्य में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
वडोदरा फायर ब्रिगेड, पाणीगेट फायर स्टेशन, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर, जारोद पुलिस स्टेशन और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने मिलकर राहत-बचाव कार्य किया। फायर ब्रिगेड ने जेसीबी की मदद से बस और ट्रक को अलग कर फँसे यात्रियों को बाहर निकाला।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने हादसे पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने एक्स पर पोस्ट कर हादसे को 'बेहद दुखद और दिल दहला देने वाला' बताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी हादसे को 'अत्यंत हृदयविदारक' कहते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई।
राष्ट्र प्रेस
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